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चतुर्दशी तिथि 2026 - Chaturdashi Kab Ki Hai

हिंदू कैलेंडर में हर तिथि का अपना एक अलग महत्व है, लेकिन चतुर्दशी तिथि को सबसे प्रभावशाली और आध्यात्मिक तिथियों में से एक माना जाता है। चतुर्दशी को आम बोलचाल में चौदस (chaudas) कहा जाता है। संस्कृत में 'चतुर्दशी' का अर्थ होता है 'चौदहवीं तिथि'। हिंदू पंचांग में यह हर चंद्र मास का चौदहवां दिन (तिथि) होता है, जो पूर्णिमा या अमावस्या से ठीक पहले आता है। चतुर्दशी व्यक्ति को पुरानी नकारात्मकताओं, बुरे विचारों और मानसिक बोझ को छोड़कर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यही वजह है कि भगवान शिव, माता पार्वती, देवी काली और यमराज की पूजा के लिए भी यह तिथि विशेष मानी गई है।

चतुर्दशी तिथि हर महीने दो बार आती है एक बार कृष्ण पक्ष में और एक बार शुक्ल पक्ष में। चतुर्दशी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि जीवन में परिवर्तन का प्रतीक भी मानी जाती है। जिस तरह अमावस्या और पूर्णिमा चंद्र चक्र के महत्वपूर्ण पड़ाव होते हैं, उसी तरह चतुर्दशी उन दोनों के बीच का अंतिम चरण होती है। यह तिथि व्यक्ति को अपने भीतर झांकने, अपनी गलतियों सुधारने और उससे सीखने व नई शुरुआत के लिए अवसर देती है। इसलिए कई लोग इस दिन ध्यान, जप और पूजा-पाठ में समय बिताते हैं।

चतुर्दशी कब है? - Chaudas Tithi 2026

तिथि

वार

चंद्र कला

01 जनवरी 2026

गुरुवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

16 जनवरी 2026

शुक्रवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

31 जनवरी 2026

शनिवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

15 फरवरी 2026

रविवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

1 मार्च 2026

रविवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

17 मार्च 2026

मंगलवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

31 मार्च 2026

मंगलवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

15 अप्रैल 2026

बुधवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

29 अप्रैल 2026

बुधवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

15 मई 2026

शुक्रवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

29 मई 2026

शुक्रवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

13 जून 2026

शनिवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

28 जून 2026

रविवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

12 जुलाई 2026

रविवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

27 जुलाई 2026

सोमवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

11 अगस्त 2026

मंगलवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

26 अगस्त 2026

बुधवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

09 सितंबर 2026

बुधवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

24 सितंबर 2026

गुरुवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

08 अक्टूबर 2026

गुरुवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (अनंत चतुर्दशी)

24 अक्टूबर 2026

शनिवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

07 नवंबर 2026

शनिवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (नरक चतुर्दशी)

23 नवंबर 2026

सोमवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

07 दिसंबर 2026

सोमवार

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी

22 दिसंबर 2026

मंगलवार

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी

भगवान शिव की प्रिय तिथि

चतुर्दशी का सबसे गहरा संबंध भगवान शिव से माना गया है। विशेष रूप से कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव की पूजा व जलाभिषेक के लिए अत्यंत शुभ बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने से जीवन की हर चुनौतियों का सामना करने की ताकत मिलती है। साथ ही, मन शांत रहता है। यही कारण है कि महाशिवरात्रि भी चतुर्दशी तिथि पर मनाई जाती है।

चतुर्दशी तिथि का महत्व

चतुर्दशी मन और आत्मा की शुद्धि का दिन होता है। इस तिथि की गई साधना व्यक्ति को मानसिक शांति और सकारात्मक सोच प्रदान करने में सहायक मानी जाती है। चतुर्दशी पर पूजा और उपवास करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और व्यक्ति को नई ऊर्जा प्राप्त होती है। जो लोग इस दिन ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना करते हैं, उनके लिए यह तिथि विशेष महत्व रखती है। माना जाता है कि इस दिन मन अधिक एकाग्र रहता है और साधना का फल भी बेहतर मिलता है। कई धार्मिक ग्रंथों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि चतुर्दशी के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की रुकावटें और परेशानियां दूर हो सकती हैं।

चतुर्दशी पर मनाए जाने वाले प्रमुख पर्व

1. महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि साल की सबसे महत्वपूर्ण चतुर्दशी मानी जाती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, पूरी रात भगवान शिव का ध्यान करते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। कई लोग इस दिन रुद्राभिषेक भी करते हैं। शिव मंदिरों में इस दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

2. छोटी दिवाली 

दिवाली से एक दिन पहले आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को छोटी दिवाली या काली चौदस कहा जाता है। यह दिन देवी काली की पूजा की जाती है। माना जाता है कि उनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों बचा जा सकता है।

3. अनंत चतुर्दशी

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। यह भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप को समर्पित होती है और गणेश उत्सव का समापन भी इसी दिन होता है।

चतुर्दशी पर क्या करें क्या नहीं

क्या करें

  • सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र या "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों को दान दें।
  • ध्यान और योग के लिए समय निकालें।
  • मन में सकारात्मक विचार रखें।
  • परिवार और प्रियजनों के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार करें।

क्या न करें

  • क्रोध और विवाद से बचें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • नकारात्मक विचारों को मन में न रखें।
  • तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें।
  • अनावश्यक झूठ और छल-कपट से बचें।
  • चतुर्दशी तिथि का आध्यात्मिक संदेश

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंदू पंचांग में चंद्रमा के बढ़ते या घटते चरण का 14वां दिन (तिथि) है।

चतुर्दशी पर भगवान शिव की पूजा के अनुष्ठान।

चतुर्दशी तिथि के देवता देवदेवेश्वर सदाशिव (भगवान शिव) हैं।

बाल और दाढ़ी न कटवाएं, मांसाहार और तामसिक भोजन न करें आदि।

चतुर्दशी के स्वामी भगवान शिव हैं।