अन्नप्राशन मुहुर्त 2023

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अन्नप्राशन मुहूर्त 2023

अधिकांश माता-पिता अपने बच्चे का पहला कदम, शब्द, भोजन आदि को एक सुनहरी याद की तरह सहेज कर रखना चाहते हैं। शुरुआती छह माह तक शिशुओं को केवल मां का दूध दिया जाता है। जबकि बच्चे को छह माह की उम्र में सबसे पहली बार ठोस या अर्ध ठोस भोजन दिया जाना शुरू होता है। जब बच्चा पहली बार भोजन करता है, वह क्षण बहुत खास होता है। हिंदू धर्म में शिशु को पहली बार भोजन कराने के लिए अन्नप्राशन संस्कार किया जाता है। इस संस्कार को संपन्न करने के लिए शुभ मुहूत की जांच की जाती है। यह बच्चे के जन्म नक्षत्र या राशि के आधार पर अच्छे मुहूर्त की जांच करके किया जाता है। पहला भोजन अन्नप्राशन के रूप में भी जाना जाता है। यह एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ भोजन करना होता है। अन्नप्राशन एक बच्चे के जीवन में ठोस भोजन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। अन्नप्राशन हिंदू पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है और बच्चे को सभी प्रकार के भोजन जैसे नमक, कड़वा, खट्टा और मसाला दिया जाता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि बच्चे को ऐसा भोजन न दिया जाए, जिसे वह आसानी से हजम न कर सके और न ही भोजन को बड़ी मात्रा में पेश न करें। बच्चे को भोजन कम मात्रा में दिया जाता है और सिर्फ नाम के लिए बालक को भोजन कराया जाता है। इस उत्सव का पालन देश के कई हिस्सों में विविध रीति-रिवाजों के साथ किया जाता है। इस लेख में आप अन्नप्राशन संस्कार 2023 से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों को जानेंगे।

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अन्नप्राशन मुहूर्त 2023 क्यों महत्वपूर्ण होता है?

शुभ कार्य के लिए शुभ मुहूर्त की गणना करना काफी महत्वपूर्ण है। समय की इस गणना को "मुहूर्त" के रूप में जाना जाता है। अन्नप्राशन संस्कार 2023 के मुहूर्त की गणना के लिए शिशु का नक्षत्र महत्वपूर्ण है। बालकों के लिए अन्नप्राशन संस्कार 2023 के शुभ मुहूर्त की गणना जन्म के 6वें, 8वें, 10वें, 12वें महीने में की जाती है और कन्याओं के लिए अन्नप्राशन मुहूर्त की गणना जन्म के समय से 5वें, 7वें, 9वें, 11वे महीने में की जाती है। मुहूर्त को समझने के बाद कोई भी नया कार्य शुरू करने से विशेष घटना में सफलता और खुशी मिलती है। एस्ट्रोटॉक पर ज्योतिषियों द्वारा प्रदान किए गए अन्नप्राशन मुहूर्त के बारे में विवरण दिया गया है।

अन्नप्राशन शुभ मुहूर्त 2023: कब करना चाहिए?

अन्नप्रासन मुहूर्त, जिसे चावल खिलाने की रस्म के रूप में भी जाना जाता है, तब किया जाना चाहिए जब बच्चा पांच से बारह महीने की उम्र का हो। लड़कों के लिए यह आमतौर पर सम महीनों में किया जाता है, जैसे जब बेटा 6, 8, 10 या फिर 12 महीने की उम्र का होता है। लड़कियों को यह आमतौर पर विषम महीनों में किया जाता है, जैसे जब उसकी उम्र 5वें, 7वें, 9वें या 11वें महीने की होती है। समय का चुनाव काफी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि अन्नप्राशन संस्कार तभी किया जाता है जब बच्चा में चावल और अनाज पचाने की क्षमता विकसित हो जाती है। यदि बच्चा अभी भी भोजन को पचाने की स्थिति में नहीं है, तो इस संस्कार को बाद की तारीख के लिए स्थगित किया जा सकता है।

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साल 2023 में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त

जनवरी माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
4 जनवरी 2023, बुधवार 07:09 - 24:01
6 जनवरी 2023, शुक्रवार 24:14 - 28:38
23 जनवरी 2023, सोमवार 25:27 - 31:13
25 जनवरी 2023, बुधवार 20:05 - 31:13
26 जनवरी 2023, गुरुवार 07:09 - 10:28
27 जनवरी 2023, शुक्रवार 09:11 - 31:09
30 जनवरी 2023, सोमवार 22:15 - 31:08
फरवरी माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
2 फरवरी 2023, गुरुवार 30:18 - 31:09
3 फरवरी 2023, शुक्रवार 07:09 - 18:58
22 फरवरी 2023, बुधवार 06:54 - 27:25
23 फरवरी 2023, गुरुवार 25:34 - 30:52
24 फरवरी 2023, शुक्रवार 06:52 - 24:32
मार्च माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
1 मार्च 2023, बुधवार 06:47 - 09:51
22 मार्च 2023, बुधवार 20:21 - 30:22
23 मार्च 2023, गुरुवार 06:22 - 27:42
27 मार्च 2023, सोमवार 17:28 - 30:17
30 मार्च 2023, गुरुवार 23:31 - 30:13
31 मार्च 2023, शुक्रवार 06:13 - 25:57
अप्रैल माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
5 अप्रैल 2023, बुधवार 21:45 - 27:15
6 अप्रैल 2023, गुरुवार 06:51 - 10:04
24 अप्रैल 2023, सोमवार 10:12 - 26:07
26 अप्रैल 2023, बुधवार 11:28 - 29:45
27 अप्रैल 2023, गुरुवार 05:45 - 13:39
मई माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
3 मई 2023, बुधवार 05:39 - 23:50
22 मई 2023, सोमवार 05:27 - 10:37
24 मई 2023, बुधवार 05:26 - 27:01
29 मई 2023, सोमवार 11:49 - 28:29

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जून माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
1 जून 2023, गुरुवार 13:40 - 18:59
2 जून 2023, शुक्रवार 06:04 - 06:53
19 जून 2023, सोमवार 20:10 - 25:14
21 जून 2023, बुधवार 05:24 - 15:10
28 जून 2023, बुधवार 05:26 - 27:19
30 जून 2023, शुक्रवार 25:17 - 26:17
जुलाई माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
3 जुलाई 2023, सोमवार 06:48 - 11:02
19 जुलाई 2023, बुधवार 05:35 - 07:58
24 जुलाई 2023, सोमवार 13:43 - 29:38
27 जुलाई 2023, गुरुवार 25:28 - 29:40
28 जुलाई 2023, शुक्रवार 05:40 - 14:52
अगस्त माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
18 अगस्त 2023, शुक्रवार 22:57 - 29:52
21 अगस्त 2023, सोमवार 05:53 - 26:01
23 अगस्त 2023, बुधवार 05:54 - 08:08
28 अगस्त 2023, सोमवार 18:23 - 29:57
30 अगस्त 2023, बुधवार 21:02 - 29:58
31 अगस्त 2023, गुरुवार 05:58 - 07:05
सितंबर माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
18 सितंबर 2023, सोमवार 06:07 - 12:39
21 सितंबर 2023, गुरुवार 14:15 - 15:35
25 सितंबर 2023, सोमवार 06:11 - 07:56
27 सितंबर 2023, बुधवार 06:12 - 22:19
28 सितंबर 2023, गुरुवार 29:07 - 30:13
29 सितंबर 2023, शुक्रवार 06:13 - 15:27
अक्टूबर माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
16 अक्टूबर 2023, सोमवार 06:22 - 19:35
19 अक्टूबर 2023, गुरुवार 21:51 - 24:32
23 अक्टूबर 2023, सोमवार 17:45 - 30:28
26 अक्टूबर 2023, गुरुवार 12:25 - 30:30
27 अक्टूबर 2023, शुक्रवार 06:30 - 06:57
नवबंर माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
15 नवंबर 2023, बुधवार 27:49 - 30:44
16 नवंबर 2023, गुरुवार 06:44 - 12:35
17 नवंबर 2023, शुक्रवार 25:17 - 29:01
22 नवंबर 2023, बुधवार 18:37 - 23:04
24 नवंबर 2023, शुक्रवार 30:23 - 30:52
27 नवंबर 2023, सोमवार 13:35 - 14:46
दिसबंर माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मूहुर्त 2023
शुभ अन्नप्राशन मूहुर्त 2023 समय
13 दिसंबर 2023, बुधवार 27:10 - 31:06
14 दिसंबर 2023, गुरुवार 07:06 - 09:47
15 दिसंबर 2023, शुक्रवार 08:10 - 22:31
18 दिसंबर 2023, सोमवार 15:14 - 25:22
21 दिसंबर 2023, गुरुवार 09:38 - 31:10
22 दिसंबर 2023, शुक्रवार 07:10 - 08:17

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हिंदू धर्म में अन्नप्राशन संस्कार का महत्व

सीधे शब्दों में कहें, तो अन्नप्राशन एक ऐसा समारोह है, जहां नवजात शिशु को पहली बार भोजन दिया जाता है। हम सभी जानते हैं कि बच्चे पैदा होने के बाद लगभग 6 महीने तक मां के दूध पर निर्भर रहते हैं। इसलिए जब उन्हें ठोस आहार खिलाना शुरू किया जाता है, तो यह काफी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए माता-पिता और परिवार के अन्य सभी सदस्य यह सुनिश्चित करते हैं कि यह सबसे अनुकूल मुहूर्त के दौरान और उचित अनुष्ठानों और संस्कारों के साथ किया जाए। अन्नप्राशन को भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। साथ ही अन्नप्राशन संस्कार को पश्चिम बंगाल में मुखे भात, हिमाचल प्रदेश में भाठ खुलई और केरल में चोरूनू के नाम से जाना जाता है।

2023 में अन्नप्राशन संस्कार के दौरान प्रदर्शन करने के लिए महत्वपूर्ण अनुष्ठान

अन्नप्राशन अनुष्ठान या अन्नप्राशन विधि काफी दिलचस्प होती है। इसकी शुरुआत बच्चे को उसके मामा की गोद में बैठाने से होती है, जो उसे अपना पहला ठोस आहार खिलाते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी बच्चे को खिलाते हैं और उसे विभिन्न उपहार और कीमती सामान तोहफा स्वरूप देते हैं।

इस समारोह के दौरान मजेदार गतिविधियों में से एक है, जब बच्चे के सामने कलम, किताबें, सोने के आभूषण, भोजन और मिट्टी का एक छोटा सा ढेला जैसी कई चीजें एक थाली में रखी जाती हैं और बच्चे के सामने रखा जाता है। बच्चे को इनमें एक वस्तु चुनने के लिए दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि कार्यक्रम के इस भाग से यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चे की पसंद और उसकी रुचि के क्षेत्र क्या होंगे तथा जिसमें वह अपना भविष्य में बनाएगा। सोने के आभूषण को चुनने का मतलब है कि वह महान धन प्राप्त करेगा, कलम ज्ञान का प्रतीक है, मिट्टी चुनने का मतलब है कि उसके पास संपत्ति होगी। जबकि किताब या भोजन चुनने का मतलब है कि बच्च धर्मार्थ और सहानुभूतिपूर्ण होगा।

बच्चे को खिलाया जाने वाला भोजन

अन्नप्राशन संस्कार में बच्चे को अर्ध ठोस और ठोस आहार दिया जाता है। लेकिन खाने की तासीर सामान्य होती है और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं। इनमें मुख्य रूप से खीर या पायसम, मछली, मांस व्यंजन, दाल या सांबर और तले हुए चावल और पुलाव आदि अन्नप्राशन संस्कार 2023 में बच्चे को दिए जा सकते हैं।

अन्नप्राशन संस्कार 2023 को करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियां

यह समझना महत्वपूर्ण है कि आपका शिशु बहुत छोटा है और उसे पहली बार ठोस आहार दिया जाएगा, इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

  • बच्चे को वही खिलाएं, जो आप लोगा सामान्यतौर पर घर में खाते हैं। लेकिन यह अवश्य ध्यान रखें कि बच्चे वह भोजन आसानी से पच जाए। आप चाहें तो बच्चे को सादा चावल भी दे सकते हैं।
  • इस संस्कार में स्वच्छता काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आप नहीं चाहते कि आपका बच्चा भोजन में कीटाणुओं और जीवाणुओं के कारण बीमार पड़े।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए अपने बच्चे के बाल रोग विशेषज्ञ से पहले ही सलाह लें कि आप अपने बच्चे को वह अच्छा खिला रहे हैं, जो उसे सबसे अच्छा लगता है।
  • बच्चे को भोजन कराने से पहले अपने हाथ साफ करें। इसके बाद ही उसे खिलाए जाने वाले भोजन को हाथ से पकड़ें। बेहतर होगा कि आप उसे उसके चम्मच से खाना खिलाएं।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका बच्चा समारोह के दौरान परेशान न हो और सभी के साथ आनंद लेता है, उसे पहले ही सुला दें ताकि उसकी नींद पूरी हो जाए और समारोह का आनंद उठा सके।
  • बहुत सारे मेहमान बच्चे को डर सकता है। इसलिए आप यह सुनिश्चित करें कि घर में बहुत अधिक मेहमानों को आमंत्रित करके कार्यक्रम स्थल पर भीड़भाड़ न करें।
  • अपने बच्चे को नरम और आरामदायक कपड़े पहनाएं ताकि वह अनुष्ठान के दौरान असहज महसूस न करे।
  • बच्चे को ऐसे कपड़े न पहनाएं, जिससे उसे एलर्जी हो। आरामदायक फैब्रिक ही चुनें। जैसे गर्मी के मौसम के लिए सूती से बने कपड़े पहनाना सही रहेगा।
  • बच्चे के लिए टाइट-फिटिंग कपड़े नहीं खरीदें। उसे के लिए हमेशा ढीले कपड़ें लें ताकि पहनने के बाद उसे हिलने-डुलने में परेशानी महसूस न हो।
  • बच्चे को दूध पिलाते समय पैदा हुई गंदगी को साफ करने के लिए ढेर सारे टिशू पेपर और नैपकिन रखें।
  • आप घर के हिस्से में अन्नप्राशसन अनुष्ठान को संपन्न करने के वाले हैं, वह जगह हवादार हो ताकि हवन करते समय वहां बैठे लोगों को घुटन न हो और बच्चे को भी किसी तरह की तकलीफ न हो।

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