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नाड़ी दोष और इससे बचने के कारगर उपाय

वैदिक ज्योतिष में, नाड़ी आठ अनिवार्यताओं में से एक है जो विवाह की सफलता को निर्धारित करने के लिए जरुरी… Read More

6 years ago
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राहु कुलिक पूजा- आवश्यकता और महत्व

वैदिक पूजा बहुत प्रभावशाली मानी जाती है। इससे आपके ग्रहों की स्थिति सुधरती है। आपकी कुंडली आपके जीवन में ग्रहों… Read More

6 years ago
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चिंता की अग्नी भस्मसात करे, उससे पहले यह जान ले

संदर्भ यदि कोई मनुष्य दुःखी रहता है तो वह उसका ही दोष हैं| क्यूँ की परमात्मा ने हम सबको हर्षोल्हासित… Read More

6 years ago
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इन 7 कारणों से माता लक्ष्मी घर दूर चली जाती हैं

माता लक्ष्मी को सुख समृद्धि और धन की देवी के रूप में जाना जाता है। यह जिस किसी भी व्यक्ति… Read More

6 years ago
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अष्टम भाव: कुंडली के इस भाव से चलते हैं आपके जीवन के गूढ़ रहस्य

कुंडली का अष्टम भाव गूढ़ रहस्यों से भरा माना जाता है इसलिए ज्योतिष में इसकी बहुत अहमियत है। इस भाव… Read More

6 years ago
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रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश से राशियों पर प्रभाव

रोहिणी का अर्थ होता है ‘लाल' और यह आकाश मंडल में चौथा नक्षत्र है। ज्योतिष के अनुसार यह 5 तारों… Read More

6 years ago
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सूर्य-चंद्र की युति का द्वादश भावों में फल

वैदिक ज्योतिष के अनुसार,सभी ग्रहों का राजा सूर्य व्यक्ति के पिता, अधिकार, आक्रामकता और आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं… Read More

6 years ago
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नक्षत्र- पौराणिक साहित्य और महत्व

नक्षत्र, चंद्रमा के पथ में पड़ने वाले तारों का ऐसा समूह है जो कि सौर जगत् के भीतर नहीं है।… Read More

6 years ago
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जानें कुंडली में सूर्य-मंगल की युति का प्रभाव और इसके फल

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और मंगल दोनों ही अग्नि तत्व प्रधान ग्रह हैं। इन दोनों की युति कुंडली में होने… Read More

6 years ago
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रत्न से जुडी पाश्चात्त्य और भारतीय मान्यताएं

रत्न (Gemstone) औऱ ज्योतिष शास्त्र दोनों के बीच बड़ा ही घनिष्ट संबंध है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हर एक ग्रह… Read More

6 years ago