Mangal Dosha Calculator in Hindi (मंगल दोष कैलकुलेटर)

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क्या आपके विवाह या करियर के फैसलों में देरी हो रही है? जानिए कुंडली में छिपे मंगल का प्रभाव। पेश है मंगल दोष कैलकुलेटर, जो आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों की स्थिति को डिकोड करता है। यह एडवांस टूल आपको बताएगा कि आपकी कुंडली में मंगल दोष है या नहीं, या फिर कोई शुभ योग इस दोष को पूरी तरह समाप्त कर रहा है। अपनी सही ज्योतिषीय स्थिति जानें, मन के भ्रम को दूर करें और जीवन में सुख-शांति लाने के आसान तरीके खोजें। अभी अपनी कुंडली स्कैन करें!

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विवाह जैसे शुभ कार्यों को करने के लिए लोग सबसे पहले कुंडली का विश्लेषण करते हैं और उसमें मंगल दोष की जांच कराते हैं। यह देखा जाता है कि कहीं वर या वधू की कुंडली में मांगलिक दोष तो नहीं। वैदिक ज्योतिष में माना जाता है कि यदि जन्म कुंडली में मंगल ग्रह कुछ विशेष भावों में स्थित हो, तो मांगलिक दोष बन सकता है। 

हालांकि, इसका प्रभाव हर व्यक्ति की कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में हर कोई सबसे पहले मंगल दोष कैलकुलेटर से मंगल दोष का पता लगाना चाहता है। यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में मंगल दोष है या नहीं, तो मांगलिक दोष कैलकुलेटर (manglik calculator in Hindi) की मदद से अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान दर्ज करके आसानी से जान सकते हैं। तो आइए आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले जानते हैं मंगल दोष क्या होता है।

मंगल दोष क्या है?

ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, रक्त, आत्मविश्वास, भूमि, संपत्ति और वैवाहिक जीवन जैसे विषयों का कारक माना जाता है इसलिए इसकी स्थिति का विशेष महत्व होता है। जन्म कुंडली में यदि मंगल दोष हो तो व्यक्ति को विवाह से संबंधित, रक्त संबंधी बीमारियों और भूमि-भवन से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। 

मंगल दोष जातक को तभी होता है जब कुंडली के लग्न भाव, चौथा भाव, सातवां भाव, आठवां भाव और बारहवां भाव में मंगल स्थित होता है। इसे मांगलिक दोष, कुजा दोष और चेव्वई/सेव्वई दोषम (तमिल) जैसे कई नामों से भी जाना जाता है।

मांगलिक दोष के प्रकार

मंगल दोष दो प्रकार के होते हैं-

  1. उच्च मंगल दोष: यदि मंगल ग्रह किसी जातक के जन्म कुंडली में पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव पर होता है, तो इसे उच्च मांगलिक दोष माना जाता है। यह बहुत अधिक अशुभ माना जाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
  2. निम्न मंगल दोष : यदि मंगल ग्रह किसी जातक की जन्म कुंडली में से केवल किसी एक में भी पहले, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव पर होता है, तो इसे निम्न मांगलिक दोष या आंशिक मांगलिक दोष माना जाएगा। कुछ ज्योतिषियों के अनुसार 28 वर्ष की आयु होने के बाद यह दोष अपने आप आपकी कुंडली से समाप्त हो जाता है।

अब आगे जानते हैं मंगल दोष कैलकुलेटर के बारे में।

मंगल दोष कैलकुलेटर क्या है?

मांगलिक दोष कैलकुलेटर एक ऑनलाइन ज्योतिषीय टूल है, जिसका इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है। इसके लिए आपको अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान की जानकारी दर्ज करके यह पता लगाया जाता है कि व्यक्ति 'मांगलिक' है या नहीं। यदि है तो दोष कितना प्रबल या कमजोर है। इस बारें स्पष्ट और विस्तार से जानकारी इस टूल में आसानी से मिल जाती है। 

मंगल दोष कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें

मांगलिक दोष कैलकुलेटर बहुत ही आसान टूल है। इसके लिए सबसे पहले इस टूल में जाकर नाम, लिंग, जन्म की तिथि, जन्म समय व जन्म स्थान दर्ज कर लें। इसके बाद कैलकुलेट पर क्लिक करें। आपको तुरंत सेकंड में ही रिजल्ट मिल जाएगा।

मंगल दोष से जुड़ी कुछ ख़ास बातें

  • मंगल दोष को लेकर लोगों के मन में कई तरह की मान्यताएं हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है। इसका प्रभाव जन्म कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति और अन्य ग्रहों के योग पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं मंगल दोष से जुड़ी कुछ ख़ास बातें।
  • मंगल दोष स्त्री और पुरुष, दोनों की कुंडली में हो सकता है इसलिए विवाह से पहले दोनों की कुंडली का मिलान करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
  • मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास का कारक है। कुछ लोगों में मंगल दोष की वजह से गुस्सा या हर काम में जल्दबाजी जैसी प्रवृत्ति अधिक हो सकती है। हालांकि, यह हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता।
  • माना जाता है कि यदि कुंडली में मंगल का प्रभाव अधिक हो, तो व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन इसका सही आकलन पूरी कुंडली देखने के बाद ही किया जाता है।
  • यदि दोनों पक्ष मांगलिक हों, तो मंगल दोष का प्रभाव संतुलित माना जाता है। हालांकि, यह भी दोनों की पूरी कुंडली पर निर्भर करता है।

कुंडली के अलग-अलग भावों में मंगल दोष का प्रभाव

माना जाता है कि मंगल दोष जीवन के अलग-अलग हिस्सों पर असर डालता है और यह इसका प्रभाव इस बाद पर निर्भर करता है कि यह कुंडली के किस भाव में है।

  • पहला भाव : शादीशुदा ज़िंदगी में झगड़े और गलतफहमियां हो सकती हैं।
  • दूसरा भाव: परिवार के मामलों में दिक्कतें आ सकती हैं और शादीशुदा ज़िंदगी में तालमेल पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • चौथा भाव: कामकाज या करियर में मुश्किलें और तनाव हो सकते हैं।
  • सातवां भाव: अहंकार की भावना बढ़ सकती है, जिससे रिश्तों में समस्याएं आ सकती हैं।
  • आठवां भाव: पुश्तैनी संपत्ति से जुड़ा नुकसान या झगड़ा हो सकता है।
  • बारहवां भाव: मानसिक तनाव हो सकता है, जिसका परिवार की ज़िंदगी पर बुरा असर पड़ सकता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैसे पता करें कि मंगल दोष है?

कुंडली में मंगल दोष या मांगलिक दोष का पता लगाने के लिए, अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान का उपयोग करके किसी ऑनलाइन टूल का उपयोग करें।

मांगलिक दोष कैलकुलेटर क्या है?

मांगलिक दोष कैलकुलेटर एक ऑनलाइन ज्योतिषीय टूल है जो आपकी जन्मतिथि, समय और स्थान के आधार पर आपकी कुंडली में 'मांगलिक दोष' की स्थिति का विश्लेषण करता है

मंगल दोष कितने वर्ष तक रहता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल दोष (मांगलिक दोष) का प्रभाव किसी निश्चित अवधि या कुछ वर्षों में समाप्त नहीं होता, यह जन्म कुंडली में जीवन भर बना रहता है

मंगल दोष हटाने के लिए क्या करना चाहिए?

मंगल दोष को दूर करने के लिए प्रतिदिन हनुमान जी की पूजा और मंगलवार का व्रत रखें।

मंगल दोष कितने प्रकार के होते हैं?

मंगल दोष दो प्रकार के होते हैं- उच्च (पूर्ण) और निम्न (आंशिक)।

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