आज का राहुकाल समय - Rahukaal Today

New Delhi, Delhi, IndiaFriday, 28 August 2026
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राहु काल

10:45:54 AM12:22:11 PM
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सूर्योदय
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वारशुक्रवार

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)

राहु काल10:45:54 AM12:22:11 PM
यमगंड05:11:03 PM06:47:20 PM
Gulika Kaal07:33:19 AM09:09:37 AM
कंटक / मृत्यु12:22:11 PM01:58:28 PM
कालवेला / अर्धयाम01:58:28 PM03:34:45 PM
यमघंटा03:34:45 PM05:11:03 PM
कुलिक काल07:33:19 AM09:09:37 AM
अभिजीत मुहूर्त
11:56:30 AM12:47:52 PM

राहुकाल को दक्षिण भारत में राहुकालम (rahu kalam) के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष के अनुसार हर दिन राहुकाल का समय अलग होता है और इसकी गणना सूर्योदय के आधार पर की जाती है। पूरे दिन को आठ बराबर भागों में बांटा जाता है, जिनमें से एक भाग राहुकाल माना जाता है। उदाहरण के तौर पर सोमवार को दिन का दूसरा भाग राहुकाल होता है, जबकि शनिवार को तीसरा भाग राहुकाल माना गया है। इसी तरह सप्ताह के हर दिन के लिए राहुकाल का समय अलग-अलग तय किया जाता है। यही कारण है कि लोग रोज़ आज का राहुकाल का समय जरूर देखते हैं।

वैदिक मान्यताओं के अनुसार राहु ग्रह का प्रभाव इस समय सबसे अधिक माना जाता है। इसलिए इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान और आध्यात्मिक कार्य इस समय किए जा सकते हैं। ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि अगर किसी जरूरी काम को शुभ समय में किया जाए और राहुकाल से बचा जाए, तो सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि आज भी पंचांग में राहुकाल का विशेष महत्व माना जाता है।

आज का राहुकाल का समय कैसे तय होता है?

वैदिक ज्योतिष में राहुकाल की गणना एक खास पद्धति से की जाती है। यही कारण है कि इसका समय हर दिन और हर शहर में अलग हो सकता है। कई लोग सोचते हैं कि राहुकाल हमेशा एक ही समय पर होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। सूर्योदय और सूर्यास्त के बदलने के साथ राहुकाल का समय भी बदलता रहता है।

दरअसल, सूर्योदय से सूर्यास्त तक के पूरे समय को आठ बराबर हिस्सों में बांटा जाता है। इन्हीं आठ भागों में से एक भाग राहुकाल माना जाता है। सप्ताह के हर दिन के लिए यह भाग अलग तय किया गया है। इसी वजह से राहुकाल का समय रोज़ बदलता रहता है।

भारत के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का समय एक जैसा नहीं होता। कहीं सूरज जल्दी निकलता है तो कहीं देर से। इसलिए राहुकाल भी हर स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। यही कारण है कि दैनिक पंचांग में शहर के हिसाब से राहुकाल देखने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की चाल लगातार बदलती रहती है और उसी के प्रभाव से राहुकाल का समय भी परिवर्तित होता है। इसलिए वैदिक पंचांग में हर दिन का राहुकाल अलग से बताया जाता है।

माना जाता है कि इस समय में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। खासतौर पर विवाह, निवेश, नया व्यापार, शुभ यात्रा या किसी बड़े फैसले को राहुकाल में टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ, मंत्र जाप और आध्यात्मिक साधना इस दौरान करना अच्छा माना जाता है।

वार के अनुसार राहुकाल

वैदिक पंचांग के अनुसार राहुकाल का समय सप्ताह के हर दिन अलग माना जाता है। इसकी गणना सूर्योदय और दिनमान के आधार पर की जाती है, इसलिए अलग-अलग शहरों में राहुकाल के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। नीचे सामान्य रूप से राहुकाल के भाग बताए गए हैं:

 

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. राहु काल क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु काल दिन का वह अशुभ समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए पूरी तरह वर्जित माना जाता है।

2. राहु किस देवता से डरता है?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, छाया ग्रह राहु मुख्य रूप से भगवान शिव और हनुमान जी से नियंत्रित होता है और इनसे डरता है।

3. राहु के खराब होने के क्या लक्षण हैं?

व्यक्ति के जीवन में अचानक मानसिक तनाव, अप्रत्याशित आर्थिक नुकसान, बनता हुआ काम बिगड़ना, और भ्रम की स्थिति पैदा होने लगती है।

4. क्या राहुकाल में पूजा-पाठ कर सकते हैं?

हां, राहुकाल में पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है।

5. राहुकाल कितनी देर का होता है?

सामान्य रूप से राहुकाल लगभग 90 मिनट का माना जाता है, हालांकि स्थान और सूर्योदय के समय के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।