
शादी विवाह जीवन का एक खूबसूरत पल होता है और इस पल का सपना हर कोई देखता है। यह सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं होता बल्कि दो परिवारों का भी मिलन होता है इसलिए इस शुभ कार्य के संपन्न के लिए लोग विवाह मुहूर्त 2026 (vivah muhurat 2026) का चयन करते हैं।
हर कोई चाहता है कि जीवन की नई शुरुआत शुभ मुहूर्त में हो और इसलिए विवाह के लिए शुभ समय देखना जरूरी होता है। मान्यता है कि सही समय पर किया गया विवाह वैवाहिक जीवन में सुख- समृद्धि, प्रेम और स्थिरता लेकर आता है। अब आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले जानते हैं विवाह मुहूर्त 2026 का महत्व क्या है।
ज्योतिष के अनुसार, ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल न होने की वजह से जनवरी 2026 में कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। ऐसे में इस माह विवाह करना उचित नहीं होगा।
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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05 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
सुबह 07 बजकर 08 मिनट से 6 फरवरी सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक |
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06 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 07 बजकर 07 मिनट से रात 11 बजकर 37 मिनट तक |
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08 फरवरी 2026 |
रविवार |
रात 12 बजकर 08 मिनट से 9 फरवरी सुबह 05 बजकर 02 मिनट तक |
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10 फरवरी 2026 |
मंगलवार |
सुबह 07 बजकर 55 मिनट से 11 फरवरी रात 01 बजकर 42 मिनट तक |
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12 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
रात 08 बजकर 20 मिनट से 13 फरवरी सुबह 03 बजकर 06 मिनट तक |
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14 फरवरी 2026 |
शनिवार |
शाम 06 बजकर 16 मिनट से 15 फरवरी सुबह 03 बजकर 18 मिनट तक |
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19 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
रात 08 बजकर 52 मिनट से 20 फरवरी सुबह 06 बजकर 56 मिनट तक |
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20 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 06 बजकर 56 मिनट से 21 फरवरी रात 01 बजकर 51 मिनट तक |
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21 फरवरी 2026 |
शनिवार |
दोपहर 01 बजकर 00 मिनट से 01 बजकर 22 मिनट तक |
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24 फरवरी 2026 |
मंगलवार |
सुबह 04 बजकर 26 मिनट से 25 फरवरी सुबह 06 बजकर 51 मिनट तक |
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25 फरवरी 2026 |
बुधवार |
रात 01 बजकर 28 मिनट से 26 फरवरी सुबह 06 बजकर 50 मिनट तक |
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26 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
सुबह 06 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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02 मार्च 2026 |
सोमवार |
सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 3 मार्च सुबह 06 बजकर 47 मिनट तक |
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02 मार्च 2026 |
सोमवार |
दोपहर 01 बजकर 46 मिनट से शाम 05 बजकर 55 मिनट तक |
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03 मार्च 2026 |
मंगलवार |
सुबह 06 बजकर 47 मिनट से सुबह 07 बजकर 31 मिनट तक |
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04 मार्च 2026 |
बुधवार |
सुबह 07 बजकर 39 मिनट से सुबह 08 बजकर 52 मिनट तक |
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07 मार्च 2026 |
शनिवार |
सुबह 11 बजकर 15 मिनट से 8 मार्च सुबह 06 बजकर 43 मिनट तक |
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08 मार्च 2026 |
रविवार |
सुबह 06 बजकर 43 मिनट से सुबह 07 बजकर 04 मिनट तक |
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09 मार्च 2026 |
सोमवार |
शाम 04 बजकर 11 मिनट से रात 11 बजकर 27 मिनट तक |
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11 मार्च 2026 |
बुधवार |
सुबह 04 बजकर 41 मिनट से 12 मार्च सुबह 06 बजकर 39 मिनट तक |
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12 मार्च 2026 |
गुरुवार |
सुबह 06 बजकर 39 मिनट से सुबह 09 बजकर 59 मिनट तक |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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15 अप्रैल 2026 |
बुधवार |
दोपहर 03 बजकर 22 मिनट से रात 10 बजकर 31 मिनट तक |
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20 अप्रैल 2026 |
सोमवार |
सुबह 04 बजकर 14 मिनट से 21 अप्रैल सुबह 06 बजकर 01 मिनट तक |
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20 अप्रैल 2026 |
सोमवार |
सुबह 06 बजकर 02 मिनट से शाम 05 बजकर 49 मिनट तक |
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21 अप्रैल 2026 |
मंगलवार |
सुबह 06 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक |
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25 अप्रैल 2026 |
शनिवार |
रात 02 बजकर 10 मिनट से 26 अप्रैल सुबह 05 बजकर 57 मिनट तक |
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26 अप्रैल 2026 |
रविवार |
सुबह 05 बजकर 57 मिनट से रात 08 बजकर 27 मिनट तक |
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27 अप्रैल 2026 |
सोमवार |
रात 09 बजकर 18 मिनट से रात 09 बजकर 36 मिनट तक |
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28 अप्रैल 2026 |
मंगलवार |
रात 09 बजकर 04 मिनट से 29 अप्रैल सुबह 05 बजकर 55 मिनट तक |
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29 अप्रैल 2026 |
बुधवार |
सुबह 05 बजकर 55 मिनट से रात 08 बजकर 52 मिनट तक |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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01 मई 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 10 बजकर 00 मिनट से रात 09 बजकर 13 मिनट तक |
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03 मई 2026 |
रविवार |
सुबह 07 बजकर 10 मिनट से रात 10 बजकर 28 मिनट तक |
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05 मई 2026 |
मंगलवार |
शाम 07 बजकर 39 मिनट से 6 मई सुबह 05 बजकर 51 मिनट तक |
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06 मई 2026 |
बुधवार |
सुबह 05 बजकर 51 मिनट से दोपहर 03 बजकर 54 मिनट तक |
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07 मई 2026 |
गुरुवार |
शाम 06 बजकर 46 मिनट से 8 मई सुबह 05 बजकर 49 मिनट तक |
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08 मई 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 05 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक |
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13 मई 2026 |
बुधवार |
रात 08 बजकर 55 मिनट से 14 मई सुबह 05 बजकर 46 मिनट तक |
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14 मई 2026 |
गुरुवार |
सुबह 05 बजकर 46 मिनट से शाम 04 बजकर 59 मिनट तक |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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21 जून 026 |
रविवार |
सुबह 09 बजकर 31 मिनट से 11 बजकर 21 मिनट तक |
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22 जून 026 |
सोमवार |
सुबह 10 बजकर 31 मिनट से 23 जून सुबह 05 बजकर 42 मिनट तक |
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23 जून 026 |
मंगलवार |
सुबह 05 बजकर 42 मिनट से सुबह 10 बजकर 13 मिनट तक |
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24 जून 026 |
बुधवार |
दोपहर 01 बजकर 59 मिनट से 25 जून सुबह 05 बजकर 43 मिनट तक |
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25 जून 026 |
गुरुवार |
सुबह 05 बजकर 43 मिनट से सुबह 07 बजकर 08 मिनट तक |
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26 जून 026 |
शुक्रवार |
शाम 07 बजकर 16 मिनट से 27 जून सुबह 05 बजकर 43 मिनट तक |
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27 जून 026 |
रविवार |
सुबह 05 बजकर 43 मिनट से रात 10 बजकर 11 मिनट तक |
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29 जून 026 |
सोमवार |
शाम 04 बजकर 16 मिनट से 30 जून सुबह 04 बजकर 03 मिनट तक |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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01 जुलाई 2026 |
बुधवार |
सुबह 06 बजकर 51 मिनट से दोपहर 04 बजकर 04 मिनट तक |
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06 जुलाई 2026 |
सोमवार |
7 जुलाई सुबह 01 बजकर 41 मिनट से सुबह 05 बजकर 47 मिनट तक |
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07 जुलाई 2026 |
मंगलवार |
सुबह 05 बजकर 47 मिनट से दोपहर 02 बजकर 31 मिनट तक |
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11 जुलाई 2026 |
शनिवार |
12 जुलाई सुबह 12 बजकर 05 मिनट से सुबह 05 बजकर 49 मिनट तक |
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12 जुलाई 2026 |
रविवार |
सुबह 05 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 29 मिनट तक |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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21 नवंबर 2026 |
शनिवार |
सुबह 06 बजकर 44 मिनट से 22 नवंबर रात 12 बजकर 08 मिनट तक |
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24 नवंबर 2026 |
मंगलवार |
रात 11 बजकर 25 मिनट से 25 नवंबर सुबह 06 बजकर 47 मिनट तक |
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25 नवंबर 2026 |
बुधवार |
सुबह 06 बजकर 47 मिनट से 26 नवंबर सुबह 06 बजकर 48 मिनट तक |
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26 नवंबर 2026 |
गुरुवार |
सुबह 06 बजकर 48 मिनट से शाम 05 बजकर 47 मिनट तक |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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02 दिसंबर 2026 |
बुधवार |
सुबह 10 बजकर 32 मिनट से 3 दिसंबर सुबह 06 बजकर 53 मिनट तक |
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03 दिसंबर 2026 |
गुरुवार |
सुबह 06 बजकर 53 मिनट से सुबह 10 बजकर 53 मिनट तक |
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03 दिसंबर 2026 |
गुरुवार |
रात 11 बजकर 03 मिनट से 4 दिसंबर सुबह 06 बजकर 53 मिनट तक |
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04 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 06 बजकर 53 मिनट से सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक |
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05 दिसंबर 2026 |
शनिवार |
सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 6 दिसंबर सुबह 06 बजकर 55 मिनट तक |
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06 दिसंबर 2026 |
रविवार |
सुबह 06 बजकर 55 मिनट से सुबह 07 बजकर 42 मिनट तक |
हिंदू धर्म में विवाह को सभी 16 प्रमुख संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है इसलिए इसे विवाह संस्कार भी कहते हैं। इस संस्कार का उद्देश्य एक व्यक्ति को जिम्मेदारी भरा गृहस्थ जीवन शुरू करने के लिए तैयार करना और समाज में परिवार की नींव रखना है। हिंदू धर्म में इस संस्कार का बहुत ही अधिक महत्व है।
विवाह संस्कार को कुशलपूर्वक संपन्न करने के लिए विवाह मुहूर्त देखा जाता है। शुभ मुहूर्त में किया गयाा विवाह दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास, सम्मान और खुशहाली लेकर आता है। हिंदू पंचांग के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति को ध्यान में रखते हुए इन मुहूर्तों का निर्धारण किया जाता है।
विवाह के लिए सिर्फ शुभ तिथि होना ही काफी नहीं माना जाता। विवाह मुहूर्त निकालते समय ज्योतिष में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी है। इस दौरान, शुभ तिथि, अनुकूल वार, शुभ नक्षत्र, योग, करण, लग्न, चंद्रमा की स्थिति, चौघड़िया, वर-वधू की कुंडली का मिलान इन बातों का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।
पंचांग में विवाह मुहूर्त 2026 के लिए कुछ नक्षत्रों को बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इन नक्षत्रों में विवाह करने से दांपत्य जीवन में सुख, शांति, सामंजस्य और समृद्धि बनी रहती है।
शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती।
शादी के शुभ विवाह मुहूर्त कैसे देखा जाता है?
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, शादी के शुभ मुहूर्त पंचांग की गणना जैसे नक्षत्रों, तिथियों और ग्रहों की स्थिति के आधार पर तय किए जाते हैं।
विवाह मुहूर्त के लिए शुभ नक्षत्र कौन से हैं?
वर्ष 2026 में विवाह के लिए रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र सबसे शुभ माने जाते हैं ।
शादी करने के लिए सबसे भाग्यशाली महीना कौन सा है?
कुछ परंपराओं में, जून को विवाह के लिए सबसे शुभ महीना माना जाता है।
शुभ मुहूर्त में विवाह करने से क्या होता है ?
दांपत्य जीवन में भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है
मुहूर्त निकालते समय किन बातों का ध्यान रखें?
शुभ तिथि, अनुकूल वार, शुभ नक्षत्र, योग, करण, लग्न, चंद्रमा की स्थिति, चौघड़िया, वर-वधू की कुंडली का मिलान इन बातों का ध्यान रखें।
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