| आज की तिथि | द्वादशी |
| नक्षत्र | माघ तक 16:07 |
| ज्योतिष योग | शुभ |
| आज का करण | कौलव |
| पक्ष | कृष्ण |
| वार | बुधवार |
| शक संवत | 1948 विश्वावसु |
| विक्रम संवत | 2083 विश्वावसु |
| तारा बल | अश्विनी, रोहिणी, आद्र, पुष्या, माघ, हस्ता, स्वाति, अनुरुद्ध, मुला, श्रावना, शताभिशा, उत्तर भद्रपद |
| चंद्र बल | अश्विनी, रोहिणी, आद्र, पुष्या, माघ, हस्ता, स्वाति, अनुरुद्ध, मुला, श्रावना, शताभिशा, उत्तर भद्रपद |
| Planets | Rashi | Longitude | नक्षत्र | Pada |
|---|---|---|---|---|
| Ascendant | Virgo | 18°40′23″ | Hasta | 3 |
| SUN | Virgo | 19°32′42″ | Hasta | 3 |
| MOON | Leo | 4°34′16″ | Magha | 2 |
| MERCURY | Libra | 14°1′5″ | Swati | 3 |
| VENUS | Libra | 13°59′4″ | Swati | 3 |
| MARS | Cancer | 10°56′2″ | Pushya | 3 |
| JUPITER | Cancer | 26°24′43″ | Ashlesha | 3 |
| SATURN | Pisces | 16°52′16″ | Revati | 1 |
| RAHU | Aquarius | 3°9′44″ | Dhanishta | 3 |
| KETU | Leo | 3°9′44″ | Magha | 1 |
"आज का पंचांग" का शाब्दिक अर्थ है आज के दिन के 'पांच अंग'। ये पाँच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। वैदिक ज्योतिष में किसी भी दिन के इन पांचों अंगों का विश्लेषण करके दिन की शुभता और ग्रहों की स्थिति का आंकलन किया जाता है।
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से पहले आज का पंचांग देखने की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। दैनिक जीवन में सही समय और सही मुहूर्त का चुनाव ही सफलता का आधार बनता है। आज का पंचांग आपको दिन भर की ग्रहों की चाल, शुभ-अशुभ समय (जैसे अभिजित मुहूर्त और राहूकाल) और धार्मिक पर्व-त्योहारों की सटीक जानकारी प्रदान करता है, ताकि आप अपने हर कार्य को शुभ और फलदायी बना सकें।
हिन्दू पंचांग केवल तारीख बताने वाला कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह दिन के शुभ-अशुभ समय, ग्रहों की स्थिति और ज्योतिषीय संकेतों की जानकारी देने वाला वैदिक माध्यम भी माना जाता है। दैनिक पंचांग की मदद से यह जाना जाता है कि आज कौन सी तिथि चल रही है, कौन सा वार है, कौन सा नक्षत्र प्रभाव में है और दिन का कौन सा समय शुभ या अशुभ है ।
आज के समय में भी कई लोग यात्रा, पूजा-पाठ, खरीदारी, नया बिज़नेस शुरू करने या किसी महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले आज के पंचांग की तिथि, वार , नक्षत्र , होरा , करण, शुभ चौघड़िया मुहूर्त और अशुभ राहु काल जैसी जानकारी जरूर देखते हैं। मान्यता है कि सही समय पर शुरू किया गया काम सकारात्मक परिणाम देता है और रुकावटें कम आती हैं।
पंचांग ग्रहों, चंद्रमा और नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है। ज्योतिष के जानकार इसी की मदद से यह समझते हैं कि दिन का कौन सा समय शुभ रहेगा और किस समय सावधानी बरतनी चाहिए। यही वजह है कि पूजा-पाठ, विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीदारी, नई नौकरी, व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य से पहले आज का पंचांग (aaj ka panchang) जरूर देखा जाता है। दैनिक पंचांग में आज की तिथि, आज का वार, आज का नक्षत्र, आज का योग, आज का होरा और आज का करण। जैसी जानकारियां दी जाती हैं, जिन्हें पंचांग के मुख्य अंग माना गया है। इनके आधार पर दिन-रात के चौघड़िया और दिन के प्रभाव का अनुमान लगाया जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर दिन ग्रहों की स्थिति बदलती रहती है, इसलिए हिन्दू पंचांग भी रोज अलग होता है। पुराने समय में लोग किसी भी शुभ कार्य से पहले पंचांग देखकर ही समय तय करते थे और आज भी यह परंपरा काफी हद तक जारी है। आसान भाषा में कहें तो आज का पंचांग तिथि, वार और नक्षत्र व्यक्ति को सही समय चुनने और दिन की बेहतर योजना बनाने में मदद करता है।
एस्ट्रोटोक (Astrotalk) पर आज का पंचांग दिन की महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारियां जैसे तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और पक्ष के साथ-साथ राहुकाल, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसी बातें बताता हैं। इसके अलावा पंचांग ग्रहों की स्थिति, राशि परिवर्तन, गोचर और अन्य ज्योतिषीय प्रभावों की जानकारी भी देता है।
अपने दिन से जुड़ी भविष्यवाणी जानने के लिए हमारा आज का राशिफल ज़रूर पढ़ें
A: हाँ, ग्रहों और चंद्रमा की स्थिति बदलने के कारण आज का पंचांग रोज़ बदलता रहता है।
A: पंचांग में ग्रहों और चंद्रमा की गणना के आधार पर तिथि, वार और नक्षत्र की जानकारी दी जाती है।
A: आज का चौघड़िया दिन और रात के समय को विभक्त करने वाला एक त्वरित समय-चक्र है। इसमें शुभ, लाभ, अमृत और चर को कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है, जबकि उद्वेग, रोग और काल नामक समय खंडों को अशुभ मानकर त्याग दिया जाता है।