हनुमान मंत्र

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हनुमान मंत्र: अर्थ, लाभ और जप करने के तरीके

हिंदू धर्म में पूजे जाने वाले संकट मोचन हनुमान भगवान सबसे लोकप्रिय और समर्पित देवताओं में से एक हैं। भगवान हनुमान को भगवान राम के भक्त के रूप में और उनके साहस तथा दयालु स्वभाव के लिए भी पूजा जाता है। भगवान हनुमान, भगवान राम की सेनाओं के प्रमुख थे। इस प्रकार भगवान राम के जीवन और महाकाव्यों में उनका विशेष महत्व है। उनकी निर्भयता और पराक्रम ने लोगों को यह विश्वास दिलाया है कि भगवान हनुमान की पूजा करने से जातक को जीवन में सभी प्रकार की समस्याओं से लड़ने की शक्ति मिलती है। ज्योतिष में भगवान हनुमान को पूजे जाने के कई तरीके हैं, उन्हीं में से एक है हनुमान मंत्र का जाप करना। ऐसा कहा जाता है कि हनुमान मंत्र का जाप न केवल आपके आंतरिक मन को शांत करता है, बल्कि किसी को भी अपने भीतर और आसपास से सभी प्रकार की समस्याओं, भय और नकारात्मक ऊर्जाओं से छुटकारा पाने में भी मदद करता है।

पूर्ण इतिहास में भगवान हनुमान जी को कई नाम प्रदान किए गए हैं। ज्योतिषियों के अनुसार हनुमान जी अंजनेय, अंजनी पुत्र, बजरंगबली, हनुमान, महावीर, मारुति, पवनपुत्र आदि नामों से जाने जाते हैं। हनुमान जी को वानर भगवान भी कहा जाता है। वह वायु या पवन देवता के पुत्र हैं। हनुमान की माता अंजनी हैं। इतिहास में न केवल रावण के साथ उनकी बातचीत और लंका को जलाना प्रसिद्ध है बल्कि हनुमान जी ने जब भगवान शनि को रावण के प्रकोप से बचाया था तब उनके बीच हुई बातचीत के लिए भी जाना जाता है।

हनुमान मंत्र

भगवान शनि और हनुमान की बातचीत

कहानी यह है कि रावण ने शनि को पिंजरे में कैद कर लिया था। जब भगवान हनुमान लंका में सीता से मिलने आए, तो उन्होंने शनि को काले कपड़े से ढके एक पिंजरे के अंदर रोते हुए सुना। ऐसी मान्यता है कि शनि की आंखों में सीधे देखने से दुर्भाग्य आता है इसलिए पिंजरे को काले कपड़े से ढक दिया गया था। इसके बावजूद, भगवान हनुमान ने भगवान शनि को बचाने का फैसला किया। जैसे ही उन्होंने शनि देव को बचाने के लिए पिंजरा खोला, शनि की दृष्टि उन पर पड़ गई। हालांकि शनि हनुमान द्वारा बचाए जाने पर उनके प्रति आभारी थे, बावजूद इसके हनुमान जी शनि के दोषों से बच नहीं पाएं, क्योंकि शनि देव की सीधी दृष्टि हनुमान पर पड़ी थी।

भगवान हनुमान ने शनि देव को अपने सिर पर विराजमान होने दिया। हालांकि हनुमान जी निरंतर अपने शत्रुओं के साथ युद्ध करते थे, अपने सिर की मदद से दुश्मनों को कुचल देते थे और बड़े-बड़े पत्थरों को सिर पर उठाते थे। हनुमान जी की इस तरह के क्रियाकलाप से शनि देव को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और अंतत: शनि देव इससे विरक्त हो गए, जिससे उन्होंने हनुमान जी का सिर छोड़ने का निर्णय लिया। इस तरह भगवान शनि के साढ़े साती समाप्त हो गए। यहां तक कि शनि देव ने भगवान हनुमान को यह आशीर्वाद भी दिया कि वे और उनके उपासकों को कभी भी साढ़े साती या शनि दोष की वजह से कष्ट नहीं होगा।

उसी समय से शनि के हानिकारक प्रभावों को दूर करने के लिए लोगों द्वारा हनुमान जी की पूजा की जाती है। हनुमान जी की उपासना करने का एक माध्यम हुनमान मंत्र भी है।

हनुमान मंत्र कैसे मदद करते हैं?

आप अलौकिक शक्तियों पर विश्वास करें या न करें, लेकिन मान्यता यह है कि भूत, शैतान या किसी भी तरह की बुरी आत्माएं उस व्यक्ति को कभी परेशान नहीं करतीं, जो नियमित रूप से हनुमान मंत्र (hanuman mantra) का उच्चारण करते हैं। हनुमान मंत्र का जाप असीमित ऊर्जा और शक्ति से भर देता है। साथ ही, जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि नियमित रूप से हनुमान मंत्र का उच्चारण करने से आपको शनि या साढ़े साती के हानिकारक प्रभावों से लड़ने में भी मदद मिलती है।

जैसा कि भगवान हनुमान को प्रभु शिव का अवतार कहा जाता है। इस वजह से विभिन्न प्रकार के हनुमान मंत्रों का जप करने से भगवान शिव को प्रसन्न करने में भी मदद मिलती है। कुल मिलाकर कहने की बात ये है कि विभिन्न हनुमान मंत्रों की मदद से जातक को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।

महत्वपूर्ण हनुमान मंत्र

1. हनुमान बीज मंत्र (hanuman beej mantra)

मंत्र जाप, ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। वैदिक विज्ञान में कई प्रकार के मंत्र हैं और बीज मंत्र उनमें से एक है। प्रत्येक देवता का एक विशिष्ट बीज मंत्र (beej mantra) होता है, जो केवल एक शब्द तक सीमित होता है। उदाहरण के लिए, "ओम" एक बीज मंत्र है। उस मंत्र को अतिरिक्त शक्ति प्रदान करने के लिए इन शब्दों या बीज मंत्रों को अन्य मंत्रों के साथ जोड़ा जाता है।

यदि आप पूरी निष्ठा के साथ एकाग्र होने में सक्षम हैं, तो बीज मंत्र आपकी समस्याओं का समाधान करने का सबसे शक्तिशाली स्रोतों में से एक है। हिंदू परंपरा के अनुसार, हनुमान बीज मंत्र (hanuman beej mantra) का उच्चारण, भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक प्रभावशाली तरीका है।

हुमना बीज मंत्र है:

|| ॐ ऐं भ्रीम हनुमते,

श्री राम दूताय नम: ||

अर्थ- मैं भगवान हनुमान, जो कि भगवान श्री राम के सबसे बड़े सेवादार और दूत हैं, को नमन करता हूं।

हनुमान बीज मंत्र के जाप के लाभ
  • हनुमान बीज मंत्र का जाप भगवान को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा और प्रभावशाली तरीका है।
  • हनुमान बीज मंत्र का जाप करने से आपकी एकाग्रता शक्ति बढ़ती है और आप सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो जाते हैं।
  • यह शनि की साढ़े साती के हानिकारक प्रभावों से लड़ने में भी मदद करता है।
  • बीज मंत्र शारीरिक बल, क्षमता और सहनशक्ति प्राप्त करने में मदद करता है।
  • माना जाता है कि हनुमान बीज मंत्र भूतों और आत्माओं को दूर करने तथा बुखार और मिर्गी जैसी बीमारियों से बचाता है।
  • बीज मंत्र का जाप करके भगवान हनुमान को प्रसन्न करने से व्यक्ति को साहस और आत्मविश्वास के गुण प्राप्त होते हैं।
  • यह मंत्र आपको ऊर्जावान जीवन जीने में मदद करता है।
हनुमान बीज मंत्र का जाप करने का सर्वोत्तम समय सूर्योदय के दौरान
इस मंत्र का जाप करने की संख्या 108
हनुमान बीज मंत्र का पाठ कौन कर सकता है? कोई भी
किस दिशा की ओर मुख करके इस मंत्र का जाप करें पूर्व
2. हनुमान मूल मंत्र (hanuman moola mantra)

आमतौर पर जीवन में किसी भी तरह की बाधा को दूर करने के लिए हनुमान मूल मंत्र का जाप किया जाता है। इसके साथ ही यह मंत्र कपल्स के लिए उपयोगी है, खासकर उन जोड़ों के लिए जिनका समय कठिन चल रहा है। चूंकि भगवान हनुमान कलियुग में वरदान देने वाले देवताओं में से एक हैं, इसलिए हनुमान मूल मंत्र का जाप उन्हें प्रसन्न करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।

हनुमान मूल मंत्र है:

|| ॐ श्री हनुमते नमः ||

अर्थ - मैं हनुमान जी को प्रणाम करता हूँ।

हनुमान मूल मंत्र के जाप के लाभ
  • कोई भी व्यक्ति हनुमान मूल मंत्र का जाप करके विभिन्न तरह की परेशानियों से छुटकारा पा सकता है।
  • हनुमान मूल मंत्र को क्रिया सिद्धि मंत्र के रूप में भी जाना जाता है। इसलिए यह मंत्र पराजय पर काबू पाने में मदद करता है।
  • नौकरी चाहने वाले, व्यवसायी और पढ़ाई में कमजोर छात्रों को इस शक्तिशाली हनुमान मंत्र का उच्चारण अवश्य करना चाहिए।
  • भावनात्मक या शारीरिक कष्ट से पीड़ित लोगों को इस मंत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए।
  • वैवाहिक या घरेलू समस्याओं का सामना कर रहे किसी भी विवाहित जोड़े को इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
हनुमान मूल मंत्र का जाप करने का सर्वोत्तम समय सूर्योदय के दौरान
इस मंत्र का जाप करने की संख्या 108
इस मंत्र का पाठ कौन कर सकता है? कोई भी
किस दिशा की ओर मुख करके इस मंत्र का जाप करें पूर्व
3. हनुमान गायत्री मंत्र (hanuman gayatri mantra)

भगवान हनुमान सात चिरंजीवियों में से एक हैं, जिसका अर्थ है अमर प्राणी जो कलियुग के अंत तक पृथ्वी पर जीवित रहेंगे। इसलिए गायत्री मंत्र (gayatri mantra) के माध्यम से भगवान हनुमान की पूजा करने से जातक को अमरता का आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। जैसा कि भगवान हनुमान को सबसे कोमल हृदय देवता के रूप में जाना जाता है, इसलिए उन्हें वरदान देने वाले देवता के रूप में भी जाना जाता है।

हनुमान गायत्री मंत्र यह है

|| ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।

तन्नो हनुमत् प्रचोदयात् ||

अर्थ - हम देवी अंजनी के पुत्र और पवन के पुत्र से प्रार्थना करते हैं। भगवान हनुमान हमें ज्ञान और बुद्धि की ओर ले जाइए।

हनुमान गायत्री मंत्र का जाप करने के लाभ
  • संतानप्राप्ती की कामना रखने वाले विवाहित जोड़े, जो गर्भधारण नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें हनुमान गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • शनि की साढ़े साती के दुष्प्रभाव से पीड़ित व्यक्ति को इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • भगवान हनुमान शक्ति, सहनशक्ति, निष्ठा और भक्ति के अवतार हैं, इसलिए हनुमान गायत्री मंत्र का जाप आपको उनके जैसे गुणों को विकसित करने में मदद करेगा।
  • चूंकि यह मंत्र किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव करता है, इसलिए यात्रा पर जाते समय हमेशा इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
हनुमान गायत्री मंत्र का जाप करने का सर्वोत्तम समय मंगलवार, शनिवार सूर्योदय के दौरान
इस मंत्र का जाप करने की संख्या 108
हनुमान गायत्री मंत्र का पाठ कौन कर सकता है? कोई भी
किस दिशा की ओर मुख करके इस मंत्र का जाप करें पूर्व दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या यंत्र के सामने बैठकर
4. अंजनेय मंत्र (anjaneya mantra)

हनुमान जी का दूसरा नाम अंजनेय है और भगवान हनुमान के इस नाम से जुड़ा एक समर्पित मंत्र है। ज्योतिषियों के अनुसार, अंजनेय मंत्र का जाप कामकाजी जातकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि यह उनके कौशल और रचनात्मकता की वृद्धि करता है। यह मंत्र आपके लक्ष्यों को स्पष्ट करने में मदद करता है और उसके अनुसार काम करने के लिए प्रेरित करता है।

ये है आंजनेय मंत्र:

ॐ श्री वज्रदेहाय रामभक्ताय वायुपुत्राय नमःस्तुते ।

अर्थ - मैं वज्र से बने शरीर वाले भगवान हनुमान को नमन करता हूं, जो भगवान राम के भक्त और वायु के पुत्र हैं।

आंजनेय मंत्र के जाप के लाभ
  • यदि आप नौकरी की तलाश में हैं या साक्षात्कार के लिए जा रहे हैं, तो इस मंत्र का जाप करें।
  • जो छात्र किसी भी प्रकार की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए अंजनेय मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के लिए भी यह हनुमान मंत्र उपयोगी है।
  • मंत्र आपके जीवन में आने वाली किसी भी प्रकार की समस्या को दूर करने में भी मदद कर सकता है
हनुमान अंजनेय मंत्र का पाठ करने का सर्वोत्तम समय गुरुवार, सूर्योदय के दौरान
हनुमान अंजनेय मंत्र का जाप करने की संख्या 11
इस मंत्र का पाठ कौन कर सकता हैं? कोई भी
किस दिशा की ओर मुख करके पाठ करें पूर्व दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या यंत्र के सामने बैठकर
मनोजवं मारुततुल्यवेगम मंत्र (manojavam maarutatulyavegam mantra)

भगवान हनुमान इंद्रियों के स्वामी हैं और वह रचनात्मकता बुद्धि के लिए सम्मानित हैं। जिस प्रतिस्पर्धी दुनिया में हम रहते हैं, हम निश्चित रूप से इनमें से कुछ गुणों का उपयोग अपनी बेहतरी के लिए कर सकते हैं। इसलिए, मनोजवं मारुततुल्यवेगम मंत्र के माध्यम से भगवान हनुमान की पूजा करने से आपको अपने लिए उन गुणों को प्राप्त करने में मदद मिलती है।

मनोजवं मारुततुल्यवेगम मंत्र है:

|| मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।

वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये ||

अर्थ - अर्थ - हम उसकी प्रार्थना करते हैं जो विचार जैसा तीव्र है (मनोजवं), जो हवा से अधिक शक्तिशाली है, जिसने अपनी इंद्रियों को जीत लिया है, जो बुद्धिमान प्राणियों में सर्वोच्च है, पवन पुत्र -भगवान, वन प्राणियों की सेना के सेनापति हैं। मुझे भगवान राम के दूत और अतुलनीय भगवान हनुमान की शरण लेने दो। कृपया मुझे और मेरी प्रार्थनाओं को अपने चरणों में स्वीकार करें।

मनोजवं मारुततुल्यवेगम मंत्र के लाभ
  • मनोजवं मारुततुल्यवेगम मंत्र का उच्चारण करने से मनुष्य में बुद्धि का संचार होता है।
  • यह मंत्र जातक को परिपक्व रूप से सोचने में मदद करता है और आत्म-केंद्रित या स्वार्थी होने से रोकता है।
  • यह मंत्र मन और मस्तिष्क के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है जिससे व्यक्ति बेहतर निर्णय लेने में सफल होता है।
  • हनुमान मनोजवं मारुततुल्यवेगम मंत्र आपको बोलने से पूर्व अच्छी तरह सोचने के लिए प्रेरित करता है।
मनोजवम मारुततुल्यवेगम मंत्र का पाठ करने का सबसे अच्छा समय गुरुवार, सूर्योदय के दौरान
मंत्र का जाप करने की संख्या 1008, 40 दिनों की अवधि के भीतर
मनोजवं मारुततुल्यवेगम मंत्र का पाठ कौन कर सकता है? कोई भी
किस दिशा की ओर मुख करके जाप करें पूर्व दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या यंत्र के सामने बैठकर
6. कार्य सिद्धि हनुमान मंत्र (karya siddhi hanuman mantra)

हनुमान कार्य सिद्धि मंत्र में 'कार्य' शब्द का अर्थ है प्रयास और 'सिद्धि' का अर्थ है पूर्ति या सफलता। इस मंत्र के जाप से अपने प्रिय कार्य में सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर किसी काम को करने का कोई तरीका नहीं सूझ रहा है या आपका कोई काम (जैसे अदालती मामले) लंबे समय से अटका हुआ है जबकि इसकी वजह आप नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में भी कार्य सिद्धि हनुमान मंत्र आपके काम आ सकता है। जीवन में धन और सफलता को आकर्षित करने के लिए भी इस मंत्र का जाप किया जाता है। एक जातक हनुमान क्रिया सिद्धि मंत्र का जाप करके अपने जीवन में किसी भी प्रकार की बाधा को दूर कर सकता है।

ये है कार्य सिद्धि हनुमान मंत्र

त्वमस्मिन कार्य नियोगे प्रमाणिक हरिसत्तमा |

हनुमान यात्नमास्ता दु: ख क्ष्य करोभाव ||

अर्थ - हे हनुमान तुम वानरों में श्रेष्ठ हो! हे हनुमान! मेरे दुर्भाग्य को दूर करने वाले बनो क्योंकि आप इस कार्य को करने में सक्षम हैं।

हनुमान कार्य सिद्धि मंत्र का जाप करने के लाभ
  • नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने वाले जातक के जीवन में खुशियां लाने के लिए यह मंत्र जाना जाता है।
  • जब आपके जीवन में बाधाएं आती हैं या फिर जिंदगी के किसी बिंदु पर खुद को फंसा हुआ पाते हैं, तो हनुमान क्रिया सिद्धि मंत्र जीवन को सुचारू रूप से चलाने में आपकी मदद कर सकता है।
  • दैव्य बल में सबसे अच्छा समर्थन, जिसका अर्थ है ईश्वर से मिलने वाला दिव्य समर्थन। इस मंत्र का जाप करने से आपको भगवान हनुमान का समर्थन प्राप्त करने में मदद मिलती है।
  • इसके साथ ही हमेशा यह याद रखें कि जब भी आप कार्य सिद्धि मंत्र का जाप करें, तब आपके मन में किसी के प्रति यहां तक कि अपने शत्रु के प्रति भी द्वेष नहीं होना चाहिए और न ही उसके पतन के बारे में इस दौरान आपको सोचना चाहिए।
हनुमान कार्य सिद्धि मंत्र का जाप करने का सर्वोत्तम समय शनिवार सूर्यादय के दौरान
इस मंत्र के जाप करने की संख्या 40 दिनों के लिए 1100 बार
हनुमान कार्य सिद्धि मंत्र का जाप कौन कर सकता है? कोई भी
किस दिशा की ओर मुख करके इस मंत्र का जाप करें पूर्व दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या यंत्र के सामने बैठकर
7. भक्त हनुमान मंत्र (bhakt hanuman mantra)

यदि आप भगवान हनुमान के धर्मनिष्ठ भक्त हैं, तो भक्त हनुमान मंत्र सिर्फ आपके लिए है। यदि आप शनिवार को हनुमान मंदिर जाते समय मार्ग में इस मंत्र का उच्चारण करते हैं तो यह मंत्र सबसे अच्छा काम करता है। भक्त हनुमान मंत्र का पाठ मानसिक अवसाद और नकारात्मक विचारों से लड़ने में मदद करता है। मंत्र जाप आपको भगवान के करीब लाता है और आपको जीवन में अपने उद्देश्य को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है।

ये है हनुमान भक्त मंत्र

अंजनीगर्भित संभूत कपूर

रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमं रक्ष सर्वदा॥

अर्थ - मैं हनुमान की शरण लेता हूं जो माता अंजनी के गर्भ से उत्पन्न हुए थे, और जो सुग्रीव के राजा के सबसे उत्कृष्ट मंत्री थे। जो श्री राम को अत्यंत प्रिय हैं; मैं आपको नमन करता हूं, हे हनुमान, कृपया मेरी हमेशा रक्षा करें।

भक्त हनुमान मंत्र का जाप करने के लाभ
  • हनुमान भक्त मंत्र विशेष रूप से उन जातकों के लिए है जो भगवान मंगल के हानिकारक प्रभावों के कारण जीवन में समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
  • ज्योतिष में किसी भी अन्य मंत्र की तुलना में भगवान हनुमान के भक्तों की समस्याओं को तेजी से दूर करने में भगवान हनुमान भक्त मंत्र का जाप मदद करता है।
  • हनुमान मंत्र जातक को विद्वान और भावनात्मक रूप से स्थिर बनाता है।
  • भक्त मंत्र जातक को भगवान हनुमान जी के करीब लाता है।
भक्त हनुमान मंत्र का पाठ करने का सबसे अच्छा समय शनिवार सूर्यादय के दौरान
इस मंत्र के जाप करने की संख्या रोजाना 8 बार
भक्त हनुमान मंत्र का जाप कौन कर सकता है? कोई भी
किस दिशा की ओर मुख करके इस मंत्र का जाप करें पूर्व दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या यंत्र के सामने बैठकर
8. हनुमान मंत्र (hanuman mantra)

ज्योतिषियों के अनुसार अपने जीवन के किसी भी पहलू या परिस्थिति में तत्काल परिणाम प्राप्त करने के लिए हनुमान मंत्र का जाप किया जाता है। किसी बात का डर हो या सफलता में बाधा, हनुमान मंत्र का जाप किसी भी स्थिति से आसानी से निपटने में मदद कर सकता है।

ये है हनुमान मंत्र

ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा।

अर्थ - मैं शक्तिशाली अंजना के पुत्र भगवान हनुमान को नमन और आत्मसमर्पण करता हूं।

हनुमान मंत्र के लाभ
  • इस मंत्र का जाप बीमारियों, बुरी आत्माओं और जीवन में अन्य प्रकार की परेशानी को दूर करने के लिए किया जाता है।
  • इस मंत्र का कहीं से भी इसका पाठ किया जा सकता है और यह मंत्र तुरंत काम करता है। यह मन की स्थिरता प्राप्त करने में भी मदद करता है।
  • इस मंत्र को जप करने के बजाय मंत्र को सुनने से भी मन शांत होने में मदद मिल सकती है और अच्छी नींद आती है।
  • यह मंत्र मनुष्य में साहस और शक्ति प्रदान करता है।
हनुमान मंत्र का जाप करने का सर्वोत्तम समय किसी भी समय
इस मंत्र के जाप करने की संख्या 108 बार रोज़
हनुमान मंत्र का जाप कौन कर सकता हैं? कोई भी
इस मंत्र का जाप किस दिशा की ओर मुख करके करें पूर्व दिशा में हनुमान जी की मूर्ति या यंत्र के सामने बैठकर

हनुमान मंत्र जाप के समग्र लाभ (overall benefits of chanting hanuman mantra)

  • ज्योतिषियों के अनुसार भगवान हनुमान शक्ति और साहस के स्रोत हैं इसलिए हनुमान मंत्र का जाप करने से आपको परेशानियों और समस्याओं को दूर करने के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की शक्ति मिल सकती है।
  • हनुमान मंत्र आपको परिस्थितियों के प्रति लचीला बनाता है, इसलिए जब आप इस मंत्र का नियमित रूप से उच्चारण करते हैं, तो इस बात की संभावना बढ़ती है कि सबसे विकट परिस्थितियों से भी आप जूझने में सफल होंगे।
  • हनुमान मंत्रों का जाप करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, खासकर अवसाद और तनाव से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है।
  • ज्योतिषियों का दावा है कि उन्होंने कई ऐसे उदाहरण देखे हैं, जहां कोमा जैसी स्वास्थ्य स्थिति से मरीज इसलिए ठीक हो पाए हैं, क्योंकि उनके अपने परिजनों ने नियमित रूप से उनके पास हनुमान मंत्र का जाप किया है।
  • यह एक तथ्य है कि हनुमान मंत्र का जाप करने से जातक को उसके आस-पास मौजूद बुरी आत्मा या भूतों के प्रभाव से बचाने में मदद करता है।
  • कई खिलाड़ी अपनी किसी भी प्रतियोगिता से पहले हनुमान मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करने का दावा करते हैं। हनुमान मंत्र उन्हें अपने प्रयास में बेहतर करने के लिए आवश्यक सहनशक्ति, साहस और शक्ति प्रदान करता है।
  • भगवान हनुमान न केवल शारीरिक शक्ति प्रदान करते हैं बल्कि मानसिक शक्ति भी देते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, हनुमान मंत्र का जाप करने से जातक को जीवन के सभी पहलुओं में सही निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
  • जो जातक पूरे श्रद्धाभाव से हनुमान मंत्र का उच्चारण करते हैं, भगवान हनुमान उनकी सफलता अवश्य सुनिश्चित करते हैं।
  • हनुमान मंत्र का जाप करने से कर्ज या असफल विवाह की समस्याएं भी दूर हो सकती हैं। हनुमान मंत्र आपको आवश्यक सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है ताकि आप अपने जीवन में इस तरह की समस्याओं को दूर कर सकें।
  • ज्यादातर समय हमारा डर ही हमें जीवन में कुछ बड़ा करने से रोकता है। हनुमान मंत्र आपको अपने डर का डटकर सामना करने और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से बहादुरी से लड़ने का साहस प्रदान करता है।
  • हनुमान मंत्र जातक के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है और यह शत्रुओं के बुरे इरादों से आपको बचाता है।
  • हनुमान मंत्र यह सुनिश्चित करने के लिए आपके ध्यान को प्रज्वलित करता है कि आप जो भी करते हैं, उसे अत्यंत स्पष्टता और भक्ति के साथ करते हैं।
  • हनुमान मंत्र आपके शरीर, मन और आत्मा को नकारात्मक प्रभावों से शुद्ध करते हैं। यह आपके जीवन को पवित्र और बुरे प्रभावों से मुक्त बनाता है।
  • जहां कई लोग बुरी नजर से खुद को बचाने के लिए मंत्र जाप करना होता है, वहीं हनुमान मंत्र का साधारण जप भी आपको बुरी नजर से बचा सकता है।
  • अपन जीवन के सबसे कमजोर क्षण में हनुमान मंत्र का जाप किया जाना चाहिए। यह हमें अपनी कमजोरियों से लड़ने में मदद करता है।
  • यदि आप नियमित रूप से हनुमान मंत्र का जाप करते हैं तो आप दीर्घावधि तक कार्य करने में सक्षम होते हैं और आपको नए आइडिया आने लगते हैं।
हनुमान मंत्र का जाप कैसे करें? (how to chant hanuman mantra in hindi)

हनुमान मंत्र कई प्रकार के होते हैं और उनमें से प्रत्येक का एक समर्पित समय और दिन होता है जब आपको उनका पाठ करना चाहिए। हालाँकि, सामान्यतौर पर हनुमान मंत्र का पाठ करते समय क्या करें और क्या न करें, इस पर विचार करना चाहिए।

  • हनुमान मंत्र जाप के लिए सबसे उपयुक्त दिन शनिवार है। हालाँकि, कुछ हनुमान मंत्रों का जाप अन्य दिनों में भी किया जा सकता है।
  • सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
  • हनुमान जी की मूर्ति को अपने सामने रखकर स्वयं पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • बेहतर तरीके से मंत्र जाप करने और ध्यान लगाने के लिए आपको ताजे फूलों और धूपबत्ती का उपयोग करना चाहिए।
  • हनुमान मंत्र का जाप करते समय अपने पास पानी का बर्तन और कुमकुम को रखना भी शुभ माना जाता है।
  • मंत्र उच्चारण करते समय अपने मन में किसी भी तरह के विचार ना आने दें ताकि ध्यान लगाने में कोई बाधा उत्पन्न ना हो सके।
  • हनुमान जी की पूजा करते समय नारियल, गुड़-चने का प्रसाद या इमरती अर्पित करें।

हनुमान मंत्रों के बारे में अधिक जानने के लिए आप हमारे ज्योतिषियों से बात कर सकते हैं।

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