
अपना घर खरीदने की सपना हर किसी का होता है। इसके लिए व्यक्ति वर्षों तक मेहनत, बचत और संघर्ष करता है और फिर कई जद्दोजहद के बाद घर बनने का सपना पूरा करता है। घर खरीदने के लिए व्यक्ति दिशा, समय हर चीज़ का विशेष ध्यान रखता है और जब घर बन कर तैयार हो जाता है तो घर में प्रवेश करने के लिए शुभ मुहूर्त पर विचार करता है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है।
किसी भी कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में जानना जरूरी होता है, इसी क्रम में जब लोग नए घर में प्रवेश करते हैं तो गृह प्रवेश मुहूर्त (grah pravesh ka muhurat) के बारे में पता लगाते हैं। शुभ मुहूर्त में किया गया गृह प्रवेश घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है।
यदि आप 2026 में घर खरीदने जा रहे हैं, तो इस लेख में आपको पंचांग गृह प्रवेश मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त होगी। अब सबसे पहले जानते हैं गृह प्रवेश का महत्व क्या है।
नए घर में प्रवेश से पहले की जाने वाली पूजा को गृह प्रवेश कहा जाता है। जिस तरह सभी कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त का चयन किया जाता है, उसी तरह गृह प्रवेश करने से पहले पंचांग में गृह प्रवेश मुहूर्त देखा जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त देखकर किया गया गृह प्रवेश घर में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है और उस घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। हिंदू धर्म में इसे बहुत ही पवित्र प्रक्रिया माना जाता है। इसमें भगवान गणेश और कुल के इष्ट देवता की पूजा की जाती है ताकि इनके आशीर्वाद से घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।
जनवरी माह में ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल न होने के कारण इस माह में गृह प्रवेश जैसे अनुष्ठान नहीं करना चाहिए।
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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06 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
रात 12 बजकर 23 मिनट से 7 फरवरी 2026 तड़के 01 बजकर 18 मिनट तक |
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11 फरवरी 2026 |
बुधवार |
सुबह 09 बजकर 58 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक |
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20 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
रात 08 बजकर 52 मिनट से 20 फरवरी 2026 सुबह 06 बजकर 56 मिनट तक |
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21 फरवरी 2026 |
शनिवार |
सुबह 06 बजकर 56 मिनट से दोपहर 02 बजकर 38 मिनट तक |
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25 फरवरी 2026 |
बुधवार |
दोपहर 01 बजकर 00 मिनट से शाम 07 बजकर 07 मिनट तक |
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26 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
रात 02 बजकर 40 मिनट से 26 फरवरी 2026 सुबह 06 बजकर 50 मिनट तक |
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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04 मार्च 2026 |
बुधवार |
सुबह 07 बजकर 39 मिनट से 5 मार्च 2026 सुबह 06 बजकर 43 मिनट तक |
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05 मार्च 2026 |
गुरुवार |
सुबह 06 बजकर 43 मिनट से 08 बजकर 17 मिनट तक |
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06 मार्च 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 09 बजकर 29 मिनट से शाम 05 बजकर 53 मिनट तक |
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09 मार्च 2026 |
सोमवार |
रात 11 बजकर 27 मिनट से 10 मार्च 2026 सुबह 06 बजकर 37 मिनट तक |
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13 मार्च 2026 |
शुक्रवार |
रात 03 बजकर 03 मिनट से 14 मार्च 2026 सुबह 06 बजकर 33 मिनट तक |
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14 मार्च 2026 |
शनिवार |
सुबह 06 बजकर 33 मिनट से 15 मार्च 2026 तड़के 04 बजकर 49 मिनट तक |
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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20 अप्रैल 2026 |
सोमवार |
सुबह 05 बजकर 52 मिनट से 07 बजकर 27 मिनट तक |
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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04 मई 2026 |
सोमवार |
सुबह 05 बजकर 39 मिनट से 09 बजकर 58 मिनट तक |
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08 मई 2026 |
शुक्रवार |
दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से रात 09 बजकर 20 मिनट तक |
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13 मई 2026 |
बुधवार |
सुबह 05 बजकर 33 मिनट से दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक |
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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24 जून 2026 |
बुधवार |
सुबह 05 बजकर 26 मिनट से दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक |
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26 जून 2026 |
शुक्रवार |
रात 10 बजकर 22 मिनट से 27 जून 2026 सुबह 05 बजकर 27 मिनट तक |
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27 जून 2026 |
शनिवार |
सुबह 05 बजकर 27 मिनट से रात 10 बजकर 11 मिनट तक |
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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01 जुलाई 2026 |
बुधवार |
सुबह 06 बजकर 51 मिनट से 2 जुलाई 2026 सुबह 05 बजकर 28 मिनट तक |
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02 जुलाई 2026 |
गुरुवार |
सुबह 05 बजकर 28 मिनट से 09 बजकर 27 मिनट तक |
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06 जुलाई 2026 |
सोमवार |
दोपहर 04 बजकर 07 मिनट से 7 जुलाई 2026 सुबह 05 बजकर 30 मिनट तक |
अगस्त माह में ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल न होने के कारण इस माह में गृह प्रवेश जैसे अनुष्ठान नहीं करना चाहिए।
सितंबर माह में ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल न होने के कारण इस माह में गृह प्रवेश जैसे अनुष्ठान नहीं करना चाहिए।
अक्टूबर माह में ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल न होने के कारण इस माह में गृह प्रवेश जैसे अनुष्ठान नहीं करना चाहिए।
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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11 नवंबर 2026 |
बुधवार |
सुबह 06 बजकर 41 मिनट से 11 बजकर 38 मिनट तक |
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14 नवंबर 2026 |
शनिवार |
रात 08 बजकर 24 मिनट से 11 बजकर 23 मिनट तक |
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20 नवंबर 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 06 बजकर 56 मिनट से 21 नवम्बर 2026 सुबह 06 बजकर 31 मिनट तक |
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21 नवंबर 2026 |
शनिवार |
सुबह 04 बजकर 56 मिनट से 22 नवम्बर 2026 सुबह 05 बजकर 54 मिनट तक |
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25 नवंबर 2026 |
बुधवार |
सुबह 06 बजकर 52 मिनट से 26 नवंबर 2026 सुबह 06 बजकर 53 मिनट तक |
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26 नवंबर 2026 |
गुरुवार |
सुबह 06 बजकर 53 मिनट से शाम 05 बजकर 47 मिनट तक |
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तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
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02 दिसंबर 2026 |
बुधवार |
रात 10 बजकर 51 मिनट से 3 दिसम्बर 2026 सुबह 06 बजकर 58 मिनट तक |
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03 दिसंबर 2026 |
गुरुवार |
सुबह 06 बजकर 58 मिनट से 09 बजकर 23 मिनट तक |
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04 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
सुबह 10 बजकर 22 मिनट से रात 11 बजकर 44 मिनट तक |
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11 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
रात 03 बजकर 04 मिनट से 12 दिसम्बर 2026 सुबह 07 बजकर 05 मिनट तक |
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12 दिसंबर 2026 |
शनिवार |
सुबह 07 बजकर 05 मिनट से दोपहर 02 बजकर 06 मिनट तक |
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18 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
रात 11 बजकर 14 मिनट से 19 दिसम्बर 2026 सुबह 07 बजकर 09 मिनट तक |
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19 दिसंबर 2026 |
शनिवार |
सुबह 07 बजकर 09 मिनट से दोपहर 03 बजकर 58 मिनट तक |
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30 दिसंबर 2026 |
बुधवार |
सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक |
गृह प्रवेश के लिए कुछ नक्षत्रों को बेहद शुभ माना जाता है, जो इस प्रकार है:
आषाढ़, श्रावण (सावन), भाद्रपद (भादो), आश्विन (क्वार), और पौष के महीनों में गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए।
गृह प्रवेश तीन प्रकार के होते हैं- अपूर्व गृह प्रवेश, सपूर्व गृह प्रवेश और द्वितीयक गृह प्रवेश। आइए जानते हैं इनका महत्व है-
हिंदू पंचांग के अनुसार, गृह प्रवेश के लिए माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ महीने सबसे शुभ माने जाते हैं।
गृह प्रवेश के समय घर में सबसे पहले मंगल कलश, नारियल, दूध, चावल, हल्दी, गुड़ और नमक लेकर प्रवेश करना चाहिए।
हिंदू पंचांग और वास्तु शास्त्र के अनुसार, आषाढ़, श्रावण (सावन), भाद्रपद (भादो), आश्विन (क्वार), और पौष के महीनों में गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए!
गृह प्रवेश के दिन घर में लोहे के नुकीले सामान, जूते-चप्पल, पुरानी झाड़ू या कोई भी टूटी-फूटी वस्तु अंदर नहीं ले जानी चाहिए।
हां, गृह प्रवेश समारोह के बाद नए घर में कम से कम एक रात रुकना और सोना पारंपरिक रूप से जरूरी है।
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