दिन-रात के चौघड़िया मुहूर्त

New Delhi, Delhi, IndiaThursday, 8 October 2026
⏰
वर्तमान चौघड़िया
अमृत
01:36:11 PM – 03:03:53 PM(शुभ)

दिन का चौघड़िया

#नामप्रकारशुरूसमाप्त
1शुभशुभ06:17:43 AM07:45:24 AM
2रोगअमंगल07:45:24 AM09:13:06 AM
3उद्वेगअशुभ09:13:06 AM10:40:48 AM
4चरसामान्य10:40:48 AM12:08:29 PM
5लाभशुभ12:08:29 PM01:36:11 PM
6अमृतअभीशुभ01:36:11 PM03:03:53 PM
7कालअमंगल03:03:53 PM04:31:34 PM
8शुभशुभ04:31:34 PM05:59:16 PM

रात का चौघड़िया

#नामप्रकारशुरूसमाप्त
1अमृतशुभ05:59:16 PM07:31:39 PM
2चरसामान्य07:31:39 PM09:04:01 PM
3रोगअमंगल09:04:01 PM10:36:24 PM
4कालअमंगल10:36:24 PM12:08:46 AM
5लाभशुभ12:08:46 AM01:41:09 AM
6उद्वेगअशुभ01:41:09 AM03:13:31 AM
7शुभशुभ03:13:31 AM04:45:54 AM
8अमृतशुभ04:45:54 AM06:18:16 AM
संकेत:शुभसामान्यअशुभअमंगल
☀️
सूर्योदय
12:47 am
🌅
सूर्यास्त
12:29 pm
🌕
चंद्रोदय
10:20 pm
🌑
चंद्रास्त
11:01 am
आज की तिथितर्योदशी
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी तक 15:47
ज्योतिष योगशुक्ल
आज का करणगर
पक्षकृष्ण
वारगुरुवार

चौघड़िया क्या होता है?

चौघड़िया सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर तय किया जाने वाला शुभ-अशुभ समय-विभाजन है, जिसकी मदद से आप अपने किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत शुभ समय में कर सकते हैं। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को दिन का चौघड़िया कहा जाता है, जबकि सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय तक का समय रात का चौघड़िया कहलाता है। इसी वजह से इसे दिन रात का चौघड़िया भी कहा जाता है, क्योंकि पूरे दिन-रात को अलग-अलग भागों में बांटकर शुभ और अशुभ समय निकाला जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन और रात को 8-8 भागों में बांटा जाता है। हर भाग का अपना अलग प्रभाव व महत्व माना जाता है। इनमें अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया को अच्छा माना जाता है, जबकि रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया में बड़े काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।

मान्यता है कि आज का चौघड़िया देखकर यात्रा शुरू करना, नए काम की शुरुआत करना, घर पर पूजा-पाठ करना, व्यापार लेन-देन या कोई भी महत्वपूर्ण फैसले लेना अधिक शुभ माना जाता है। यही कारण है कि पंचांग में चौघड़िया को विशेष महत्व दिया गया है और लोग रोज़ का शुभ मुहूर्त जानने के लिए इसे देखते हैं।

आज का चौघड़िया कैसे निकालते हैं? 

दैनिक चौघड़िया की गणना केवल समय के आधार पर नहीं होती, बल्कि इसमें वार और ग्रहों का भी विशेष प्रभाव माना जाता है। दिन का पहला चौघड़िया उस दिन के स्वामी ग्रह के अनुसार तय किया जाता है। उदाहरण के लिए, रविवार को सूर्य का, सोमवार को चंद्रमा का और मंगलवार को मंगल ग्रह का प्रभाव माना जाता है। यही कारण है कि हर दिन का चौघड़िया अलग होता है। 

मान्यता है कि शुभ, लाभ और अमृत चौघड़ियों में किए गए कार्य अधिक अच्छे परिणाम देते हैं। वहीं काल, रोग और उद्वेग चौघड़िया में बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि जरूरी परिस्थितियों में सही चौघड़िया देखकर काम शुरू करना सामान्य मुहूर्त से भी लाभकारी माना गया है। आज के समय में भी कई लोग चौघड़िया देखकर अपने दिन की योजना बनाते हैं। यही वजह है कि पंचांग और ज्योतिष में चौघड़िया का महत्व आज भी बना हुआ है।

आज के दिन की अन्य जानकारी जैसे आज की तिथि, आज का वार, नक्षत्र , आज का होरा  और आज के करण जानने के लिए आज का पंचांग देखे। 

चौघड़िया में कितने प्रकार के मुहूर्त होते हैं? 

वैदिक ज्योतिष में चौघड़िया को सात अलग-अलग भागों में बांटा गया है। हर चौघड़िया का अपना अलग प्रभाव और महत्व माना जाता है। कुछ मुहूर्त शुभ कामों के लिए अच्छे माने जाते हैं, तो कुछ समय में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि कौन सा चौघड़िया किस काम के लिए बेहतर माना जाता है।

1. उद्वेग चौघड़िया

उद्वेग चौघड़िया का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस समय में सरकारी काम, प्रशासनिक कार्य या बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान किए गए कामों में तनाव, देरी या मानसिक परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए यदि जरूरी न हो तो इस समय शुभ काम करने की मनाही होती है।

2. लाभ चौघड़िया

लाभ चौघड़िया बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। यह समय व्यापार, लेन-देन, पढ़ाई और नई योजनाएँ बनाने के लिए अच्छा माना गया है। अगर किसी जरूरी काम में लाभ या सफलता चाहते हैं, तो इस चौघड़िया में काम की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। कई लोग निवेश और बिजनेस मीटिंग के लिए भी इसी समय को बेहतर मानते हैं।

3. चर चौघड़िया

चर चौघड़िया के स्वामी शुक्र ग्रह माने जाते हैं। यह समय यात्रा शुरू करने, घूमने-फिरने, फैशन, सजावट और प्रेम से जुड़े कामों के लिए अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस समय शुरू की गई यात्रा में बाधाएं कम आती हैं और काम आसानी से पूरे होते हैं।

4. रोग चौघड़िया

रोग चौघड़िया मंगल ग्रह से प्रभावित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय में लंबी यात्रा, बड़े फैसले या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान जल्दबाजी या लापरवाही नुकसान दे सकती है। इसलिए लोग इस चौघड़िया में शुभ कार्य टालने की कोशिश करते हैं।

5. शुभ चौघड़िया

शुभ चौघड़िया का संबंध गुरु ग्रह यानी बृहस्पति से माना गया है। यह समय विवाह, पूजा-पाठ, हवन, धार्मिक आयोजन और नए शुभ काम शुरू करने के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।

6. काल चौघड़िया

काल चौघड़िया पर शनि ग्रह का प्रभाव माना जाता है। ज्योतिष में इस समय को शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना गया है। खासकर यात्रा, निवेश, नया व्यापार शुरू करना या कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इस समय शुरू किए गए कामों में रुकावटें आ सकती हैं।

7. अमृत चौघड़िया

अमृत चौघड़िया को सबसे अच्छा और शुभ समय माना जाता है। इस पर चंद्रमा का प्रभाव माना गया है। पूजा-पाठ, नई शुरुआत, दवा खरीदना, विशेष भोजन बनाना, धार्मिक पाठ शुरू करना या कोई महत्वपूर्ण काम करना इस समय शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार अमृत चौघड़िया में किए गए कामों में सफलता मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है।

चौघड़िया की पुरानी परंपरा क्या है?

भारत में चौघड़िया को समय देखने की एक प्राचीन और आसान पद्धति माना जाता है। पुराने समय में जब हर काम पंचांग देखकर किया जाता था, तब चौघड़िया के जरिए शुभ और अशुभ समय का पता लगाया जाता था। आज भी कई लोग जरूरी काम शुरू करने से पहले चौघड़िया जरूर देखते हैं। उत्तर भारत में चौघड़िया का इस्तेमाल बिना किसी ज्योतिषी की मदद के शुभ समय जानने के लिए काफी किया जाता है। वहीं दक्षिण भारत में इसे 'गोवरी पंचांग' के नाम से जाना जाता है। पश्चिम भारत के कई राज्यों में भी आज तक चौघड़िया देखकर ही यात्रा, व्यापार और नए काम की शुरुआत करने की परंपरा चली आ रही है।

चौघड़िया का उपयोग

  • यदि किसी कार्य के लिए शुभ मुहूर्त न निकल पा रहा हो या काम जल्दी शुरू करना हो, तो ऐसी स्थिति में चौघड़िया देखकर समय तय किया जा सकता है।
  • अचानक या जरूरी यात्रा करनी हो, तो यात्रा के लिए भी चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है।
  • इसके अलावा, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए भी चौघड़िया का उपयोग किया जाता है।
  • दक्षिण भारत में चौघड़िया को गोवरी पंचांग के नाम से जाना जाता है। नया कारोबार शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: चौघड़िया का क्या अर्थ है?

A: चौघड़िया हिंदू वैदिक पंचांग का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उपयोग किसी भी नए कार्य को शुरू करने या यात्रा के लिए शुभ मुहूर्त  देखने के लिए किया जाता है। 

Q: एक दिन में कितने चौघड़िया होते हैं?

A: एक दिन और एक रात मिलाकर कुल 16 चौघड़िया होते हैं, जिनमें दिन के 8 और रात के 8 चौघड़िया शामिल होते हैं।

Q: कौन सा चौघड़िया शुभ होता है?

A: हिंदू पंचांग में अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया को सबसे अधिक शुभ माना जाता है।

Q: सबसे उत्तम मुहूर्त कौन सा है?

A: हिंदू पंचांग में ब्रह्म मुहूर्त को सभी दैनिक कार्यों, पूजा-पाठ और योग के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।