सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि सावन महीने में की गई पूजा, व्रत, जाप और उपाय आदि का विशेष लाभ मिलता है। इसे हिंदू धर्म का सबसे शुभ और पवित्र महीना माना जाता है। स्कंद पुराण में सावन महीने में शिव पूजन का माहात्म्य बताया गया है।
सावन में देव, ऋषि और भक्तगण सभी महादेव की उपासना करते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस पूरे महीने पूर्ण निष्ठा और श्रद्धा भाव से भगवान शिव की पूजा,जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और व्रत आदि करने से शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वैसे तो सावन माह का हर दिन बहुत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। लेकिन खासकर सावन में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस दिन शिवभक्त व्रत रखते हैं। सावन में पड़ने वाले सोमवार को सावन सोमवारी (Sawan Somwari) भी कहा जाता है। सावन महीने से जुड़ी अन्य जानकारी, उपाय या ज्योतिषीय परामर्श के लिए आप एस्ट्रोटॉक पर ज्योतिषी से चैट और कॉल कंसल्टेशन कर सकते हैं। एस्ट्रोटॉक पर पहला कंसल्टेशन या चैट बिल्कुल मुफ्त (chat with astrologer) है।
सावन का महीना इस साल 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस दौरान चार सोमवार पड़ेंगे। वहीं पहला सावन सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। सावन का पहला सोमवार बहुत खास माना जाता है। पहले सावन सोमवार पर शिवालयों में भी भक्तों की भीड़ रहती है। इस दिन बड़ी संख्या में भक्त व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक और मंत्र जाप करते हैं। एस्ट्रोटॉक पंचांग के अनुसार इस बार सावन के पहले सोमवार पर यानी 3 अगस्त को सुकर्मा योग और उत्तरभाद्रपद नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसमें पूजा करना अत्यंत फलयादी रहेगा।
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4 बजकर 19 मिनट से 5 बजकर 01 मिनट तक |
| अमृत चौघड़िया मुहूर्त | सुबह 5 बजकर 42 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट तक |
| शुभ चौघड़िया मुहूर्त | सुबह 9 बजकर 5 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक |
| लाभ चौघड़िया मुहूर्त | दोपहर 3 बजकर 49 मिनट से शाम 5 बजकर 30 मिनट तक |
| अमृत चौघड़िया मुहूर्त | शाम 5 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक |
| प्रदोष काल मुहूर्त | शाम 6 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 56 मिनट तक |
पूजा-पाठ या अन्य जरूरी काम शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। मान्यता है कि, शुभ मुहूर्त में किए कामों से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है, पूजा का शुभ फल मिलता है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। शुभ मुहूर्त और शुभ योग में भगवान की पूजा से सभी कार्य भी सफल होते हैं और सुख-समृद्धि बढ़ती है। यहां हमने आपको सावन के पहले सोमवार पर बनने वाले शुभ मुहूर्त के बारे में बताया। इन मुहूर्त में सावन सोमवार की पूजा करना फलदायी रहेगा। हर दिन का शुभ मुहूर्त जानने के लिए आप एस्ट्रोटॉक पर आज का पंचांग (aaj ka panchang) भी देख सकते हैं।

शिवजी की पूजा विधि जटिल न होकर बेहद आसान होती है। भोलेनाथ इतने भोले हैं कि, अगर उन्हें श्रद्धापूर्वक एक लोटा शुद्ध जल चढ़ाया जाए तो वे प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन सावन सोमवार जैसे महत्वपूर्ण दिन पर पूजा भी विशेष होनी चाहिए। कुछ लोग इस दिन घर पर ही पूजा करते हैं तो वहीं कुछ शिवालय या मंदिर जाकर पूजा-पाठ करते हैं। यहां हम आपको सावन सोमवार के दिन घर और मंदिर दोनों स्थानों पर शिवजी की पूजा करने के लिए आसान पूजा विधि बता रहे हैं।
सावन के पहले सोमवार पर आप किसी कारण मंदिर नहीं जा पाएं या मंदिर जाने में समर्थ न हों तो घर पर भी श्रद्धापूर्वक पूजा कर सकते हैं। घर पर की गई पूजा का भी उतना ही लाभ मिलता है। घर पर पूजा करने के ये नोट करें पूजा विधि-
सावन सोमवार पर मंदिर में पूजा करने की विधि
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