हिंदू कैलेंडर में दी गई प्रत्येक तिथि का अपना अलग महत्व है। इस तरह दशमी तिथि का भी है, जो चंद्र मास की दसवीं तिथि होती है। यह तिथि हर महीने दो बार यानी एक शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में आती है। धार्मिक दृष्टि से इस तिथि को बहुत अधिक शुभ और फलदायी माना गया है, इसलिए इस दिन लोग कई मांगलिक और धार्मिक कार्य करते हैं। शास्त्रों में दशमी को धर्मिणी तिथि भी कहा गया है। मान्यता है कि इस तिथि में किए गए शुभ कार्यों का परिणाम भी शुभ होता है और यदि इस तिथि में किसी कार्य की शुरुआत की जाए तो उसमें सफलता भी अवश्य मिलती है इसलिए दशमी को पूर्ण तिथियों की श्रेणी में रखा गया है। 

दशमी कब है dashmi kab ki hai

तिथि

वार

पक्ष व तिथि

12 जनवरी 2026

मंगलवार

कृष्ण पक्ष दशमी

27 जनवरी 2026

बुधवार

शुक्ल पक्ष दशमी

11 फरवरी 2026

गुरुवार

कृष्ण पक्ष दशमी

26 फरवरी 2026

गुरुवार

शुक्ल पक्ष दशमी

13 मार्च 2026

शुक्रवार

कृष्ण पक्ष दशमी

27 मार्च 2026

शुक्रवार

शुक्ल पक्ष दशमी

12 अप्रैल 2026

रविवार

कृष्ण पक्ष दशमी

25 अप्रैल 2026

शनिवार

शुक्ल पक्ष दशमी

11 मई 2026

सोमवार

कृष्ण पक्ष दशमी

25 मई 2026

सोमवार

शुक्ल पक्ष दशमी

10 जून 2026

बुधवार

कृष्ण पक्ष दशमी

23 जून 2026

मंगलवार

शुक्ल पक्ष दशमी (गंगा दशमी)

09 जुलाई 2026

गुरुवार

कृष्ण पक्ष दशमी

23 जुलाई 2026

शुक्रवार

शुक्ल पक्ष दशमी

07 अगस्त 2026

शुक्रवार

कृष्ण पक्ष दशमी

21 अगस्त 2026

शुक्रवार

शुक्ल पक्ष दशमी

05 सितंबर 2026

शनिवार

कृष्ण पक्ष दशमी

20 सितंबर 2026

रविवार

शुक्ल पक्ष दशमी

05 अक्टूबर 2026

सोमवार

कृष्ण पक्ष दशमी

20 अक्टूबर 2026

मंगलवार

शुक्ल पक्ष दशमी (विजय दशमी)

03 नवंबर 2026

मंगलवार

कृष्ण पक्ष दशमी

19 नवंबर 2026

गुरुवार

शुक्ल पक्ष दशमी

02 दिसंबर 2026

बुधवार

कृष्ण पक्ष दशमी

18 दिसंबर 2026

शुक्रवार

शुक्ल पक्ष दशमी

 

दशमी तिथि का महत्व

दशमी तिथि को धर्म-आस्था, कर्तव्य और सफलता से जुड़ी तिथि माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्म व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिणाम लेकर आते हैं। इस तिथि को किसी भी नए कार्य को करने और जरूरी फैसले लेने के लिए शुभ बताया गया है इसलिए कई लोग इस तिथि में पूजा पाठ, कथा जैसे कई कार्य करवाते हैं। दशमी तिथि के स्वामी यमराज माने गए हैं। हिंदू धर्म में यमराज को धर्म और न्याय का देवता कहा गया है। इसलिए इस तिथि का संबंध सत्य, कर्तव्य और धार्मिक आचरण से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इस दिन यमराज का स्मरण और पूजा करने से आरोग्य, दीर्घायु और जीवन में सकारात्मकता प्राप्त होती है।

दशमी तिथि पर क्या करें क्या न करें

क्या करें

  • इस दिन नए बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं।
  • वाहन खरीद सकते हैं।
  • नए वस्त्र और आभूषण खरीदना शुभ होता है।
  • यात्रा शुरू करना
  • शिक्षा और पढ़ाई-लिखाई से जुड़े कार्य
  • संगीत और कला से जुड़े कार्य
  • मुहूर्त देखकर गृह प्रवेश
  • उद्घाटन समारोह
  • शपथ ग्रहण
  • धार्मिक अनुष्ठान

क्या न करें

  • मांसाहार भोजन खाने से बचें।
  • प्याज और मसूर की दाल का सेवन न करें।
  • अनावश्यक विवाद और क्रोध से दूर रहें।
  • नकारात्मक विचारों को मन में न आने दें।
  • धर्म से जुड़ी बातों का अपमान न करें।

दशमी तिथि से जुड़े शुभ और अशुभ योग

ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष वारों के साथ दशमी तिथि का संयोग अलग-अलग योग बनाता है। यदि दशमी शनिवार को पड़ती है तो कुछ ग्रंथों में इसे मृत्युदा योग कहा गया है, जिसमें नए शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। वहीं गुरुवार के दिन पड़ने वाली दशमी को सिद्धा दशमी माना जाता है। यह कार्य सिद्धि और सफलता देने वाली तिथि मानी जाती है।

दशमी पर मनाए जाने वाले प्रमुख पर्व

विजयादशमी (दशहरा) :  आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी या दशहरा का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान राम ने लंका के राक्षस राजा रावण का वध करके अपनी पत्नी सीता को बचाया था। इस दिन कई लोग नए कार्यों की शुरुआत करते हैं, वहीं कई लोग वाहन या अन्य बड़ी चीज़ें खरीदना शुभ मानते हैं।

गंगा दशहरा: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस अवसर पर गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके पुण्य प्राप्त करने की कामना करते हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions)

प्रश्न1. दशमी तिथि का पंचांग क्या है?

हिंदू पंचांग की दसवीं तिथि को दशमी कहते हैं।

प्रश्न2. दशमी तिथि का देवता कौन है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि के देवता यमराज (धर्मराज) हैं।

प्रश्न3. दशमी तिथि को जन्म लेने वाले लोग कौन होते हैं?

दशमी तिथि को जन्मे जातकों में अक्सर प्रबल नेतृत्व क्षमता होती है।

प्रश्न4. दशमी तिथि को क्या करना चाहिए?

दशमी (विशेषकर विजयादशमी या दशहरा) के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है।

प्रश्न5. दशमी का क्या महत्व है?

दशमी तिथि को धर्म-आस्था, कर्तव्य और सफलता से जुड़ी तिथि माना गया है।