| # | होरा स्वामी | शुरू | समाप्त |
|---|---|---|---|
| 1 | Mars | 12:25 am | 01:30 am |
| 2 | Sun | 01:30 am | 02:34 am |
| 3 | Venus | 02:34 am | 03:39 am |
| 4 | Mercury | 03:39 am | 04:43 am |
| 5 | Moon | 04:43 am | 05:48 am |
| 6 | Saturn | 05:48 am | 06:53 am |
| 7 | Jupiter | 06:53 am | 07:57 am |
| 8 | Mars | 07:57 am | 09:02 am |
| 9 | Sun | 09:02 am | 10:06 am |
| 10 | Venus | 10:06 am | 11:11 am |
| 11 | Mercury | 11:11 am | 12:16 pm |
| 12 | Moon | 12:16 pm | 01:20 pm |
| # | होरा स्वामी | शुरू | समाप्त |
|---|---|---|---|
| 1 | Saturn | 01:20 pm | 02:16 pm |
| 2 | Jupiter | 02:16 pm | 03:11 pm |
| 3 | Marsअभी | 03:11 pm | 04:06 pm |
| 4 | Sun | 04:06 pm | 05:02 pm |
| 5 | Venus | 05:02 pm | 05:57 pm |
| 6 | Mercury | 05:57 pm | 06:53 pm |
| 7 | Moon | 06:53 pm | 07:48 pm |
| 8 | Saturn | 07:48 pm | 08:43 pm |
| 9 | Jupiter | 08:43 pm | 09:39 pm |
| 10 | Mars | 09:39 pm | 10:34 pm |
| 11 | Sun | 10:34 pm | 11:30 pm |
| 12 | Venus | 11:30 pm | 12:25 am |
| आज की तिथि | द्वादशी |
| नक्षत्र | उत्तरा अशधा तक 13:54 |
| ज्योतिष योग | आयुष्मान |
| आज का करण | बालाव |
| पक्ष | शुक्ल |
| वार | मंगलवार |
'होरा' शब्द का संबंध 'अहोरात्र' यानी दिन और रात से माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार पूरे 24 घंटे में कुल 24 होराएं (horai) होती हैं और हर होरा लगभग एक घंटे की अवधि का माना जाता है। हर दिन की पहली होरा सूर्योदय से शुरू होती है और उस दिन के ग्रह के अनुसार तय होती है। जैसे रविवार की पहली होरा सूर्य की मानी जाती है, सोमवार की चंद्रमा की और मंगलवार की मंगल ग्रह की। इसी तरह सप्ताह के सातों दिनों में होरा का क्रम बदलता रहता है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार हर ग्रह का अपना अलग प्रभाव होता है। कोई होरा व्यापार और धन लाभ के लिए शुभ माना जाता है, तो कोई यात्रा, शिक्षा, विवाह या नए कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।
होरा चार्ट (hora chart) या horai chart का उपयोग दिन के शुभ और प्रभावशाली समय को समझने के लिए किया जाता है। कई लोग महत्वपूर्ण फैसले लेने, इंटरव्यू देने, नया व्यापार शुरू करने, निवेश करने या यात्रा पर जाने से पहले होरा देखते हैं। ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि अगर किसी काम को सही ग्रह की होरा में शुरू किया जाए, तो उसमें सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। उदाहरण के तौर पर बुध होरा को व्यापार और बातचीत के लिए अच्छा माना जाता है, जबकि गुरु होरा शिक्षा और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। यही कारण है कि आज भी कई लोग आज का होगा देखकर अपने जरूरी कामों की योजना बनाते हैं।
ज्योतिष में होरा शास्त्र को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होरा व्यक्ति के धन, सफलता, निर्णय क्षमता और कार्य सिद्धि पर प्रभाव डालती है। होरा शास्त्र के जरिए व्यक्ति के जीवन के मजबूत और कमजोर पक्षों को समझने की कोशिश की जाती है। कई ज्योतिषी जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति के साथ होरा का विश्लेषण करके भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताते हैं।
वैदिक ज्योतिष में होरा शास्त्र को जन्म कुंडली का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति का जन्म जिस होरा में होता है, उसका असर उसके स्वभाव, सोच, निर्णय क्षमता और जीवन की दिशा पर भी देखने को मिलता है। यही वजह है कि कई ज्योतिषी कुंडली का विश्लेषण करते समय होरा चार्ट और ग्रहों की होरा पर विशेष ध्यान देते हैं।
माना जाता है कि हर व्यक्ति का जन्म मुख्य रूप से सूर्य होरा या चंद्र होरा में होता है। दिन के समय जन्म लेने वाले जातकों में सूर्य, गुरु और शुक्र ग्रह का प्रभाव अधिक माना जाता है। वहीं रात में जन्म लेने वालों पर चंद्रमा, मंगल और शनि का प्रभाव ज्यादा बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह का प्रभाव जन्म के समय पर निर्भर करता है। अगर किसी जातक का जन्म सूर्योदय या सूर्यास्त के आसपास होता है, तो बुध का प्रभाव अधिक मजबूत माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार, राशिचक्र की हर राशि को 30 अंश का माना गया है और इसे आगे दो भागों में बांटा जाता है। इन्हीं आधारों पर होरा का निर्धारण किया जाता है। वृषभ, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन राशि को रात्रि होरा से जुड़ा माना गया है और इन राशियों पर चंद्रमा का प्रभाव अधिक बताया जाता है। वहीं मेष, मिथुन, सिंह, तुला, धनु और कुंभ राशि को दिन होरा से संबंधित माना गया है, जिन पर सूर्य का प्रभाव ज्यादा माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इसी आधार पर व्यक्ति की सोच, व्यवहार, आत्मविश्वास और कार्य करने की शैली का अध्ययन किया जाता है।
वैदिक ज्योतिष में हर होरा का संबंध किसी न किसी ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन के अलग-अलग समय पर अलग ग्रहों का प्रभाव सक्रिय रहता है और उसी के अनुसार काम करने से बेहतर परिणाम मिलने की मान्यता है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शुक्र और गुरु होरा में शुरू किए गए कार्य अधिक शुभ फल दे सकते हैं। वहीं मंगल और शनि होरा में काम करते समय धैर्य और सावधानी रखना जरूरी माना जाता
ज्योतिष शास्त्र में होरा दिन और रात के उस विशेष समय को कहा जाता है, जिस पर किसी ग्रह का प्रभाव माना जाता है।
पूरे 24 घंटे में कुल 24 होराएं मानी जाती हैं और हर होरा लगभग एक घंटे की होती है।
लोग शुभ समय चुनने, व्यापार, यात्रा, पढ़ाई, पूजा और महत्वपूर्ण फैसलों के लिए आज का होरा देखते हैं।
अहोरात्र शब्द से 'अ' और 'त्र' हटाने के बाद होरा शब्द बनता है।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गुरु और शुक्र होरा को कई शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।