नामकरण संस्कार 2026

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शिशु के जन्म के बाद नामकरण संस्कार namkaran sanskar एक बहुत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो हर माता-पिता पूरे विधि-विधान से करते हैं। नामकरण संस्कार  हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र संस्कारों में एक है, जो शिशु के जन्म के बाद सबसे पहला समारोह होता है। परिवार इसे बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। 

इस ख़ास अवसर पर नवजात शिशु को उसका पहला परिचय यानी उसका नाम दिया जाता है। किसी भी व्यक्ति का नाम केवल उसकी पहचान नहीं होती, बल्कि नाम का प्रभाव उसके स्वभाव, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा पर भी पड़ता है। यही वजह है कि बच्चे का नामकरण संस्कार शुभ मुहूर्त का चयन करके ही किया जाना चाहिए। ताकि बच्चे के जीवन मे सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

कब करें बच्चे का नामकरण संस्कार 

हिंदू धर्म में मान्यता है कि शिशु का नामकरण संस्कार namkaran sanskar जन्म के ग्यारहवें, बारहवें या तेरहवें दिन किया जाना चाहिए। हालांकि किसी विशेष परिस्थिति में यह संस्कार 21वें या 30वें दिन भी किया जा सकता है। कई लोग बच्चे का नामकरण संस्कार बड़ी ही धूमधाम के साथ करते हैं। इस दिन परिवार के सभी सदस्य व रिश्तेदार एकत्र होते हैं। पंडित जी वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हैं और बच्चे की जन्म राशि तथा नक्षत्र को देखते हुए शुभ अक्षर का चयन करते हैं और फिर परिवार के सदस्य उस अक्षर से बच्चे का नाम रखते हैं।

2026 में नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) की सूची

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : जनवरी 2026

तिथि

वार

समय

1 से 2 जनवरी 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 12 मिनट से रात्रि 08 बजकर 04 मिनट तक 

4 से 5 जनवरी 2026

रविवार

दोपहर 03 बजकर 11 मिनट से दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक

9 से 10 जनवरी 2026

शुक्रवार

दोपहर 01 बजकर 40 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक 

14 से 15 जनवरी 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 03 बजकर 03 मिनट तक 

18 से 20 जनवरी 2026

रविवार

सुबह 10 बजकर 14 मिनट से सुबह 07 बजकर 13 मिनट तक 

21 जनवरी 2026

बुधवार

सुबह 10 बजकर 14 मिनट से सुबह 07 बजकर 13 मिनट तक 

23 से 24 जनवरी 2026

शुक्रवार

दोपहर 02 बजकर 32 मिनट से सुबह 07 बजकर 13 मिनट तक 

25 से 26 जनवरी 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक 

28 से 30 जनवरी 2026

बुधवार

सुबह 09 बजकर 26 मिनट से सुबह 05 बजकर 29 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : फरवरी 2026

तिथि

वार

समय

1- 2 फरवरी 206

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 12 बजकर 11 मिनट तक

5 से 6 फरवरी 206

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 13 मिनट से रात्रि 08 बजकर 15 मिनट तक 

09 से 10 फरवरी 206

सोमवार

दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से सुबह 07 बजकर 13 मिनट तक

12 से 13 फरवरी 206

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 43 मिनट तक

15 से 16 फरवरी 206

रविवार

दोपहर 03 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 43 मिनट तक

19 से 20 फरवरी 206

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से रात्रि 08 बजकर 23 मिनट तक

22 से 23 फरवरी 206

रविवार

दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक

26 से 27 फरवरी 206

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 54 मिनट तक

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : मार्च 2026

तिथि

वार

समय

02 से मार्च 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 13 मिनट से दोपहर 01 बजकर 11 मिनट तक

06 से 07 मार्च 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से रात्रि 08 बजकर 21 मिनट तक

09 से 10 मार्च 2026

सोमवार

दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक

13 से 14 मार्च 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 45 मिनट तक

17 से 18 मार्च 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से रात्रि 08 बजकर 03 मिनट तक

21 से 22 मार्च 2026

शनिवार

दोपहर 01 बजकर 02 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक

25 से 26 मार्च 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 13 मिनट से दोपहर 02 बजकर 58 मिनट तक

28 से 29 मार्च 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 03 बजकर 12 मिनट तक

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : अप्रैल 2026

तिथि

वार

समय

01 से 02 अप्रैल 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से रात्रि 08 बजकर 23 मिनट तक

05 से 06 अप्रैल 2026

रविवार

दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से शाम 07 बजकर 14 मिनट तक

09 से 10 अप्रैल 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

13 से 14 अप्रैल 2026

सोमवार

दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक 

17 से 18 अप्रैल 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 51 मिनट तक 

20 से 21 अप्रैल 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से रात्रि 08 बजकर 10 मिनट तक 

24 से 25 अप्रैल 2026

शुक्रवार

दोपहर 01 बजकर 12 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक 

28-29 अप्रैल 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : मई 2026

तिथि

वार

समय

01 से 02 मई 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से रात्रि 08 बजकर 12 मिनट तक

5 से 06 मई 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

09 से 10 मई 2026

शनिवार

दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से सुबह 07 बजकर 14 मिनट तक 

13 से 14 मई 2026

बुधवार

दोपहर 01 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

17 से 18 मई 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

20 से 21 मई 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से रात्रि 08 बजकर 33 मिनट तक 

24 से 25 मई 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

28 से 29 24 से 25 मई 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : जून 2026

तिथि

वार

समय

02 से 03 जून 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक

06 से 07  जून 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

10 से 11  जून 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 33 मिनट तक 

14 से 15  जून 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

17 से 18  जून 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

21 से 22  जून 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

25 से 26  जून 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

29 से 30  जून 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : जुलाई 2026

तिथि

वार

समय

03 से 04 जुलाई 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 33 मिनट तक 

07 से 08 जुलाई 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

11 से 12 जुलाई 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

14 से 15 जुलाई 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

17 से 18 जुलाई 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

21 से 22 जुलाई 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

25 से 26 जुलाई 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 33 मिनट तक 

29 से 30 जुलाई 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : अगस्त 2026

तिथि

वार

समय

02 से 03 अगस्त 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

05 से 06 अगस्त 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 33 मिनट तक 

09 से 10 अगस्त 2026 

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

13 से 14 अगस्त 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

17 से 18 अगस्त 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

21 से 22 अगस्त 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

25 से 26 अगस्त 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

29 से 30 अगस्त 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 33 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : सितंबर 2026

तिथि

वार

समय 

02 से 03 सितंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक

06 से 07 सितंबर 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

09 से 10 सितंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक

13 से 14 सितंबर 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक

17 से 18 सितंबर 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

21 से 22 सितंबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

25 से 26 सितंबर 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : अक्टूबर 2026

तिथि 

वार

समय

02 से 03 अक्टूबर 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक

06 से 07 अक्टूबर 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

10 से 11 अक्टूबर 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

14 से 15 अक्टूबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

18 से 19 अक्टूबर 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

22 से 23 अक्टूबर 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

26 से 27 अक्टूबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : नवंबर 2026

तिथि

वार

समय

02 से 03 नवंबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

06 से 07 नवंबर 2026

शुक्रवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

10 से 11 नवंबर 2026

मंगलवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

14 से 15 नवंबर 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

18 से 19 नवंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

22 से 23 नवंबर 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

26 से 27 नवंबर 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

 

नामकरण संस्कार (Namkaran Sanskar) : दिसंबर 2026

तिथि

वार

समय

02 से 03 दिसंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 14 मिनट तक

06 से 07 दिसंबर 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

10 से 11 दिसंबर 2026

गुरुवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

14 से 15 दिसंबर 2026

सोमवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

18 से 19 दिसंबर 2026

शनिवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक 

22 से 23 दिसंबर 2026

बुधवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक 

26 से 27 दिसंबर 2026

रविवार

सुबह 07 बजकर 14 मिनट से दोपहर 02 बजकर 56 मिनट तक 

नामकरण संस्कार namkaran sanskar का महत्व

हिंदू संस्कृति में बच्चे का नामकरण संस्कार namkaran sanskar को सभी 16 संस्कारों में विशेष माना गया है। कहा जाता है कि इस संस्कार के बिना शिशु का अस्तित्व अधूरा है क्योंकि यह संस्कार बच्चे को सिर्फ नाम ही नहीं देता बल्कि समाज में उसकी पहचान बनाता है और यह संस्कार बच्चे के जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक भी है। कई लोग इस दिन ब्राह्मणों को भोजन और गरीबों व जरूरतमंदों बच्चे के नाम से दान-पुण्य भी करते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नाम का संबंध ग्रहों और नक्षत्रों से भी माना जाता है। इसलिए नाम रखते समय बच्चे की जन्म राशि, नक्षत्र, तिथि और चंद्रमा की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है। शुभ मुहूर्त में रखा गया नाम बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है, शिक्षा और करियर में सफलता दिलाने में सहायक होता है, अच्छे संबंध और सामाजिक सम्मान दिलाता है, मानसिक शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है, जीवन में सुख, समृद्धि और यश बढ़ाता है।

नामकरण मुहूर्त के लिए शुभ तिथियां

नामकरण संस्कार 2026 के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। ऐसी मान्यता है कि शुभ तिथि और शुभ समय में नामकरण करने से बच्चे को जीवनभर अच्छे फल प्राप्त होते हैं। हिंदू शास्त्रों में नाम को एक प्रकार का मंत्र बताया गया है, क्योंकि जीवनभर समाज व परिवारजन व्यक्ति को उसी नाम से पुकाराते हैं। इसलिए शुभ तिथि व मुहूर्त पर रखा गया नाम अच्छी ऊर्जा और सकारात्मक प्रभाव प्रदान करता है। आइए जानते हैं इसके लिए कौन सी तिथियां शुभ मानी गई है।

इन तिथियों में बच्चे की राशि, नक्षत्र और पंचांग का विचार करके नामकरण संस्कार किया जा सकता है।

नामकरण संस्कार namkaran sanskar के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • शिशु के जन्म के कुछ दिन बात कुंडली तैयार की जाती है। कुंडली देखकर पंडित अक्षर बताते हैं और उन्हीं अक्षरों के मुताबिक ही शिशु का नाम रखा जाना चाहिए।
  • अक्षरों का सुझाव जन्म के समय ग्रह, नक्षत्र और राशि देखकर ही किया जाना चाहिए।
  • नाम रखते समय शुभ नक्षत्रों का विशेष रूप से ध्यान रखें।
  • ध्यान रखें कि बच्चे का नाम किसी भी सिलेब्रिटी को देखकर या अपनी मर्जी से न रखें। इससे उसका पूरा जीवन प्रभावित होने की संभावना होती है।
  • बच्चे का नाम ऐसा रखें जिसका कोई अर्थ निकले क्योंकि नाम का प्रभाव व्यक्तित्व पर जरूर पड़ता है।
  • बच्चे का नाम ऐसा रखें, जिससे वह लोगों के बीच हंसी का पात्र न बन सके।
  • बच्चे का साधारण शब्दों वाला रखें ताकि उसे पुकारने में किसी को परेशानी न हो।

FAQs

बच्चों का नामकरण संस्कार कैसे करें?

बच्चे का नामकरण संस्कार पूरे विधि विधान से पंडित को बुलाकर मंत्रोच्चारण के साथ करना चाहिए।

नामकरण के नियम क्या हैं?

हिन्दू धर्म में नामकरण एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसके नियम मुख्य रूप से ज्योतिष शास्त्र और गृह्यसूत्र पर आधारित होते हैं।

नामकरण संस्कार के दौरान दिए गए पांच नाम क्या हैं?

नवजात शिशु को राशि, नक्षत्र, मास, कुलदेवता और सांसारिक नाम के अनुसार पांच नाम दिए जा सकते हैं।

बच्चे का नामकरण कब करना चाहिए?

पारंपरिक रूप से, बच्चे का नामकरण जन्म के 10वें, 11वें या 12वें दिन शुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय गणना के आधार पर किया जाता है।

नामकरण संस्कार का क्या उद्देश्य है?

इसका उद्देश्य बच्चे को एक पहचान और सकारात्मक ऊर्जा देना है।

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