
मेहनत और संघर्षों करके जमीन खरीदने के बाद हर व्यक्ति का सपना होता है, सुंदर और सुख-समृद्धि से भरा घर बनाने का। इसके लिए वह शुभ मुहूर्त की तलाश करता है। हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना बहुत जरूरी माना जाता है। इसलिए घर में सुख, शांति, धन-धान्य और सकारात्मक ऊर्जा का वास रहे इसके लिए हर कोई भूमि पूजन के लिए घर की नींव का मुहूर्त 2026 (ghar banane ka shubh muhurat 2026) का चयन करते हैं।
यदि आप वर्ष 2026 में अपने नए घर का निर्माण शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। तो चलिए सबसे पहले जान लेते हैं कि घर की नींव का मुहूर्त 2026 (bhumi pujan ka shubh muhurt) का क्या महत्व है।
इस माह ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति न होने के कारण कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। ऐसे में इस माह घर की नींव रखने का कार्य नहीं करना चाहिए।
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तिथि |
दिन |
शुभ |
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12 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र |
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18 फरवरी 2026 |
बुधवार |
शतभिषा नक्षत्र |
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26 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
रोहिणी नक्षत्र |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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04 मार्च 2026 |
बुधवार |
मृगशिरा नक्षत्र |
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11 मार्च 2026 |
बुधवार |
अनुराधा नक्षत्र |
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19 मार्च 2026 |
गुरुवार |
रेवती नक्षत्र (हिंदू नववर्ष) |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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09 अप्रैल 2026 |
गुरुवार |
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र |
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15 अप्रैल 2026 |
बुधवार |
शतभिषा नक्षत्र |
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23 अप्रैल 2026 |
गुरुवार |
अक्षय तृतीया (अत्यंत शुभ) |
ज्येष्ठ और आषाढ़ मास के कारण इन महीनों में गृह निर्माण या भूमि पूजन के लिए बहुत कम शुभ मुहूर्त होते हैं। इसके अलावा, जब भगवान विष्णु योग निद्रा में जाते हैं (देवशयनी एकादशी से), तो बड़े मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं।
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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05 अगस्त 2026 |
बुधवार |
पुष्य नक्षत्र |
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13 अगस्त 2026 |
गुरुवार |
उत्तरा फाल्गुनी |
इस माह ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति न होने के कारण कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। ऐसे में इस माह घर की नींव रखने का कार्य नहीं करना चाहिए।
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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18 नवंबर 2026 |
बुधवार |
अनुराधा नक्षत्र |
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26 नवंबर 2026 |
गुरुवार |
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र |
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तिथि |
वार |
मुहूर्त |
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09 दिसंबर 2026 |
बुधवार |
मृगशिरा नक्षत्र |
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17 दिसंबर 2026 |
गुरुवार |
रेवती नक्षत्र |
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त देखने की परंपरा बहुत पुरानी है। चाहे शादी हो, गृह प्रवेश हो या नया व्यवसाय शुरू करना हो शुभ मुहूर्त देखना बहुत जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि सही मुहूर्त में शुरू किया गया कार्य बिना बाधाओं के साथ पूरा होता है और लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करता है।
इसके अलावा, परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और उस घर में कभी भी धन धान्य की कमी नहीं होती है। शुभ मुहूर्त के लिए शुभ वार, शुभ नक्षत्र, शुभ योग, शुभ करण, चंद्रमा की स्थिति, लग्न और पंचांग का देखना बहुत जरूरी होता है।
घर में प्रवेश करने से पहले और जमीन खरीदने के बाद भूमि पूजन करवाना बहुत ही जरूरी माना जाता है। भूमि पूजन का अर्थ है धरती की पूजा अर्चना। यह वह धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें निर्माण कार्य शुरू करने से पहले धरती माता, वास्तु देवता, पंचतत्व और अन्य देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है।
इसे घर की नींव पूजन या शिलान्यास भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जिस स्थान पर घर बनाया जाना है, वहां पहले से मौजूद नकारात्मक ऊर्जा, भूमि दोष या वास्तु संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भूमि पूजन किया जाता है। इसके बाद ही घर की पहली नींव रखी जाती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, भूमि पूजा के लिए वैशाख (अप्रैल-मई), फाल्गुन (मार्च-अप्रैल), मार्गशीर्ष (नवंबर-दिसंबर), और माघ (जनवरी-फरवरी) के महीने सबसे शुभ माने जाते हैं। इन महीनों में भूमि पूजन करवाना बेहद शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ समय ऐसे होते हैं जब नए घर का निर्माण या भूमि पूजन शुरू करने से बचना चाहिए। जैसे आषाढ़ शुक्ल पक्ष से लेकर कार्तिक शुक्ल पक्ष तक नए घर का निर्माण शुरू नहीं रना चाहिए। खरमास के दौरान भी अधिकांश लोग शिलान्यास या भूमि पूजन नहीं करते। इसके अलावा, ग्रहण काल और अमावस्या जैसे विशेष समय में भी भूमि पूजन से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, अंतिम निर्णय हमेशा योग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत कुंडली देखकर लेना अधिक उचित माना जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, भूमि पूजा के लिए वैशाख (अप्रैल-मई), फाल्गुन (मार्च-अप्रैल), मार्गशीर्ष (नवंबर-दिसंबर), और माघ (जनवरी-फरवरी) के महीने सबसे शुभ माने जाते हैं।
मानसून (जुलाई-सितंबर) और भीषण गर्मियों में घर का निर्माण नहीं करना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र में अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे श्रेष्ठ और शुभ मुहूर्त माना जाता है।
गुरुवार और शुक्रवार के दिन सबसे शुभ माने जाते हैं।
मकान की नींव खोदने या भूमि पूजन के लिए सबसे उत्तम दिन सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार होते हैं।
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