अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026

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अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat) शिशु के लिए बहुत महत्वपूर्ण संस्कारों में एक माना जाता है। हिंदू धर्म में इस संस्कार का बहुत अधिक महत्व है। इस विशेष अवसर में बच्चे पहले बार ठोस आहार का सेवन करते हैं। यह प्रक्रिया केवल शिशु को पहले बार भोजन ग्रहण करने की ही प्रक्रिया नहीं है, बल्कि बच्चे के बेहतर जीवन, अच्छा स्वास्थ्य और सफल जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक भी है। 

इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना बहुत ही जरूरी है। ऐसी मान्यता कि शुभ ग्रहों और नक्षत्रों में किया गया अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat) शिशु के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में सकारात्मक व शुभ प्रभाव डालता है।

अन्नप्राशन संस्कार का ज्योतिषीय महत्व

अन्नप्राशन संस्कार 16 महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक माना जाता है, जो हर शिशु के जीवन में एक महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत है। इसलिए शुभ मुहूर्त का चयन करना बहुत ही जरूरी हो जाता है। माना जाता है कि जिस समय बच्चे को पहली बार आहार खिलाया जाता है उस सय शुभ ग्रहों और नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति शिशु के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।

यही कारण है कि प्राचीन काल से ही इस संस्कार को शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता आ रहा है।  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह संस्कार बच्चे के स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ किया जाता है। इसलिए परिवार इस अवसर को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाता है।

आइए अब एक नज़र डालते हैं 2026 में अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat) की सूची पर।

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) की सूची

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : जनवरी 2026

दिन

वार

समय

01 जनवरी 2026

गुरुवार

सुबह 7:45 बजे से सुबह 10:23 बजे तक

सुबह 11:51 बजे से शाम 4:47 बजे तक

05 जनवरी 2026

सोमवार

सुबह 08 बजकर 25 मिनट से दोपहर 1 बजे तक।

09 जनवरी 2026

शुक्रवार

रात 08 बजकर 50 मिनट से रात 11 बजकर 07 मिनट तक

12 जनवरी 2026

सोमवार

दोपहर 02 बजकर 8 मिनट से शाम 06 बजकर 18 मिनट तक।

रात 08 बजकर 38 मिनट से रात 10 बजकर 56 मिनट तक

21 जनवरी 2026

बुधवार

सुबह 0 बजकर 45 मिनट से सुबह 10 बजकर 32 मिनट तक।

सुबह 11 बजकर 57 मिनट से सुबह 05 बजकर 43 मिनट तक।
रात 08 बजकर 03 मिनट से 10 बजकर 20 मिनट तक।

23 जनवरी 2026

शुक्रवार

दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से रात 07 बजकर 55 मिनट तक।

28 जनवरी 2026

बुधवार

सुबह 10 बजकर 05 मिनट से दोपहर 03 बजे तक।

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : फरवरी 2026

तिथि

वार

समय

06 फरवरी 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 37 मिनट से 08 बजकर 2 मिनट तक।

शाम 04 बजकर 40 मिनट से रात 11 बजकर 34 मिनट तक

18 फरवरी 2026

बुधवार

शाम 06 बजकर 13 मिनट से रात 10 बजकर 46 मिनट तक।

20 फरवरी 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 26 मिनट से सुबह 09 बजकर 59 मिनट तक।
सुबह 11 बजकर 34 मिनट से दोपहर 03 बजकर 45 मिनट तक।

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : मार्च 2026

तिथि

वार

समय

04 मार्च 2026

बुधवार

रात 07 बजकर 35 मिनट से रात 09 बजकर 51 मिनट तक

05  मार्च 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक
दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से रात 09 बजकर 47 मिनट तक।

16  मार्च 2026

सोमवार

दोपहर 2 बजकर 10 मिनट से रात 10 बजकर 07 मिनट तक।

20  मार्च 2026

शुक्रवार

सुबह 06 बजकर 56 मिनट से 08 बजकर 09 मिनट तक।
सुबह 09 बजकर 44 मिनट से दोपहर 4 बजकर 15 मिनट तक।
शाम 06 बजकर 32 मिनट से रात 10 बजकर 44 मिनट तक।

25  मार्च 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 49 मिनट से दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक।

27  मार्च 2026

शुक्रवार

सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 03 बजकर 47 मिनट तक।
शाम 06 बजकर 05 मिनट से रात 10 बजकर 39 मिनट तक।

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : अप्रैल 2026

तिथि

वार

समय

02 अप्रैल 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 18 मिनट से 08 बजकर 53 मिनट तक

03 अप्रैल 2026

शुक्रवार

सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 01 बजे तक।
दोपहर 03 बजकर 20 मिनट से रात 10 बजकर 13 मिनट तक।

06 अप्रैल 2026

सोमवार

शाम 05 बजकर 25 मिनट से रात 10 बजकर 26 मिनट तक।

15 अप्रैल 2026

बुधवार

शाम 04 बजकर 50 मिनट से रात 11 बजकर 01 मिनट तक।

20 अप्रैल 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 42 मिनट से सुबह 09 बजकर 38 मिनट तक।

23 अप्रैल 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 31 मिनट से सुबह 11 बजकर 41 मिनट तक।
दोपहर 02 बजकर 1 मिनट तक रात 11 बजकर 13 मिनट तक।

29 अप्रैल 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 07 मिनट से 11 बजकर 41 िनट तक।
सुबह 11 बजकर 17 मिनट से शाम 06 बजकर 11 मिनट तक।

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : मई 2026

तिथि

वार

समय

01 मई 2026

शुक्रवार

दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से रात 08 बजकर 23 मिनट तक।

04 मई 2026

सोमवार

सुबह 06 बजकर 47 मिनट से 10 बजकर 58 मिनट तक

11 मई 2026

सोमवार

शाम 05 बजकर 24 मिनट से रात 07 बजकर 44 मिनट तक।
रात 10 बजकर 02 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 02 मिनट तक।

14 मई 2026

गुरुवार

दोपहर 02 बजकर 56 मिनट से रात 09 बजकर 50 मिनट तक।

15 मई 2026

शुक्रवार

सुबह 08 बजे से 10 बजकर 14 मिनट तक।

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : जून 2026

तिथि

वार

समय

17 जून 2026

बुधवार

सुबह 09 बजकर 54 मिनट से 08 बजकर 05 मिनट तक।
दोपहर 12 बजकर 42 मिनट से रात 07 बजकर 37 मिनट तक।
रात 09 बजकर 41 मिनट से रात 10 बजकर 08 मिनट तक।

24 जून 2026

बुधवार

सुबह 09 बजकर 57 मिनट से रात 04 बजकर 51 मिनट तक।

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : जुलाई 2026

तिथि

वार

समय

01 जुलाई 2026

बुधवार

सुबह 09 बजकर 30 मिनट से 11 बजकर 47 मिनट तक।
शाम 04 बजकर 23 मिनट से 10 बजकर 28 मिनट तक

02  जुलाई 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 06 मिनट से दोपहर 02 बजे तक।
शाम 04 बजकर 19 मिनट से रात 10 बजकर 24 मिनट तक।

09  जुलाई 2026

गुरुवार

दोपहर 01 बजकर 32 मिनट से दोपहर 03 बजकर 52 मिनट तक।

15  जुलाई 2026

बुधवार

दोपहर 01 बजकर 09 मिनट से शाम 05 बजकर 47 मिनट तक।
रात 07 बजकर 51 मिनट से रात 10 बजकर 16 मिनट तक।

20  जुलाई 2026

सोमवार

सुबह 06 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक।
दोपहर 03 बजकर 08 मिनट से रात 09 बजकर 13 मिनट तक

24  जुलाई 2026

शुक्रवार

सुबह 06 बजकर 09 मिनट से 08 बजे तक

29  जुलाई 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 13 मिनट तक।
दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से रात 08 बजकर 38 मिनट तक

30  जुलाई 2026

गुरुवार

दोपहर 0 बजकर 01 मिनट से 11 बजकर 26 मिनट तक।

31  जुलाई 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 32 मिनट से दोपहर 02 बजकर 25 मिनट तक
शाम 04 बजकर 44 मिनट से रात 09 बजकर 57 मिनट तक

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : अगस्त 2026

तिथि

वार

समय

03 अगस्त 2026

सोमवार

सुबह 09 बजकर 37 मिनट से शाम 04 बजकर 32 मिनट तक, शाम 06 बजकर 36 मिनट से रात्रि 10 बजकर 30 मिनट तक 

05 अगस्त 2026

बुधवार

सुबह 11 बजकर 46 मिनट से शाम 06 बजकर 28 मिनट तक, रात्रि 08 बजकर 10 मिनट से रात्रि 09 बजकर 38 मिनट तक 

07 अगस्त 2026

शुक्रवार

रात्रि 09 बजकर 30 मिनट से रात्रि 10 बजकर 55 मिनट तक 

10 अगस्त 2026

सोमवार

शाम 04 बजकर 04 मिनट से रात्रि 09 बजकर 18 मिनट तक 

17 अगस्त 2026

सोमवार

सुबह 06 बजकर 25 मिनट से सुबह 10 बजकर 59 मिनट तक, दोपहर 01 बजकर 18 मिनट से शाम 05 बजकर 41 मिनट तक 

26 अगस्त 2026

बुधवार

सुबह 06 बजकर 27 मिनट से सुबह 10 बजकर 23 मिनट तक 

28 अगस्त 2026

शुक्रवार

सुबह 06 बजकर 28 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक 

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : सितंबर 2026

तिथि

वार

समय

17 सितंबर 2026

गुरुवार

दोपहर 03 बजकर 39 मिनट से रात्रि 08 बजकर 14 मिनट तक

21 सितंबर 2026

सोमवार

सुबह 08 बजकर 41 मिनट से शाम 05 बजकर 05 मिनट तक, शाम 06 बजकर 33 मिनट से रात्रि 09 बजकर 33 मिनट तक

24 सितंबर 2026

गुरुवार

सुबह 06 बजकर 41 मिनट से सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक, दोपहर 01 बजकर 07 मिनट से शाम 06 बजकर 21 मिनट तक, शाम 07 बजकर 46 मिनट से रात्रि 11 बजकर 17 मिनट तक 

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : अक्टूबर 2026

तिथि

वार

समय

12 अक्टूबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 19 मिनट से सुबह 09 बजकर 38 मिनट तक, सुबह 11 बजकर 57 मिनट से शाम 05 बजकर 10 मिनट तक, शाम 06 बजकर 35 मिनट से रात्रि 10 बजकर 06 मिनट तक

21 अक्टूबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 30 मिनट से सुबह 09 बजकर 03 मिनट तक, सुबह 11 बजकर 21 मिनट से दोपहर 03 बजकर 07 मिनट तक

26 अक्टूबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 00 मिनट से सुबह 11 बजकर 02 मिनट तक

30 अक्टूबर 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 03 मिनट से सुबह 08 बजकर 27 मिनट तक

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : नवंबर 2026

तिथि

वार

समय

06 नवंबर 2026

शुक्रवार

दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से दोपहर 02 बजकर 05 मिनट तक, दोपहर 03 बजकर 32 मिनट से रात्रि 08 बजकर 28 मिनट तक 

11 नवंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 40 मिनट से सुबह 09 बजकर 59 मिनट तक, दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से दोपहर 01 बजकर 45 मिनट तक 

16 नवंबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 20 मिनट से दोपहर 01 बजकर 25 मिनट तक, दोपहर 02 बजकर 53 मिनट से शाम 07 बजकर 48 मिनट तक, रात्रि 10 बजकर 03 मिनट से रात्रि 12 बजकर 20 मिनट तक

20 नवंबर 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 26 मिनट से सुबह 09 बजकर 23 मिनट तक 

25 नवंबर 2026

बुधवार

रात्रि 09 बजकर 28 मिनट से रात्रि 11 बजकर 48 मिनट तक 

26 नवंबर 2026

गुरुवार

सुबह 09 बजकर 00 मिनट से दोपहर 02 बजकर 13 मिनट तक, दोपहर 03 बजकर 38 मिनट से शाम 07 बजकर 09 मिनट तक 

 

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2026 (Annaprashan Muhurat) : दिसंबर 2026

तिथि

वार

समय

03 दिसंबर 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 29 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक

14 दिसंबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 37 मिनट से सुबह 11 बजकर 35 मिनट तक, दोपहर 01 बजकर 03 मिनट से शाम 05 बजकर 58 मिनट तक 

16 दिसंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट तक, दोपहर 02 बजकर 20 मिनट से दोपहर 03 बजकर 55 मिनट तक 

23 दिसंबर 2026

बुधवार

रात्रि 09 बजकर 58 मिनट से रात्रि 12 बजकर 11 मिनट तक 

25 दिसंबर 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक, दोपहर 01 बजकर 44 मिनट से रात्रि 09 बजकर 50 मिनट तक

30 दिसंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 44 मिनट से सुबह 10 बजकर 32 मिनट तक, दोपहर 12 बजकर 00 मिनट से दोपहर 01 बजकर 25 मिनट तक 

 

अन्नप्राशन संस्कार के लिए सही उम्र 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि पुत्र का अन्नप्राशन करना हो तो इसके लिए छठे, आठवें, दसवें या बारहवें महीने से करना शुभ होता है। वहीं यदि पुत्री का अन्नप्राशन किया जाना हो तो पांचवें, सातवें, नौवें या ग्यारहवें  माह में करना उचित होता है। हालांकि कि फिर भी इसके लिए बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ तिथियां

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat 2026) का चयन करते समय तिथि का विशेष ध्यान रखा जाता है इस मुहूर्त के लिए तिथि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइए जानते हैं शुभ तिथि के बारे में

मान्यता है कि इन तिथियों में किए गए संस्कार को मंगलकारी और फलदायी माना जाता है।

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat 2026) के लिए शुभ वार

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat) के लिए सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को सबसे शुभ वार माना जाता है। इन वारों में शुभ कार्य करने से शिशु को सकारात्मक ऊर्जा और देवी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat 2026) के लिए शुभ नक्षत्र

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अनुराधा, श्रवण और अन्य शुभ नक्षत्रों में अन्नप्राशन संस्कार करना शुभ और फलदायी होती है इसलिए मुहूर्त निकालते समय नक्षत्रों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

शिशु को पहली बार खिलाएं ये भोजन

अन्नप्राशन संस्कार में बच्चे को चांदी या तांबे की थाली में हल्का और आसानी से पच जाने वाला भोजन ही दिया जाना चाहिए। परंपरागत रूप से खीर को सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा कई परिवार बच्चे को पहली बार इन चीज़ों का सेवन भी करवाते हैं। जैसे-

  • चावल
  • खीर
  • खिचड़ी
  • घी
  • फल
  • पारंपरिक मिठाइयां

हालांकि, पहली बार यदि शिशु को खिला रहे हैं, तो बहुत ही कम मात्रा में खिलाएं, ताकि इस बात का पता चल सके कि बच्चे को किसी चीज़ से एलर्जी तो नहीं हो रही।

इस तरह करें ये शुभ संस्कार

संस्कार वाले दिन सबसे पहले शुरुआत भगवान गणेश, कुलदेवता और अपने इष्ट देव की जानी चाहिए। इसके बाद मंत्रोच्चार के बीच बच्चे को परिवार के वरिष्ठ सदस्य, दादा-दादी या माता-पिता द्वारा पहला अन्न खिलाया जाता है। पूजा के समाप्ति के बाद सभी परिजन बच्चे को आशीर्वाद देते हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

अन्नप्राशन संस्कार से रखें इन बातों का ध्यान

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat) का चयन किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह से करें।

  • इस दौरान बच्चे की सेहत का पूरा ध्यान रखें, बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य होना चाहिए।
  • भोजन पूरी स्वच्छता और शुद्धता के साथ तैयार करें।
  • पहली बार बहुत कम मात्रा में भोजन दें।
  • पूजा स्थल साफ और पवित्र रखें।
  • बच्चे की सुविधा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।

अन्नप्राशन के दौरान इस मंत्र का करें जाप 

शिवौ ते स्तां व्रीहियवावबलासावदोमधौ । 

एतौ यक्ष्मं वि वाधेते एतौ मुञ्चतो अंहसः॥  

अर्थात् हे 'बालक! जौ और चावल तुम्हारे लिये बलदायक तथा पुष्टिकारक हों। क्योंकि ये दोनों वस्तुएं यक्ष्मा-नाशक हैं तथा देवान्न होने से पापनाशक हैं।'

अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat) क्यों है जरूरी

ऐसी मान्यता है कि शुभ अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त (Annaprashan Muhurat) में किया गया संस्कार बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, अच्छे स्वास्थ्य और मानसिक विकास प्रदान करता है इसलिए अधिकतर परिवार पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करके ही इस संस्कार की तिथि तय करते हैं। 

हालांकि यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी संस्कार से अधिक महत्वपूर्ण बच्चे का स्वस्थ और फिट होना भी उतना ही जरूरी है इसलिए धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ चिकित्सकीय सलाह लेना न भूलें।

FAQs

अन्नप्राशन में सबसे पहले कौन खिलाता था?

परंपरा के अनुसार, का पहला निवाला माता-पिता व दादा-दादी खिलाते हैं ।

अन्नप्राशन किस दिन करना चाहिए?

अन्नप्राशन संस्कार बच्चे के जन्म के छठे  या आठवें महीने में लड़कों के लिए, और पांचवें या सातवें महीने में लड़कियों के लिए करना सबसे शुभ माना जाता है।

अन्नप्राशन में क्या-क्या बनाना चाहिए?

चावल , दलिया या सूजी का हलवा बनाया जाता है।

अन्नप्राशन करते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

शिवौ ते स्तां ब्रीहियवावबलासावदोमघी । एतौ यक्ष्मं वि बाधेते एतौ मुंचतो अंहसः ॥

सबसे उत्तम मुहूर्त कौन सा है?

हिंदू पंचांग और ज्योतिष के अनुसार, दिन का सबसे उत्तम और शक्तिशाली समय ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त को माना जाता है।

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