आज का राहुकाल (Rahukaal Today)

New Delhi, Delhi, IndiaMonday, 8 June 2026
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राहु काल

07:07:03 AM08:51:26 AM
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☀️
सूर्योदय
11:52 pm
🌅
सूर्यास्त
01:47 pm
🌕
चंद्रोदय
07:17 pm
🌑
चंद्रास्त
06:38 am
तिथिसप्तमी
नक्षत्रशताभिशा तक 21:53
योगविष्कुंभा
करणबाव
पक्षकृष्ण
वारसोमवार

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

राहु काल07:07:03 AM08:51:26 AM
यमगंड10:35:48 AM12:20:11 PM
Gulika Kaal02:04:33 PM03:48:56 PM
कंटक / मृत्यु07:07:03 AM08:51:26 AM
कालवेला / अर्धयाम08:51:26 AM10:35:48 AM
यमघंटा10:35:48 AM12:20:11 PM
कुलिक काल02:04:33 PM03:48:56 PM
अभिजीत मुहूर्त
11:52:21 AM12:48:01 PM

राहुकाल को दक्षिण भारत में राहुकालम rahu kalam के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष के अनुसार हर दिन राहुकाल का समय rahukaal ka samay अलग होता है और इसकी गणना सूर्योदय के आधार पर की जाती है। पूरे दिन को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है, जिनमें से एक भाग राहुकाल माना जाता है। उदाहरण के तौर पर सोमवार को दिन का दूसरा भाग राहुकाल होता है, जबकि शनिवार को तीसरा भाग राहुकाल माना गया है। इसी तरह सप्ताह के हर दिन के लिए राहुकाल का समय अलग-अलग तय किया जाता है। यही कारण है कि लोग रोज़ आज का राहुकाल का समय aaj ka rahukaal ka samay जरूर देखते हैं।

वैदिक मान्यताओं के अनुसार राहु ग्रह का प्रभाव इस समय सबसे अधिक माना जाता है। इसलिए इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान और आध्यात्मिक कार्य इस समय किए जा सकते हैं। ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि अगर किसी जरूरी काम को शुभ समय में किया जाए और राहुकाल से बचा जाए, तो सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि आज भी पंचांग में राहुकाल का विशेष महत्व माना जाता है।

राहुकाल कैसे तय होता है?

वैदिक ज्योतिष में राहुकाल की गणना एक खास पद्धति से की जाती है। यही कारण है कि इसका समय हर दिन और हर शहर में अलग हो सकता है। कई लोग सोचते हैं कि राहुकाल हमेशा एक ही समय पर होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। सूर्योदय और सूर्यास्त के बदलने के साथ राहुकाल का समय भी बदलता रहता है।

दरअसल, सूर्योदय से सूर्यास्त तक के पूरे समय को आठ बराबर हिस्सों में बांटा जाता है। इन्हीं आठ भागों में से एक भाग राहुकाल माना जाता है। सप्ताह के हर दिन के लिए यह भाग अलग तय किया गया है। इसी वजह से राहुकाल का समय rahukaal ka samay रोज़ बदलता रहता है।

भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का समय एक जैसा नहीं होता। कहीं सूरज जल्दी निकलता है तो कहीं देर से। इसलिए आज का राहुकाल का समय aaj ka rahukaal ka samay भी हर स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। यही कारण है कि पंचांग में शहर के हिसाब से राहुकाल देखने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की चाल लगातार बदलती रहती है और उसी के प्रभाव से राहुकाल का समय भी परिवर्तित होता है। इसलिए वैदिक पंचांग में हर दिन का राहुकाल अलग से बताया जाता है।

माना जाता है कि इस समय में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। खासतौर पर विवाह, निवेश, नया व्यापार, शुभ यात्रा या किसी बड़े फैसले को राहुकाल में टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना इस दौरान करना अच्छा माना जाता है।

राहु और केतु को क्यों माना जाता है अशुभ?

वैदिक ज्योतिष में कुल नौ ग्रहों का उल्लेख मिलता है और वह नौ ग्रह है- सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु। इनमें राहु और केतु बाकी ग्रहों से काफी अलग माने जाते हैं, क्योंकि इनका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता। ज्योतिष शास्त्र में इन्हें छाया ग्रह कहा गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राहु और केतु का संबंध ग्रहण से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि जब सूर्य या चंद्रमा पर ग्रहण लगता है, तब इन दोनों ग्रहों का प्रभाव सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। इसी कारण ज्योतिष में राहु और केतु को रहस्यमयी और प्रभावशाली ग्रह माना गया है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु व्यक्ति के जीवन में भ्रम, अचानक बदलाव, मानसिक तनाव और अनिश्चित परिस्थितियों का कारण बन सकता है। वहीं केतु को वैराग्य, आध्यात्म और अलगाव का कारक माना गया है। हालांकि इन दोनों ग्रहों का प्रभाव हमेशा नकारात्मक हो, ऐसा जरूरी नहीं है। सही स्थिति में राहु व्यक्ति को अचानक सफलता, राजनीति, विदेश और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में लाभ देने का काम कर सकता है।

राहुकाल को अशुभ मानने के पीछे भी राहु ग्रह का यही प्रभाव माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, इस समय में व्यक्ति का मन अस्थिर हो सकता है और निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति बन सकती है। इसलिए नए और मांगलिक कार्यों को इस समय टालने की सलाह दी जाती है। यही वजह है कि वैदिक पंचांग में राहु और केतु का विशेष महत्व बताया गया है और शुभ मुहूर्त निकालते समय इनके प्रभाव का ध्यान रखा जाता है ताकि किस काम में अड़चन न आए।

राहुकाल के समय क्या उपाय करें?

वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को नए और मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना जाता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इस दौरान कुछ भी नहीं किया जा सकता। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में कुछ ख़ास उपाय और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इससे नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।

भगवान शिव की पूजा करें

राहुकाल में भगवान शिव की पूजा और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे राहु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

राहु मंत्र का जाप करें

इस समय “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का जाप करना अच्छा माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इससे राहु ग्रह शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

ध्यान और साधना करें

राहुकाल के दौरान ध्यान, मेडिटेशन और आध्यात्मिक साधना करना लाभकारी माना गया है। इससे मन शांत रहता है और तनाव कम होता है।

दान-पुण्य करें

जरूरतमंदों को काले तिल, सरसों का तेल, उड़द दाल या नीले वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है। कई लोग इस समय पक्षियों और जानवरों को भोजन भी कराते हैं।

पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करें

हालांकि नए शुभ काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन पूजा, मंत्र जाप, हवन और धार्मिक पाठ करना राहुकाल में अच्छा माना गया है।

किन कामों से बचना चाहिए?

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शादी-विवाह, नया व्यापार, निवेश, यात्रा की शुरुआत और बड़े फैसले लेने से बचना बेहतर माना जाता है। राहुकाल को सावधानी वाला समय माना जाता है, लेकिन सही उपाय और पूजा-पाठ से इसका प्रभाव काफी हद तक शांत किया जा सकता है।

वार के अनुसार राहुकाल

वैदिक पंचांग के अनुसार राहुकाल का समय सप्ताह के हर दिन अलग माना जाता है। इसकी गणना सूर्योदय और दिनमान के आधार पर की जाती है, इसलिए अलग-अलग शहरों में राहुकाल के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। नीचे सामान्य रूप से राहुकाल के भाग बताए गए हैं:

वार

राहुकाल

रविवार

दिनमान का 8वां भाग

सोमवार

दूसरा भाग         

मंगलवार

सातवां भाग

बुधवार

पांचवां भाग

गुरुवार

छठा भाग

शुक्रवार

चौथा भाग

शनिवार

तीसरा भाग

हिंदू पंचांग और वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को दिन का सबसे अशुभ समय माना गया है। यही वजह है कि लोग अक्सर आज का राहुकाल aaj ka rahu kaal और राहुकाल का समय aaj ka rahukaal ka samay जानना चाहते हैं, ताकि किसी जरूरी काम को सही समय पर शुरू किया जा सके। राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसमें नए और शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इस दौरान शुरू किए गए कामों में रुकावट, देरी या मनचाहे परिणाम न मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए ज्योतिष में शादी-विवाह, निवेश, नया व्यापार, यात्रा या किसी बड़े फैसले के समय राहुकाल को टालने की सलाह दी जाती है।

 

FAQs

प्रश्न1. राहु काल क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु काल दिन का वह अशुभ समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए पूरी तरह वर्जित माना जाता है।

प्रश्न2. राहु किस देवता से डरता है?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, छाया ग्रह राहु मुख्य रूप से भगवान शिव और हनुमान जी से नियंत्रित होता है और इनसे डरता है।

प्रश्न3. राहु के खराब होने के क्या लक्षण हैं?

व्यक्ति के जीवन में अचानक मानसिक तनाव, अप्रत्याशित आर्थिक नुकसान, बनता हुआ काम बिगड़ना, और भ्रम की स्थिति पैदा होने लगती है।

प्रश्न4. क्या राहुकाल में पूजा-पाठ कर सकते हैं?

हां, राहुकाल में पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।

प्रश्न5. राहुकाल कितनी देर का होता है?

सामान्य रूप से राहुकाल लगभग 90 मिनट का माना जाता है, हालांकि स्थान और सूर्योदय के समय के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।