जानें ख़राब किस्मत कैसे बदली जा सकती है एक चुटकी सिंदूर से

जानें ख़राब किस्मत कैसे बदली जा सकती है एक चुटकी सिंदूर से

सिंदूर

प्राचीन समय से ही हिंदू धर्म परंपराओं के साथ-साथ संस्कृति पर भी पूरी तरह से निर्भर है। सदियों से यह परंपराएं लोगों के बीच में प्रचलित रही हैं। अपनी संस्कृति की वजह से ही भारत दुनिया भर में अलग पहचान बनाए हुए हैं। ऐसी ही एक परंपरा सिंदूर लगाने की भी है जिसको सुहागन स्त्रियां अपनी मांग में लगाती हैं। शादी के बाद हर स्त्री सिंदूर लगाती है क्योंकि यह सुहाग का प्रतीक है। शास्त्रों में भी सिंदूर का काफ़ी महत्व बताया गया है और ऐसी मान्यता है कि शादी के रिश्ते को सात जन्मों तक सफलतापूर्वक चलाने के लिए सिंदूर का बहुत अधिक महत्व है। लेकिन सिंदूर किसी सुहागन की मांग की शोभा बढ़ाने के अलावा भी बहुत उपयोगी है। सिंदूर से जुड़े कुछ ऐसे उपाय है जिनकी सहायता से दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदला जा सकता है।

मान सम्मान बढ़ाता है

ऐसे बहुत से लोग हैं जिनके जीवन में सम्मान की बहुत अधिक कमी रहती है। वो समाज द्वारा इतनी इज्जत हासिल नहीं कर पाते जितनी इज्ज़त के वो लायक होते हैं। यदि आप भी ऐसी ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं और आपके घरवाले, रिश्तेदार या समाज के लोग आपका आदर नहीं करते तो इसके लिए आपको सिंदूर का यह छोटा सा उपाय करना होगा।

बुधवार के दिन एक पान का पत्ता लेकर उसमें सिंदूर और फ़िटकरी रखकर अच्छे से बांध ले। अब इसको किसी पीपल के पेड़ के नीचे दबा दें। इस को दबाने के लिए किसी बड़े पत्थर का प्रयोग करना होगा।। इस काम को 7 बार करने से आपका मान-सम्मान लोगों के बीच में बढ़ जाएगा।

घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए

यदि घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर जाए तो फिर जीवन बहुत ही परेशानियों से घिर जाता है। इंसान की सुख समृद्धि सब खत्म हो जाती है। लेकिन एक चुटकी सिंदूर का प्रयोग करके आप अपने घर से नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश पर पाबंदी लगा सकते हैं। यह उपाय करने के लिए आपको अपने घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर लगाना होगा। ऐसा करने से आपके घर से नकारात्मकता खत्म हो जाएगी तथा कोई नेगेटिव शक्ति घर में प्रवेश भी नहीं कर पाएगी। शास्त्रों में गणेश की मूर्ति पर सिंदूर लगाकर घर में रखने को भी बहुत शुभ बताया गया है। इससे घर परिवार की सुख समृद्धि में बढ़ोतरी होती है और घर की सारी समस्याएं दूर होकर खुशहाली आती है।

ग्रह को शांत करने के लिए

यदि व्यक्ति के ग्रह ख़राब हो जाए तो उसका हर काम बिगड़ने लगता है। शास्त्रों के अनुसार नौ ग्रह के दोष को सिंदूर के द्वारा दूर किया जा सकता है। ऐसे लोग जिनकी जन्म कुंडली में मंगल और सूर्य उनके लिए मारक ग्रह हैं तथा उनकी अंतर्दशा या महादशा चल रही है। तो फिर यह विशेष उपाय उन्हीं लोगों के लिए है। ऐसी कुंडली वाले लोगों को बहते जल में सिंदूर को प्रवाहित करना चाहिए। इससे उनके जीवन में संबंधित ग्रह का प्रभाव काफ़ी कम हो जाता है। इसके साथ ही सूर्य और मंगल भी उनको शुभ फल देने लगेंगे।

पति-पत्नी में अनबन को करता है खत्म

शायद ही ऐसे कोई पति-पत्नी हों जिनमें नोक-झोंक न होती हो। परंतु यह स्थिति गंभीर उस समय लगने लगती है जब आपसी नोंक-झोंक गंभीर झगड़े में बदलने लगती है। इसके कारण घर में हर समय लड़ाई झगड़ा, क्लेश रहने लगता है जो घर की शांति को भंग करने के अलावा मियां-बीवी में भी दूरी लाता है। तो अपने शादीशुदा जीवन से अनबन को दूर करने के लिए रात को सोते समय अपनी पत्नी के तकिए के नीचे एक सिंदूर की पुड़िया बना कर रख दें। इसके प्रभाव से आप दोनों के बीच होने वाला झगड़ा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

कर्ज और आर्थिक तंगी से छुटकारा

अगर आपके पास पैसा बिल्कुल भी नहीं टिकता और आपके द्वारा हर प्रयास करने के बाद भी आप निरंतर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। तो आप इसके लिए एक नारियल ले लें और उस पर सिंदूर लगा दें। अब किसी साफ़ लाल कपड़े में बांधकर उसकी पूजा करें। पूजा के बाद इस नारियल को अपने प्रतिष्ठान में रख दें और साथ ही लक्ष्मी देवी से धन की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। यदि आपने किसी से कर्ज ले रखा है तो भी यही उपाय करें। धीरे-धीरे आपकी धन संबंधी समस्या दूर हो जाएंगी।

मानसिक तनाव भी कम करता है

हो सकता है कि आपको यह बात पता न हो कि मांग में सिंदूर लगाने से स्त्रियों का मानसिक तनाव भी काफ़ी हद तक कम होता है। जिस जगह पर सुहागन सिंदूर लगाती हैं उसे ब्रह्मरंध्र कहते हैं और यह जगह काफ़ी संवेदनशील होती है। यदि किसी स्त्री को किसी प्रकार की मानसिक बीमारी है तो उसके भी कम होने की संभावना होती है। अगर यह कहा जाए कि स्त्रियों के लिए सिंदूर बहुत ही फायदेमंद है तो यह बिल्कुल भी गलत नहीं होगा।

यह भी पढ़ें- आठ मुखी रुद्राक्ष – महत्व, लाभ और धारण विधि

 145 total views


Tags: ,

No Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *