शनि गोचर 2023

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शनि गोचर 2023 तिथि, समय और भविष्यवाणियां

शनि एक विशाल ग्रह और अन्य ग्रहों की तुलना में यह पृथ्वी से बहुत दूर है। यह बेहद धीमी गति में चलता है। इसकी गति इतनी मंद है कि यह प्रत्येक राशि में लगभग 2.5 वर्ष व्यतीत करता है। यह सबसे अधिक शंकाओं और आशंकाओं वाला है। असल में इस ग्रह के कारण जातक के जीवन में कई मुश्किलें आती हैं जैसे उसे सरल काम में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, कई प्रतिबंध और बाधाएं राह में आती हैं, बेवजह काम में देरी होती है और कई जगहों से जातक को रिजेक्शन का सामना भी करना पड़ता है। हालांकि, जरूरी नहीं है कि हर बार कुंडली में शनि का ग्रह का मतलब जातक के जीवन में मुश्किलों का अंबार आए। कभी-कभी यह सकारात्मक परिणाम भी देता है। जैसे जन्म के समय चंद्रमा जिस स्थान से तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में स्थित हो तो शनि सकारात्मक परिणाम दे सकता है। जन्म के चन्द्रमा से शेष भावों में अर्थात पहला, दूसरा, चौथा, पांचवा, सातवां, आठवां, नौवा, दसवां और बारहवां में यह आमतौर पर अशुभ होता है।

शनि गोचर का क्या अर्थ हैं?

वैदिक शास्त्रों के अनुसार शनि गोचर और चक्रों को उपलब्धि और परिपक्वता का चक्र मान सकते हैं। जब भाव में शनि मौजूद हो, तो उस समयकाल को किसी सबक की तरह महसूस करना चाहिए और उससे बहुत कुछ सीखने की कोशिश करनी चाहिए। इस समयावधि में सब कुछ धीमा हो जाता है जैसे प्रगति की दर, जिससे जीवन में निराशा और उदासीनता घर कर जाती है और किसी भी चीज का अतिरिक्त दबाव मानसिक स्तर पर आहत करता है। असल में इन परेशानियों के दूसरे पक्ष को देखा जाए, ये समय हमें वास्तविकता का सामना करने की चुनौती भी देता है, जिससे हम स्वतंत्र होकर निर्णय लेने लगते हैं और काफी ज्ञान भी अर्जित करने का अवसर मिलता है।

यद्यपि शनि का गोचर जीवन को कठिन बना देता है। लेकिन यह भी सच है कि इसी काल में व्यक्ति को अपने आंतरिक शक्ति को समझने-जानने का मौका मिलता है। इसके साथ ही अपनी क्षमता का सबसे ज्यादा सदुपयोग करना भी इसी काल में सीखता है। इस नजरिए से देखा जाए तो शनि गोचर हमारे सबके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

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शनि गोचर 2023 (Shani Gochar 2023 Kumbh Rashi)

तिथि शनि गोचर समय
17 जनवरी 2023, मंगलवार शनि गोचर कुंभ राशि में रात 8.02 मिनट पर

शनि नक्षत्र गोचर दिन एवं समय 2023

तिथि शनि नक्षत्र गोचर समय
15 मार्च 2023, बुधवार शतभिषा मध्यरात्रि 3.33 मिनट पर
15 अक्टूबर 2023, रविवार धनिष्ठा प्रात:काल 4.49 मिनट पर
24 नवंबर 2023, शुक्रवार शतभिषा शाम 3.04 मिनट पर

प्रथम भाव में शनि गोचर का प्रभाव

जब शनि जन्म के चंद्रमा से पहले भाव में गोचर करता है, तो यह साढ़ेसाती के दूसरे चरण (शनि की 7 1/2 वर्ष लंबी अवधि, जिसे वैदिक ज्योतिष में चुनौतीपूर्ण माना जाता है) की शुरुआत का प्रतीक है। इस गोचर की शुरुआत के साथ जातक के जीवन में दुर्भाग्य काल शुरू हो जाता है। आप कह सकते हैं कि इस अवधि में इनकी जिंदगी से भाग्य मानों मुंह मोड़ लेता है। जातक अक्सर खुद को अकेला और तन्हा महसूस करता है। ज्यादातर काम उसके नहीं बनते। ऐसा सिर्फ निजी जिंदगी में ही नहीं होता है बल्कि कामकाजी जीवन में भी यही सब देखने को मिलता है। ज्यादातर बनते काम बिगड़ने लगते हैं। इतना ही नहीं जब जातक कोई नया प्रपोजल किसी को देने की योजना बनाता है, तो अव्वल तो वह उसमें सफल नहीं हो पाता है। यदि प्रपाेजल दे भी दे तो अक्सर उसे रिजेक्शन मिलते हैं।

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जातक के लिए यह समयावधि कष्टों से भरी होगी। इस दौरान उन्हें अपना धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। साथ ही उन्हें हर बुरे दौर के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि इस समय अवधि में जितने भी महत्वपूर्ण काम होंगे, उनमें भी देरी हाे सकती है। जहां तक बात आपके स्वास्थ्य की है, तो उसमें भी आपको निराशा ही हाथ लगेगी। आपका स्वास्थ्य नकारात्मक रूप से प्रभावित होगा। इसलिए इस काल में अपने स्वास्थ्य को लेकर जरा भी लापरवाही न करें। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। इतना ही नहीं, अगर घर में किसी सदस्य की तबियत बिगड़े तब भी आप सतर्क रहें और उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। शनि गोचर बता रहा है कि इस समय आपको सबसे ज्यादा भावनात्मक योगदान की जरूरत महसूस होगी। इसलिए अपने प्रियजनों के संपर्क में रहें। अपने मन की बातें उनसे साझा करें। संभवत: उनका साथ आपका आत्मबल बढ़ाने में आपकी मदद करेगा। यही नहीं, आपके प्रियजन आपको निराशा और अवसाद जैसी समस्या से दूर रहने में भी आपको पूरा सहयोग करेंगे। आप कह सकते हैं कि इस संकट की घड़ी में आपके अपने, रिश्तेदार और आपके घनिष्ठ संबंध आपको समस्याओं से उबरने में मदद करेंगे।

उपाय:
  • आप अपने कष्टों को कम करने और शनि के प्रभाव से मुक्त होने के लिए शनिवार के दिन शाम के समय काले कुत्तों को दूध और रोटी खिलाएं।
  • शराब और मांसाहारी भोजन के सेवन से परहेज करें।
  • बंदरों को फल खिलाएं। इससे भी आपको समृद्धि प्राप्त होने की संभावना बढ़ेगी।
  • बरगद के पेड़ की जड़ों में मीठा दूध चढ़ाने से शिक्षा और स्वास्थ्य में अच्छे परिणाम मिलते हैं।

द्वितीय भाव में शनि गोचर का प्रभाव

शनि गोचर किसी भी भाव में सौभाग्य का आगमन नहीं करता है। द्वितीय भाव भी शनि गोचर के नकारात्मक प्रभावों से अछूता नहीं रहेगा। इस समयावधि में जातक का मन भटकता रहेगा। एक जगह स्थिर होने में जातक को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जातक को निजी जीवन में कई तरह के उतार-चढ़ाव देखने पड़ेंगे। खासकर संबंधों में काफी उठापटक रहेगी। विशेषकर जीवनसाथी के साथ आपका समय अच्छा नहीं रहेगा। वैसे तो आपको कोशिश करनी चाहिए कि जीवनसाथी के साथ हो रहे मतभेद को नियंत्रण में रखें। इसके लिए आपको अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना होगा। यदि आपको अपने जीवनसाथी द्वारा कही गई कोई बात पसंद न आए, तो ऐसी स्थिति में आपको चाहिए कि उनकी बात को नजरंदाज करें। जीवनसाथी के साथ किसी भी तरह की बहस का हिस्सा न बनें। ऐसा करके आप अपने बिखरे संबंध को संभालने में सफल हो सकेंगे। अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो स्थिति ठीक इसके उलट हो सकती है। यही नहीं, आपके अपने भाई-बहनों के साथ भी रिश्ते बिगड़ सकते हैं। आप ऐसी किसी भी विपरीत स्थिति से सावधान रहें और अपने सभी प्रियजनों के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्ते बनाने की कोशिश करें। ऐसा न किए जाने पर आपको बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। खासकर भावनात्मक रूप से आप खुद को अकेला महसूस कर सकते हैं।

आपके करियर की बात करें, तो वहां भी आपको कुछ खास सफलता मिलने की संभावना कम बन रही है। आपको कार्यालय में खुद को साबित करने के लिए अत्यंत प्रयास करते होंगे। एक ही काम के पीछे बार-बार मेहनत करनी होगी। इसके बाद जाकर आप वहां तक पहुंच सकेंगे, जिस पद की आप कल्पना करते हैं। लेकिन आपको स्पष्ट कर दें कि यह आसान नहीं होने वाला है। कार्यालय में स्थिति सही नहीं रहेगी, इस वजह से मन बेचैन रहेगा। इसका असर आपकी वित्तीय स्थिति पर भी पड़ेगा। अगर पहले से आपके पास कुछ सेविंग्स हैं, तो इस समयावधि में उनके खर्च होने की आशंका बढ़ रही है। आप कोशिश करें कि फिजूल के खर्च न करें और न ही किसी और के बहकावे में आएं। इसका नकारात्मक असर आपकी ही व्यक्तित्व पर पड़ेगा। इसके अलावा इस समय का योग बता रहा है कि आपको अपने मूल निवास से किसी कारणवश दूर जाना पड़ सकता है। इसका परिणाम अच्छा होगा या बुरा, यह बात आपको जाकर ही पता चलेगा।

उपाय:
  • 43 दिनों तक लगातार मंदिर में नंगे पैर जाएं। आपको इसके सकारात्मक फल प्राप्त होंगे।
  • प्रतिदिन माथे पर दही या दूध का तिलक लगाएं।

तृतीय भाव में शनि गोचर का प्रभाव

जब शनि जन्म के चंद्रमा से तीसरे भाव में गोचर करता है, तो यह जातक पर कृपा करने लगता है, क्योंकि इस समय तक साढ़ेसाती समाप्त हो चुकी होती है। कुछ समय पहले आपने जो अपना आत्मविश्वास खोया था, आपको वह वापिस मिल जाएगा। धीरे-धीरे आपके आत्मबल में वृद्धि होगी। इससे आपका व्यक्तित्व भी निखरेगा। आपके लिए अच्छी बात यह है कि आपके करियर में सफलता की संभावना बन रही है। आप इस समय अवधि में अपने लिए कोई नया व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। अगर आप नौकरीपेशी शख्स हैं, तो आपको नई नौकरी भी मिल सकती है। सिर्फ इतना ही नहीं, अगर संपत्ति से जुड़ा कोई मामला काफी समय से लंबित है, तो निर्णय आपके पक्ष में आएगा।

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आपके आसपास सभी अच्छी चीजें हो रही हैं, इससे आपको अंतर्मन खुश होगा और आपका खोया हुआ आत्मबल लौट आएगा। यहीं अगर आपके रिश्तों की बात करें, तो वहां भी आपको स्थिरता दिखेगी। माता-पिता के साथ अच्छे रिश्ते रहेंगे और भाई-बहन के साथ पहले की तुलना में घनिष्ठता बढ़ेगी। इतना ही नहीं, जो शत्रु आपको नुकसान पहुंचाने की सोच रहे हैं, वे अपने इरादों में नाकामयाब रहेंगे। इसके बावजूद आपको अपने शत्रुओं से सतर्क रहने की जरूरत है। आपको कभी भी अपने शत्रुओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए और उनके साथ बातचीत करते हुए शब्दों को तोल-मोल कर इस्तेमाल करना चाहिए। कुल जमा आप कह सकते हैं कि आपका पारिवारिक जीवन अच्छा और खुशहाल रहेगा।

उपाय:
  • वैसे तो आपका अच्छा समय चल रहा है। लेकिन फिर भी शनि के कुप्रभाव को कम करने के लिए तीन कुत्तों को खिलाएं।
  • आंखों के लिए मुफ्त दवा दान करें।

चतुर्थ भाव में शनि गोचर का प्रभाव

जन्म के चंद्रमा से शनि के चतुर्थ भाव में गोचर को "शनि की ढैया" की अवधि कहा जाता है। विस्तृत रूप से कहा जा सकता है कि आपके लिए यह समय वित्तीय उतार-चढ़ाव लेकर आएगा। इसलिए अपको न सिर्फ फिजूल खर्ची से बचना चाहिए बल्कि अब तक आपने जाे बचत की है, उसे बचना चाहिए। संपत्ति के मामले में भी आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए अगर कोई निर्णय अदालत में लंबित है, तो निर्णय प्राप्त करने के लिए ज्यादा व्याकुल न हों। कुछ समय के लिए अदालती मामलों को टाल दें। सही समय आने पर संपत्ति से संबंधित निर्णय लें। इसके अतिरिक्त, इस भाव के जातक को इस समय अवधि में काफी सतर्क रहना चाहिए।

आपको बता दें कि दुर्घटना के योग बन रह हैं, इसलिए जब भी निजी वाहन से निकलें, तो सावधानी बरतें। सड़क पर रास्ता क्रॉस करते हुए भी ध्यान रखें। इसी तरह किसी के साथ जाएं, तब भी लापरवाही न करें। यह समय आपके लिए मुश्किलों भरा रहेगा, क्योंकि आपको न सिर्फ वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है बल्कि स्वास्थ्स संबंधी समस्याएं भी आपकी प्रगति में बाधा बन सकती हैं। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र और घर में भी कलह और वाद-विवाद बढ़ेगा। सफलता की राह आपके लिए बिल्कुल आसान नहीं होगी। अपने सपनों को उड़ान देने में आपको कई तरह अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। इस सबके बावजूद आप धैर्य और संयम बनाए रखें। दिमाग को स्थिर रखें और हर स्थिति को संभालने का हर संभव प्रयास करें।

उपाय:
  • सांपों को दूध दें, कौवे या भैंस को दूध या चावल दें। इससे शनि के बुरे प्रभाव से लड़ने में मदद मिलेगी।
  • आप शनि दोष को काटने के लिए कुएं में दूध डालें।
  • बहते पानी में मदिरा डालने से भी मदद मिल सकती है।

पंचम भाव में शनि गोचर का प्रभाव

शनि के पंचम भाव में गोचर की शुरुआत के साथ ही इन जातकों के जीवन में समस्याओं का अंबार लग जाएगा। समस्याओं की शुरुआत आपके वैवाहिक से होगी। वैवाहिक जीवन में बहुत चीजें आपके नियंत्रण में नहीं होंगी। मानसिक अशांति के कारण आपका बिजनेस पार्टनर के साथ भी आपकी अनबन हो सकती है, जिसका सीधा सर आपके व्यवसाय पर पड़ेगा। अगर आप चाहते हैं कि आपका व्यवसाय सही दिशा में चले और पहले तुलना में ज्यादा वृद्धि करे, तो इसके लिए जरूरी है कि आप अपने व्यवसाय को प्रभावित न होने दें और अपने साथी के साथ संयमित भाषा में बातचीत करें। हालांकि, यह सब आपके लिए आसान नहीं होने वाला है। मगर आपको अपने संयम से काम लेना होगा। आपको अपने बच्चों के प्रति भी सतर्क रहना होगा, क्योंकि बच्चों के लिए यह समय सही नहीं है।

इस समय या तो उनका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है या फिर उनके निजी जीवन में कुछ विपत्ती आ सकती है। अगर आप विवाहित नहीं हैं, लेकिन किसी के साथ संबंध में बंधे हैं, तो आपको खास सलाह दी जाती है कि अपने रिश्तों के बीच खटास न आने दें। समय अनुकूल नहीं है, आप दोनों को एक-दूसरे की छोटी से छोटी बात भी बुरी लग सकती है। ऐसे में कोशिश करें कि एक-दूसरे की बात को दिल पर न लगाएं, बल्कि एक-दूसरे का साथ निभाएं। रिश्ते में आ रही खटास अपने आप कम होने लगेगी। आपको इस समवधि में खुद को मजबूत और धैर्यवान रखना चाहिए। वित्त स्थिति की बात की जाए, तो फिलहाल आप कहीं भी निवेश करने से बचें। शेयर बाजर या सट्टेबाजी से बिल्कुल दूर रहें। अगर आप छात्र हैं और किसी प्रतिस्पर्धा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इस संबंध में भी आपको एलर्ट रहने कीआवश्यकता है। असल में आपको अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास करने होंगे।

उपाय:
  • अपनी जिंदगी से शनि के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए अपने पुत्र के जन्मदिन पर गरीबों को नमकीन खाद्य पदार्थ का वितरण करें।
  • मंदिर जाएं और भगवान को बादाम चढ़ाएं। आप जितना भी बादाम चढ़ा रहे हैं, उसकी आधा मात्रा अपने घर ले जाएं। उसे घर में रखने से आपको लाभ प्राप्त होगा।

छठे भाव में शनि गोचर का प्रभाव

शनि के छठे भाव में गोचर के साथ आपके जीवन में अच्छा समय शुरू होगा। आपको जिन कामों में सफलता की बहुत कम उम्मीद थी, वहां भी सफलता प्राप्त हो सकती है। यहां तक कि आप अपने शत्रुओं और विरोधियों पर विजय प्राप्त करने में सक्षम होंगे। इस समयावधि में व्यवसाय भी आपका खूब फलेगा-फूलेगा और जो आपके प्रतिस्पर्धी हैं, वे भी आपसे पीछे रह जाएंगे। यह आपके लिए अच्छी खबर है। वैसे तो इस दौरान आप जो भी निर्णय लेंगे, वह तो आपके हित में ही रहेगा। लेकिन फिर भी यह कोशिश करें कि निर्णय लेते समय थोड़े सावधान रहें। इन दिनों आपका स्वास्थ्य भी सही रहेगा।

अगर कहीं यात्रा करने की योजना बना रह हैं, तो निश्चिंत रहें क्योंकि सेहत आपका पूरा साथ देगा। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ भी आपके संबंध मधुर रहेंगे। खासकर जीवनसाथी के साथ। आप उनके साथ अपने रिश्ते को एक कदम आगे की ओर ले जाएंगे। करियर में भी आपके नए अवसर खुलते नजर आ रहे हैं। आप जिस क्षेत्र में अपना करियर आजमाना चाहते हैं, बेझिझक बना सकते हैं। लेकिन ऐसे करियर विकल्प को चुनें, जिसमें आय की वृद्धि की संभावना है। इन दिनों आपको अपने सहयोगियों, साथी और परिवार के सदस्यों का पूरा साथ मिलेगा। कुल जमा यह कहा जा सकता है कि शनि गोचर अन्य भाव की तुलना में आपके भाव में बेहतर स्थिति में रहेगा।

उपाय:
  • काले कुत्ते को भोजन कराएं।
  • बहते जल में नारियल और बादाम डालें।
  • बच्चों के कल्याण के लिए सांपों को दूध पिलाएं। घर के लिए लाभकारी होगा।

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सातवें भाव में शनि गोचर का प्रभाव

यदि शनि सप्तम भाव में गोचर करता है, तो यह वैवाहिक जीवन में अशांति पैदा कर सकता है। लेकिन आप यह ध्यान अवश्य रखें कि सभी दंपति में अशांति का माहौल बनता है। सबके बीच अनबन होती है। इसलिए आप कोशिश करें कि आपके वैवाहिक जीवन में बात इतनी न बिगड़े कि आपके बीच अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो जाए। हालांकि, इसके लिए आपको गंभीर प्रयास करने होंगे। इसके लिए आप अपने गुस्से को नियंत्रण में रखें, शब्दों पर नियंत्रण बनाए रखें और अगर बात बिगड़ते हुए नजर आए, तो शांत हो जाएं। इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास कर आप अपने वैवाहिक जीवन को बिगड़ने से रोक सकते हैं।

वैसे इस भाव में शनि गोचर यह संकेत भी दे रहा है कि जो लोग नौकरीपेशा हैं और वेतन पर निर्भर रहते हैं, उनके लिए यह समय बहुत अच्छा है। हालांकि, जो व्यावसाय से जुड़े हुए लोग हैं, उनके लिए कुछ समस्याएं सामने आएंगी। संभवत: आपकी राय आपके बिजनेस पार्टनर के साथ मेल न खाए, जिससे परेशानी हो सकती है। लेकिन आपको अपनी राय रखने से पहले तमाम तथ्यों पर ध्यान अवश्य देना चाहिए। इसके साथ ही आप यह भी ध्यान रखें कि सफल होने के लिए शॉर्ट कट अपनाना सही नहीं है। अवैध मामलों से भी दूर रहें। सीधे-सरल रास्ते को अपनाएं। इस तरह आपके लिए जीवन में प्रगति की ओर बढ़ना आसान रहेगा। साथ ही आप इस तथ्य को स्वीकार करें कि सफलता की ऊंचाई पर चढ़ने के लिए धैर्य और कड़ी मेहनत जरूरी है।

उपाय:
  • काली गाय को खिलाने से भी शनि के निराशावादी पहलुओं से छुटकारा पाया जा सकता है।

आठवें भाव में शनि गोचर का प्रभाव

यदि शनि आठवें भाव में गोचर करता है, तो यह आपके स्वास्थ्य को प्रमुख रूप से प्रभावित करता है क्योंकि आठवां भाव दीर्घायु से जुड़ा होता है। इसलिए इस समय अवधि में आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि सर्जरी करवानी पड़े, तो उसे टाले नहीं। जल्द से जल्द सही उपचार करवाएं। हो सकता है कि अपनी स्वास्थ्य स्थिति देखकर आपको अपने प्रियजनों की मदद की जरूरत महसूस हो। लेकिन आपको उनसे अपेक्षित सहयोग मिलने की संभावना कम है। वास्तव में ऐसा होने के पीछे वजह है, उनके साथ उत्पन्न हुए विवाद। इसलिए अगर आपको उनसे सहयोग न मिले, तो हताश न हों।

अपने बल पर चीजों को सुलझाने की कोशिश करें। इन दिनों आपके सिर्फ अपने मित्रों के साथ ही रिश्ते नहीं बिगड़ेंगे बल्कि आपके कार्यक्षेत्र में भी छोटी-मोटी अड़चनें आएंगी। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि दूसरों के सामने अक्सर अपनी बढ़ाई करते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। आपकी यह आदत दूसरों की नजरों में आपको कमतर साबित कर सकती है। अपने व्यवहार में कुछ जरूरी बदलाव करें। कार्यालय में भी इस बात का ध्यान रखें। वहां अपने ही गुणगान न करें। वैसे भी आपको बता दें कि ऑफिस में जो अच्छा काम करता है, बॉस को स्वत: ही यह बात पता चल जाती है। फिलहाल आपको अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ अच्छे रिश्ते बनाने की कोशिश करनी चाहिए। इससे आपको अपनी नौकरी को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

उपाय:
  • अपने पास एक चांदी का चौकोर टुकड़ा रखें। इससे आपको लाभ प्राप्त होगा।
  • खुशहाल जीवन के लिए नहाने के पानी में थोड़ा सा दूध मिलाएं। इस पानी से स्नान करें। इसके साथ ही आप नहाने के लिए एक पत्थर या लकड़ी के तख्त का उपयोग करें। इस तख्त पर बैठकर स्नान करना आपके लाभकारी सिद्ध होगा।

नवम भाव में शनि गोचर का प्रभाव

यदि शनि नवम भाव में गोचर करता है, तो आप हर समय व्यथित और चिंतित महसूस करने लग सकते हैं। यह समय अवधि आपके लिए बहुत अस्थिर रहने वाली है। इस अवधि के दौरान अपनी नौकरी बार-बार बदल सकते हैं। साथ ही लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। इससे आपका मन भी शांत होगा। यह समयावधि अपने साथ हो रही समस्याओं को भुला देने के लिए अच्छा रहेगा। वैसे आपको अपनी परेशानियों को भूलने के लिए आध्यात्म का मार्ग अपनाना चाहिए। इसके लिए निरंतर अभ्यास करने चाहिए। ऐसा कर आप अपनी जिंदगी में आई परेशानियों से आसानी से निपट पाएंगे। चूंकि आप एक गृहस्थ जीवन का हिस्सा हैं, तो इन्हें पूरी तरह इग्नोर नहीं किया जा सकता है। शनि गोचर बता रहे हैं कि इन दिनों आपके फिजूल के खर्च बढ़ेंगे। आपके सलाह है कि बिना जरूरत के सामान न खरीदें।

बिन मतलब शॉपिंग के लिए न जाएं। अपने खर्च को नियंत्रण में रखें। अगर आप अपने खर्चे को संयमित नहीं कर पाए, तो यह आपके लिए परेशानी का सबब बन जाएगा। जॉब की दृष्टि से यह समयावधि आपके लिए बहुत अनुकूल नहीं है, क्योंकि आपका समय सही नहीं चल रहा है। आपके प्रतिद्वंदियों की संख्या बढ़ेगी। इतना ही नहीं, समस्याएं आपके घर के अंदर भी मौूजद हैं जैसे आपके अपने ही बच्चे के साथ वाद-विवाद हो सकते। हालांकि यह सब बहुत छोटे स्तर पर होंगे, जिसे आप आसानी से सुलझा सकेंगे।

उपाय:
  • घर के आसपास नदी या बहते हुए पानी की धार हो, तो उसमें चावल या बादाम डालें। घर में खुशहाली आएगी।

दसवे भाव में शनि गोचर का प्रभाव

यदि शनि दशम भाव में गोचर करता है, तो आपको कार्यस्थल पर कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ध्यान रखें कि कार्यस्थल में अपने सहकर्मियों या बॉस के साथ अनबन आपको सफलता की ओर बढ़ने नहीं देगी। इससे आपकी प्रगति रुक सकती है और वित्तीय स्थिति पर भी इसका असर पड़ता है। इसलिए कोशिश करें कि इस दौरान न तो अपने सहकर्मियों से और न ही अपने बॉस से बहस करें। अगर ऐसी स्थितियां बन रही हैं यानी अगर किसी बात पर आपकी उनके साथ असहमति है तो उसे तर्क के साथ ही बताएं बात को आगे बढ़ाने से बचें। इस तरह आप किसी बिगड़ती बात को संभालने में कामयाब हो जाएंगे। आपके निजी जीवन पर भी शनि गोचर का प्रभाव दिखेगा। जैसे आपके जीवनसाथी के साथ भी किसी बात पर मतभेद हो सकते हैं। लेकिन समझदारी और सूझबूझ के साथ आप इसे संभाल सकते हैं।

जैसे किसी बात पर बहस हो रही हो, तो उसे टाल दें। इसके अलावा यह गोचर यह भी संकेत दे रहा है कि इन दिनों आपके खर्चे आय से अधिक हो सकते हैं इसलिए बहुत सावधान रहें। खर्च उतना ही करें, जितना आपका बजट है। मनी मैनेजमेंट को प्राथमिकता दें। जरूरी हो तो किसी विशेषज्ञ या अनुभवी व्यक्ति की मदद लें। इसके साथ ही आपको यह भी समझने की जरूरत है कि आपने अपने सामाजिक दायरे में जो छाप छोड़ी थी, वह अब फीकी पड़ती दिख रही है। अगर आप इसे संभालना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि आप जो भी निर्णय ले रहे हैं, उसे सावधानी से लें और अपने आसपास के लोगों की पहले की तरह मदद करते रहें। इस तरह आपकी फीकी पड़ रही छवि बेहतर हो जाएगी। हालांकि, शनि गोचर के कारण अपने कंधों पर जो जिम्मेदारियां उठा रखी हैं, उससे आप खुद को बोझिल महसूस कर सकते हैं। इस दौरान आपको अपनी मां के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।

उपाय:
  • नियमित रूप से मंदिर जाएं।
  • मांस, शराब और अंडे से दूर रहें।
  • दस दृष्टिबाधित लोगों को भोजन कराएं। इन उपायों की मदद से आपके शनि के प्रतिकूल प्रभाव में कमी आ सकती है।

ग्यारहवे भाव में शनि गोचर का प्रभाव

शनि के एकादश भाव में प्रवेश करते ही जातक पर शनि की कृपा बरसने लगती है। यह जातक के लिए हर दृष्टि से सकारात्मक है। यहां तक कि आपके जीवन में पहले जो नुकसान हुए हैं या क्षति हुई है, इस समयावधि में उसकी पूर्ति होने की संभावना नजर आ रही है। यही नहीं, इस समय आपको खूब वित्तीय लाभ भी मिलेंगे। आपकी वित्त स्थिति सही रहेगी, इसलिए आपका मूड और मन भी सकारात्मक रहेगा। इसका असर आपके वैवाहिक जीवन पर भी दिखेगा और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी आपके रिश्ते अच्छे बने रहेंगे।

अच्छी बात यह भी है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से आपको राहत मिलेगी। शनि गोचर के समय काल तक आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। किसी तरह की बीमारी नहीं होगी। जब स्वास्थ्य साथ देता है, तो बेहतर निर्णय लेने, सही योजना बनाने में आसानी होती है। इस तरह आप अपने भविष्य को भी बेहतर आकार दे सकते हैं। इस गोचर के दौरान आप किसी शुभ कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। नौकरी की संभावनाओं के लिए भी यह एक सकारात्मक अवधि है। आप अपने विरोधी को हराने में भी सफल हो जाएंगे।

उपाय:
  • महत्वपूर्ण कार्य पर जाने से पूर्व जल से भरा पात्र भूमि पर रख दें और उसमें तेल या दाखरस की कुछ बूंदें 43 दिनों तक रोजाना डालें।
  • शराब के सेवन से परहेज करें।

बारहवें भाव में शनि गोचर का प्रभाव

जब शनि बारहवें भाव में गोचर करता है, तो साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाता है। इस काल में जातक के जीवन में कई तरह की चुनौतियां आती हैं। कदम-कदम पर वह खुद को किसी नई चुनौती में घिरा हुआ पाता है। एक समय बाद आपको यह भी महसूस हो सकता है कि शायद आपके ही प्रयास में कमी रह गई है जिस कारण आप सफल नहीं हो पा रहे हैं। जबकि ऐसा नहीं है। आपको प्रयास जारी रखना और जी जान से मेहनत करनी है। निश्चित रूप से आपको औसत से ज्यादा मेहनत करने के बाद ही पर्याप्त फल प्राप्त होंगे। लेकिन खुद को निरोश नहीं होने देना है। हालांकि आपके व्यापार में हानि भी हो सकती है।

नतीजतन आप पहले की तुलना में बहुत अधिक व्यथित महसूस कर सकते हैं। इन सबसे बचने के लिए बेहतर होगा कि आप शांत रहें और इस दौरान कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। जब कुछ न किया जाए, तो अपने काम से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले लें। कठिन समय सिर्फ व्यवसायिक लोगों के लिए ही नहीं होगा बल्कि नौकरीपेशी लोगों की भी यही स्थिति होगी। कोशिश करें कि कुछ दिनों के लिए अपने शहर से कहीं बाहर चले जाएं। निजी संबंधों की बात करें, तो शनि गोचर का प्रभाव आपके रिलेशनशिप पर भी पड़ेगा। आपको चाहिए कि समझदारी के साथ अपने सभी रिश्तों को संभालें। अपने रिश्ते में सौहार्द और करुणा बनाए रखें। आपको इस समय यात्रा करन से बचना चाहिए।

उपाय:
  • बारह बादाम को काले कपड़े में बांधकर लोहे के बर्तन में रखें। लोहे के बर्तन को अंधेरे कमरे में रख दें। इससे आपको अच्छे फल प्राप्त होंगे।

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Shani Gochar 2023: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शनि ग्रह  किस वर्ष मीन राशि में रहेगा?

शनि ग्रह 7 मार्च 2023 से 24 मई 2025 तक मीन राशि में रहेगा। इसके बाद 31 अगस्त 2025 से 13 फरवरी 2026 तक मीन राशि में भ्रमण करेगा।

आपको कैसे पता चलेगा कि शनि गढ़ अशुभ है या शुभ?

आमतौर पर, शनि वृषभ, कन्या, तुला, मकर, कुंभ राशि के लग्न में जन्मे लोगों के लिए फायदेमंद होता है।

शनि ग्रह दोष के लक्षण क्या है?

शनि दोष के निम्न लक्षण देखने को मिलते हैं-

  • समय से पहले दृष्टि का कमजोर होना।
  • कम उम्र में बाल झड़ना।
  • अक्सर सिर में दर्द रहना।
  • हर बात पर भगवान का मजाक उड़ाना।
  • बड़े-बुजुर्गों का बात-बात पर अपमान करना।
  • बुरे काम की ओर आकर्षित होता।
  • मन में हमेशा द्वन्द रहना।

शनिदेव को खुश कैसे किया जाता है?

शनिदेव को कई तरीकों से खुश किया जाता है। हिन्दू पुराण के अनुसार शनि देव धर्मराज और न्याय का देवता कहलाते हैं। माना जाता है कि शनि देव लोगों को उनके अच्छे और बुरे कर्मों का फल देते हैं। उन्हें खुश करने के लिए जातकों को निम्न उपाय आजमाने चाहिए-

  • दान करें।
  • शनि यंत्र की पूजा।
  • शनि मंत्र का जाप।
  • कुत्तों की खाना खिलाएं और जब भी मौका मिले, उनकी सेवा करें।
  • भगवान हनुमान और भगवन शिव की पूजा करें।

शनि दोष हटाने के लिए क्या करना चाहिए?

शनि दोष के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए जातकों को शनिवार के दिन लोहे की वस्तुएं, काले वस्त्र, उड़द, सरसों का तेल, जूते-चप्पल आदि का दान करना चाहिए। इसके अलावा मछलियों को आटा खिलाना, पीपल के जड़ में पानी का अर्पित करना और शाम के समय तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाना भी शिन दोषों को कम करने के कुछ उपाय हैं।

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