चंद्रग्रहण 2023

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2023 में चंद्र ग्रहण

वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहण को एक कठिन समय माना जाता है। कहा जाता है कि ग्रहण भ्रम पैदा करते हैं, जीवन में कई प्रकार के बाधा उत्पन्न करते हैं और विभिन्न किस्म की परेशानी का कारण भी बनते हैं। जैसा कि नाम से ही अनुमान लगाया जा सकता है कि चंद्र ग्रहण, चंद्रमा को प्रभावित करता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा एक बहुत ही महत्वपूर्ण गणना बिंदु है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा मन, मनोदशा, विचार, मानसिकता, लिक्विड मनी, जिंदगी से जुड़ी कई अटकलों से संबंधित गतिविधियों, निवेश का कारक है। चंद्र ग्रहण के दौरान ये सभी चीजें प्रभावित हो सकती हैं और हर व्यक्ति के जीवन में इसका असर देखने को मिलता है।

चंद्र ग्रहण 2023 तिथि, समय और स्थान

  1. उपछाया चंद्र ग्रहण: 5 मई, 2023, दोपहर 1:34 बजे, 14° वृश्चिक 58′ पर। दक्षिण/पूर्वी यूरोप, अधिकांश एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, अंटार्कटिका से दृश्यमान होगा।
  2. आंशिक चंद्र ग्रहण: 28 अक्टूबर, 2023, शाम 4:24 बजे, 5° वृषभ 09′ पर। यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, उत्तर/पूर्वी दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, आर्कटिक, अंटार्कटिका से दृश्यमान होगा।

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चंद्र ग्रहण 2023 प्रकार

चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं, पूर्ण, आंशिक और उपछाया। इन तीनों चंद्र ग्रहण में सबसे खास पूर्ण चंद्र ग्रहण को समझा जाता है। दरअसल इस ग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह से घेर लेती है। यहां हम तीनों ग्रहणों को विस्तारपूर्वक समझेंगे-

पूर्ण चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है। इस दौरान चांद पृथ्वी की छाया से पूरी तरह छिप जाता है। जैसा कि आप जानते ही होंगे कि पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा बिल्कुल सीधी लाइन में होते हैं। यही कारण है कि पृथ्वी से चांद देखने पर वह हमें काला दिखाई जाता है, इस वजह से इसे चंद्र ग्रहण के नाम से जाना जाता है। हालांकि पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरने वाला कुछ सूर्य का प्रकाश चंद्रमा पर मुड़ा हुआ और बिखरा हुआ होता है। यह चंद्रमा को एक नरम चमक देता है, तब भी जब पृथ्वी चंद्रमा की सतह से सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह से बंद कर रही हो।

आंशिक चंद्र ग्रहण

आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक पूर्ण संरेखण में नहीं होते हैं। यहां तक कि पूर्ण चंद्रग्रहण भी समग्रता के दोनों ओर आंशिक प्रतीत होता है। आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान ऐसा लग सकता है कि पृथ्वी की छाया ने चंद्रमा को काट लिया है।

पेनुमब्रल (उपछाया) चंद्र ग्रहण

यह तीनों में से सबसे कम महत्वपूर्ण चंद्रग्रहण है। यह तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया के अस्पष्ट बाहरी हिस्से को पार करता है। इसे आसानी से देखा नहीं जा सकता है।

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विभिन्न राशियों पर चंद्र ग्रहण का विशेष प्रभाव

मेष:

चंद्र ग्रहण के प्रभाव के कारण मेष राशि के जातकों की सूक्ष्म, दयालु और निर्दोष होने की स्वाभाविक प्रवृत्ति नियंत्रण में हो सकती है। हालांकि यह शुभ संकेत नहीं है। आपको अपने मूल स्वभाव के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। आप जैसे हैं, दुनिया के सामने वैसे ही प्रस्तुत हों। आपके भविष्य के लिए यह बहुत जरूरी है।

वृषभ:

यह चंद्र ग्रहण आपके लिए विशेष खबर लेकर नहीं आएगा। आपकी सफलता की राह में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं, करियर क्षेत्र के सही विकल्प को चुनने में काफी कठिनाई आएगी। जिस क्षेत्र में आप पहले से ही कार्यरत हैं, वहां उत्साह के साथ काम करने में अड़चनें महसूस करेंगे। छात्रों के लिए समय उचित नहीं रहेगा। उन्हें लग सकता है कि वर्तमान पाठ्यक्रम में कुछ गड़बड़ है।

मिथुन:

चंद्र ग्रहण मिथुन राशि के जातक की रचनात्मक कौशल को बेहतर बनाएगा। इसकी मदद से आप अपने भविष्य को संवार सकते हैं और अपने करियर को एक नई दिशा दे सकते हैं। आपकी रचनात्मक कौशल को लोगों के सामने पहचान मिलेगी और उसे खूब सरहाया जाएगा।

कर्क:

चंद्र ग्रहण की वजह से आपके घरेलू सुख और निजी संपत्ति पर प्रभाव देखने को मिलेगा। कर्क राशि के कुछ जातकों में चंद्र ग्रहण के कारण वैराग्य भाव, भावनाओं की कमी और निराशा-हताशा के भाव भी दिखेंगे। हालांकि आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा बनी रहेगी।

सिंह:

इस समयावधि के दौरान सिंह राशि के जातकों के अंदर हर वस्तु, घटनाक्रम आदि को देखने की एक अलग समझ विकसित होगी। यह गुण इन जातकों के काफी काम आएगा।

कन्या:

चंद्र ग्रहण आपको अपनी जरूरतों को समझने और जानने की समझ विकसित करेगा। इस वजह से आप अपनी जरूरतों को सही समय पर प्राथमिकता सूचि में ढाल सकेंगे। इससे आपकी जिंदगी में सहजता आ सकती है।

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तुला:

चंद्र ग्रहण आपकी भावनाओं को प्रभावित करेगा। आप हर काम इमोशनल होकर करेंगे। कुछ मायनाें में ताे यह सही हो सकता है। लेकिन व्यवहारिक होकर काम किया जाना जीवन के लिए अत्यधिक आवश्यक होता है।

वृश्चिक:

इस दौरान आपके जीवन में संतुलन बना रहेगा। साथ ही आप अपने जीवन के कई मायनों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। यह बात जिंदगी में आगे बढ़ने में काफी काम आएगी।

धनु:

इस राशि के जातकों को लोगों से मेलमिलाप करना अच्छा लगेगा। साथ ही ये लोग मित्रों और संगठन के महत्व को समझेंगे। यह आपके रिश्तों को निभाने के सही संकेत दे रहा है।

मकर:

आपके करियर में सफलता और तरक्की के नए अवसर आएंगे। वेतन में वृद्धि हाने की संभावना बनेगी और पदोन्नति के रूप में जो नई जिम्मेदारियां आप पर आएंगी, आप उन्हें बखूबी निभाएंगे।

कुंभ राशि:

चंद्र ग्रहण के कारण कुंभ राशि के जातकों को अपने जीवन में अथक प्रयास करने होंगे। ऐसा सिर्फ नौकरी या व्यवसाय के लिए ही आवश्यक नहीं होगा बल्कि निजी जीवन में यह भी बहुत महत्वपूर्ण हो जाएगा।

मीन राशि:

चंद्र ग्रहण आपके लिए मिश्रित परिणाम लाएगा। आपके जीवन में उतार-चढ़ाव हाेंगे तो कुछ अच्छी घटनाएं भी घटेंगी। वैसे आपको चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह जल्द बीत जाएगा और ग्रहण खत्म होते ही सब चीजें सामान्य हो जाएंगी।

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चंद्र ग्रहण 2023: इन चीजों से बचें

कई लोग चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक का पालन करते हैं। असल में यह एक परहेज की अवधि होती है। इस समयकाल में कई नियम होते हैं, जिनका आवश्यक तौर पर पालन किया जाना चाहिए। यह समयावधि ग्रहण शुरू होने के कुछ घंटों पहले ही शुरू हो जाती है और समाप्त हाेने तक बनी रहती है। चंद्र ग्रहण के दौरान खाने से परहेज किया जाना चाहिए और ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना चाहिए। इसके बाद ही भोजन किया जाता है। इसके अलावा कई अन्य जानने की योग्य बातें भी हैं जैसे-

  • सूतक काल के दौरान यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  • कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन करने से बचना चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और घर में ही रहना चाहिए। बाह्य रोशनी से खुद को बचाकर रखना चाहिए।
  • वैसे तो चंद्र ग्रहण को आंखों के लिए हानिकारक नहीं माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञाें सुझाव देते हैं कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा नहीं देखना चाहिए।
  • ग्रहण के जरिए अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए लोगों को ग्रहण के दौरान प्रार्थना, ध्यान और साधना करनी चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव (चंद्रमा के स्वामी) की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा से बचने में मदद मिलती है। इस दौरान आप निम्न मंत्र का जाप कर सकते हैं- "ओम नमः शिवाय || ”

चंद्र ग्रहण 2023: गर्भवती महिलाएं बरतें जरूरी सावधानियां

गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है जैसे-

  • ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें।
  • ग्रहण देखने की कोशिश न करें। इसका गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
  • इस दौरान उपवास नहीं किया जाना चाहिए। गर्भवती महिलाएं ग्रहण शुरू होने से एक घंटे पहले उचित भोजन अवश्य कर लें।
  • ग्रहण के दौरान ढीले और आरामदायक वस्त्र धारण करें।
  • बालों को कसकर नहीं बांधें।
  • ग्रहण के दौरान दूर्वा घास अपने पास रखें
  • अपने आसपास कोई भी नुकीली चीज न रखें। ऐसी वस्तु को हाथ में भी न उठाएं।
  • ग्रहण के समय न तो कैंची, चाकू से कोई चीज काटें और न ही सिलाई आदि का काम करें।
  • इस समय किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक तनाव लेने से बचें।
  • ग्रहण समाप्त होते ही खुद को शुद्ध करें यानी स्नान करें।
  • संतान गोपाल मंत्र का जाप करें- “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते देहि में तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः”

चंद्र ग्रहण 2023 का स्वास्थ्य पर प्रभाव

चंद्र ग्रहण का स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। इसलिए चंद्र ग्रहण के समय स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसकी हमें पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि हम खुद को बुरी स्थिति आने से पहले ही बचा सकें।

  • जैसा कि आप जानते हैं कि सूर्य ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता है। जबकि चंद्र ग्रहण को आप देख सकते हैं। इसके लिए आपको किसी तरह के चश्मे या सुरक्षात्मक उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। इसके बावजदू सलाह दी जाती है कि आप चंद्र ग्रहण देखने से बचें।
  • यह भी माना जाता है कि स्त्री के मासिक चक्र और चंद्र चक्र का आपस में संबंध है। इसलिए चंद्र ग्रहण मासिक धर्म चक्र को सिंक्रनाइज़ करने में मदद कर सकता है।
  • प्रजनन क्षमता पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। लोकप्रिय मान्यता है कि चंद्रमा को प्रजनन क्षमता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए चंद्र ग्रहण की अवधि ऑव्यूलेट करने वाली महिलाओं के लिए गर्भवती होने का अनुकूल समय हो सकता है।
  • ज्योतिष शास्त्र 2023 की मानें तो इस समय लगने वाला चंद्र ग्रहण खाद्य पदार्थों को प्रभावित करता है। इसलिए ग्रहण के दौरान अन्न, जल लेने से बचना चाहिए। यही नहीं, अगर चंद्र ग्रहण के समय से पहले घर में पका हुआ भोजन रखा हुआ है, तो उसे ग्रहण के बाद त्याग देना चाहिए यानी फेंक देना चाहिए। ग्रहण के बाद आप अपने लिए ताजा आहार बनाएं।
  • चंद्र ग्रहण 2023 का जातकों के मन-मस्तिष्क पर भी गहरा असर पड़ता है। इससे चिंता तथा अवसाद के लक्षण और भी बिगड़ सकते हैं। यहां तक कि जो जातक पहले से ही अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं, उनकी परेशानी और भी बढ़ सकती है।

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चंद्र ग्रहण 2023 में ग्रहण के प्रभाव से बचने के उपाय

वैदिक पुराणों के अनुसार, चंद्रमा कई चीजों का प्रतिनिधित्व करता है जैसे शक्ति, ऊर्जा, भावना और सपने। जिन लोगों के भाग्य में चंद्रमा से संबंधित समस्याएं हैंख् उन्हें चंद्र ग्रहण के दौरान सतर्क रहना चाहिए। यह समय उनके लिए कई तरह की बाधाएं और मुश्किलें लेकर आएगा। यहां हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं, जिन्हें आजमाकर आप अपनी मुश्किलों को कम कर सकते हैं-

  • चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-प्रार्थना करें। अपने ईष्ट देव को याद करें।
  • ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए ओम नमः शिवाय का जाप करें। इसके अलावा दुर्गा मंत्र, मृत्युंजय जाप, दुर्गा मंत्र और गणेश मंत्र का भी उच्चारण किया जा सकता है।
  • जिन लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें रक्त चंद्र ग्रहण के दौरान रोग निर्वाण पूजा करनी चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण में नाम, प्रसिद्धि, समृद्धि और ऐश्वर्य प्राप्त करने के लिए श्रद्धापूर्वक भगवान का नाम जप करें।
  • जैसा कि पहले ही बताया गया है कि चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ भी खाने से बचना चाहिए और जो पहले से पका हुआ भोजन है, उसे त्याग देना चाहिए। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी मौजूद है। विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्र ग्रहण की अवधि के दौरान कुछ विषाक्त गैसें और पदार्थ उत्पन्न होती हैं, जो भोजन के साथ मिश्रित हो सकती है। इससे भोजन जहर समान हो जाता है। इसे खाने से तबियत बिगड़ सकती है या फिर आपको कुछ अशुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। इसलिए इस दौरान भोजन के सेवन से बचना चाहिए।

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चंद्र ग्रहण 2023: क्या करें-क्या न करें

हिंदू धर्म के अनुसर ग्रहण के दौरान हमें बहुत कुछ करने से बचना चाहिए। इन्हें हम आपको टिप्स में बता रहे हैं-

  • चंद्र ग्रहण को नग्न आंखों से देखने से बचना चाहिए। अगर देखना ही है तो दूरबीन या अन्य उपकरण की मदद ले सकते हैं।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद खुद भी नहाएं और घर में सभी सदस्यों को कहें कि वह भी नहा-धोकर स्वच्छ कपड़ें पहनें।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद जरूरतमंद लोगों को मन मुताबिक कुछ भी दान दें। आप चाहें तो पैसे, कपड़े, भोजन आदि दान स्वरूप दे सकते हैं।
  • चंद्र ग्रहण शुरू होने के दौरान मंदिर जाना या कोई भी पवित्र कार्य नहीं करना चाहिए। हलांकि चंद्र ग्रहण समाप्त होने तक आप मन में मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इससे ग्रहण के दौरान जो नकारात्मक ऊर्जाएं प्रविष्ट करती हैं, वे नष्ट हो जाएंगी।
  • चंद्र ग्रहण के समय न तो खुद घर से बाहर निकलें और न ही घर के अन्य सदस्यों को घर से बाहर जाने दें।
  • ग्रहण के दौरान भोजन पकाना अशुभ माना जाता है। ग्रहण के बाद भी कुछ घंटों तक भोजन न पकाएं।

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