आसान भाषा में समझें तो सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को दिन का चौघड़िया कहा जाता है, जबकि सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय तक का समय रात का चौघड़िया कहलाता है। यानी पूरे दिन और रात को अलग-अलग भागों में बांटकर शुभ और अशुभ समय निकाला जाता है इसलिए इसे दिन रात का चौघड़िया भी कहा जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन और रात को 8-8 भागों में बांटा जाता है। हर भाग का अपना अलग प्रभाव व महत्व माना जाता है। इनमें अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया को अच्छा माना जाता है, जबकि रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया में बड़े काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।
मान्यता है कि चौघड़िया देखकर यात्रा शुरू करना, नए काम की शुरुआत करना, घर पर पूजा-पाठ करना, व्यापार लेन-देन या कोई भी महत्वपूर्ण फैसले लेना अधिक शुभ माना जाता है। यही कारण है कि पंचांग में चौघड़िया को विशेष महत्व दिया गया है और लोग रोज़ आज का शुभ मुहूर्त aaj ka shubh muhurt जानने के लिए इसे देखते हैं।
चौघड़िया का महत्व
वैदिक पंचांग में चौघड़िया को बेहद उपयोगी और प्रभावशाली माना गया है। खासतौर पर तब, जब किसी काम के लिए विस्तृत मुहूर्त निकालने का समय न हो, चौघड़िया तुरंत शुभ-अशुभ समय जानने में मदद करता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर चौघड़िया का प्रभाव अलग होता है। कुछ चौघड़िया लाभ और सफलता देने वाले माने जाते हैं, जबकि कुछ समय मानसिक तनाव, रुकावट या नुकसान की ओर संकेत कर सकते हैं इसलिए सही चौघड़िया जान कर ही काम शुरू करना चाहिए, इससे सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
चौघड़िया की गणना
चौघड़िया की गणना केवल समय के आधार पर नहीं होती, बल्कि इसमें वार और ग्रहों का भी विशेष प्रभाव माना जाता है। दिन का पहला चौघड़िया उस दिन के स्वामी ग्रह के अनुसार तय किया जाता है। उदाहरण के लिए रविवार पर सूर्य, सोमवार पर चंद्रमा और मंगलवार पर मंगल ग्रह का प्रभाव माना जाता है। यही कारण है कि हर दिन का चौघड़िया अलग होता है।
मान्यता है कि शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया में किए गए कार्य अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। वहीं काल, रोग और उद्वेग चौघड़िया में बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि जरूरी परिस्थितियों में सही चौघड़िया देखकर काम शुरू करना सामान्य मुहूर्त से भी लाभकारी माना गया है। आज के समय में भी कई लोग आज का चौघड़िया aaj ka choghadiya या आज का मुहूर्त aaj ka muhurt देखकर अपने दिन की योजना बनाते हैं। यही वजह है कि पंचांग और ज्योतिष में चौघड़िया का महत्व आज भी बना हुआ है।
चौघड़िया की पुरानी परंपरा
भारत में चौघड़िया को समय देखने की एक प्राचीन और आसान पद्धति माना जाता है। पुराने समय में जब हर काम पंचांग देखकर किया जाता था, तब चौघड़िया के जरिए शुभ और अशुभ समय का पता लगाया जाता था। आज भी कई लोग जरूरी काम शुरू करने से पहले चौघड़िया जरूर देखते हैं। उत्तर भारत में चौघड़िया का इस्तेमाल बिना किसी ज्योतिषी की मदद के शुभ समय जानने के लिए काफी किया जाता है। वहीं दक्षिण भारत में इसे 'गोवरी पंचांग' के नाम से जाना जाता है। पश्चिम भारत के कई राज्यों में भी आज तक चौघड़िया देखकर ही यात्रा, व्यापार और नए काम की शुरुआत करने की परंपरा चली आ रही है।
चौघड़िया के 7 ख़ास मुहूर्त
वैदिक ज्योतिष में चौघड़िया को सात अलग-अलग भागों में बांटा गया है। हर चौघड़िया का अपना अलग प्रभाव और महत्व माना जाता है। कुछ मुहूर्त शुभ कामों के लिए अच्छे माने जाते हैं, तो कुछ समय में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आइए जानते है कि कौन सा चौघड़िया किस काम के लिए बेहतर माना जाता है।
उद्वेग चौघड़िया
उद्वेग चौघड़िया का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस समय में सरकारी काम, प्रशासनिक कार्य या बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान किए गए कामों में तनाव, देरी या मानसिक परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए यदि जरूरी न हो तो इस समय शुभ काम करने की मनाही होती है।
लाभ चौघड़िया
लाभ चौघड़िया बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। यह समय व्यापार, लेन-देन, पढ़ाई और नई योजनाएं शुरू करने के लिए अच्छा माना गया है। अगर किसी जरूरी काम में लाभ या सफलता चाहते हैं, तो इस चौघड़िया में काम की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। कई लोग निवेश और बिजनेस मीटिंग के लिए भी इसी समय को बेहतर मानते हैं।
चर चौघड़िया
चर चौघड़िया के स्वामी शुक्र ग्रह माने जाते हैं। यह समय यात्रा शुरू करने, घूमने-फिरने, फैशन, सजावट और प्रेम से जुड़े कामों के लिए अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस समय शुरू की गई यात्रा में बाधाएं कम आती हैं और काम आसानी से पूरे होते हैं।
रोग चौघड़िया
रोग चौघड़िया मंगल ग्रह से प्रभावित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय में लंबी यात्रा, बड़े फैसले या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान जल्दबाजी या लापरवाही नुकसान दे सकती है। इसलिए लोग इस चौघड़िया में शुभ कार्य टालने की कोशिश करते हैं।
शुभ चौघड़िया
शुभ चौघड़िया का संबंध गुरु ग्रह यानी बृहस्पति से माना गया है। यह समय विवाह, पूजा-पाठ, हवन, धार्मिक आयोजन और नए शुभ काम शुरू करने के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
काल चौघड़िया
काल चौघड़िया पर शनि ग्रह का प्रभाव माना जाता है। ज्योतिष में इस समय को शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना गया है। खासकर यात्रा, निवेश, नया व्यापार शुरू करना या कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इस समय शुरू किए गए कामों में रुकावटें आ सकती हैं।
अमृत चौघड़िया
अमृत चौघड़िया को सबसे अच्छा और शुभ समय माना जाता है। इस पर चंद्रमा का प्रभाव माना गया है। पूजा-पाठ, नई शुरुआत, दवा खरीदना, विशेष भोजन बनाना, धार्मिक पाठ शुरू करना या कोई महत्वपूर्ण काम करना इस समय शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार अमृत चौघड़िया में किए गए कामों में सफलता मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है।