आज का योग (Aaj Ka Panchang Yoga)

New Delhi, Delhi, Indiaगुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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ज्योतिष योग
परीघा
आज की तिथि: चतुर्थ

आज का पंचांग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण

आज की तिथिचतुर्थ
वारगुरुवार
नक्षत्ररोहिणी तक 05:42
ज्योतिष योगपरीघा
आज का करणबाव
पक्षकृष्ण

मास, संवत और ऋतू

ऋतुशरद
शक संवत1948 विश्वावसु
विक्रम संवत2083 विश्वावसु
अयनदक्षिणायन
अमांतआश्विन
पूर्णिमांतकार्तिक
☀️

सूर्योदय

01:00 am
🌅

सूर्यास्त

12:08 pm
🌕

चंद्रोदय

02:43 pm
🌑

चंद्रास्त

04:25 am

चंद्र और सूर्य राशि

चंद्र राशिवृषतक 16:35
सूर्य राशितुला

आज और आगामी त्योहार

आने वाले त्योहारों और व्रतों की तैयारी पहले से करें — तिथि, पक्ष और तारीख के साथ।

पंचांग में योग कैसे बनता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, योग की गणना सूर्य और चंद्रमा के देशांतर यानी उनकी स्थिति को जोड़कर की जाती है। हर योग लगभग 13 डिग्री 20 मिनट की अवधि का माना जाता है। ग्रहों की चाल लगातार बदलती रहती है, इसलिए आज का योग aaj ka yog भी रोज़ बदलता रहता है। पंचांग में योग की जानकारी इसलिए दी जाती है ताकि व्यक्ति शुभ समय को समझकर अपने जरूरी काम सही समय पर कर सके।

आज का योग क्यों माना जाता है खास?

पंचांग में योग को पांच मुख्य तत्वों में से एक माना गया है। ज्योतिषाचार्य किसी भी शुभ मुहूर्त या विशेष समय की गणना करते समय योग का विशेष ध्यान रखते हैं। माना जाता है कि कुछ योग बेहद शुभ होते हैं, जिनमें पूजा-पाठ, विवाह, गृह प्रवेश और नए कार्य करना अच्छा माना जाता है। वहीं कुछ योग ऐसे भी होते हैं, जिनमें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यही कारण है कि लोग अक्सर आज का योग aaj ka yog देखकर अपने दिन की योजना बनाते हैं और जरूरी कामों के लिए सही समय चुनने की कोशिश करते हैं।

27 योग और उनका प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में कुल 27 योग बताए गए हैं, वह है- विष्कुंभ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगंड, सुकर्मा, धृति, शूल, गंड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यतिपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इंद्र, वैधृति। हर योग का व्यक्ति के स्वभाव और जीवन पर अलग प्रभाव माना जाता है। कुछ योग शुभ फल देने वाले माने जाते हैं, जबकि कुछ योग जीवन में संघर्ष और चुनौतियां बढ़ा सकते हैं।

विष्कुंभ, सौभाग्य, सिद्धि, शिव और शुभ योग को अच्छा माना जाता है। इन योगों में जन्मे लोग भाग्यशाली, सफल और सम्मान पाने वाले माने जाते हैं। वहीं अतिगंड, शूल, गंड और व्यतिपात जैसे योगों को थोड़ा कठिन माना गया है, जो जीवन में बाधाएं और तनाव ला सकते हैं।

कुछ योग व्यक्ति को धार्मिक, बुद्धिमान और सामाजिक बनाते हैं, जबकि कुछ योग गुस्सा, जल्दबाजी या आलस्य बढ़ा सकते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जन्म के समय बना योग व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन की दिशा पर गहरा असर डालता है।

 

वैदिक पंचांग में आज का योग aaj ka yog बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जिस तरह तिथि, वार और नक्षत्र पंचांग के मुख्य अंग होते हैं, उसी तरह योग भी पंचांग का एक खास हिस्सा माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, योग सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से बनने वाला विशेष संयोग होता है, जिसका असर व्यक्ति के दिन, काम और मानसिक स्थिति पर पड़ता है।

जब सूर्य और चंद्रमा एक खास दूरी या स्थिति में होते हैं, तब एक योग बनता है। यही योग पंचांग में शुभ और अशुभ समय को समझने में मदद करता है। यही वजह है कि कई लोग रोज़ सुबह आज का योग aaj ka yog देखकर दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं।

 

FAQs

प्रश्न1. आज का योग क्या होता है?

आज का योग सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से बनने वाला विशेष ज्योतिषीय संयोग माना जाता है।

प्रश्न2. पंचांग में योग का क्या महत्व है?

योग पंचांग के पांच मुख्य अंगों में से एक है और शुभ-अशुभ समय समझने में मदद करता है।

प्रश्न3. कुल कितने योग होते हैं?

वैदिक ज्योतिष में कुल 27 योग बताए गए हैं।

प्रश्न4. क्या हर योग का प्रभाव अलग होता है?

हां, हर योग व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन पर अलग प्रभाव डालता है।

प्रश्न5. आज का योग क्यों देखा जाता है?

लोग शुभ मुहूर्त, पूजा, यात्रा और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आज का योग देखते हैं।