हिंदू पंचांग में, चंद्र मास की चौथी तिथि को चतुर्थी कहा जाता है। चतुर्थी तिथि का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व है। यह तिथि हर माह दो बार, कृष्ण पक्ष व शुक्ल पक्ष में आती है। चतुर्थी तिथि का निर्माण शुक्ल पक्ष में तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा का अंतर 37 डिग्री से 48 डिग्री अंश तक होता है। वहीं कृष्ण पक्ष सूर्य और चंद्रमा का अंतर 117 से 228 डिग्री अंश तक होता है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है इसलिए इस तिथि को विघ्नों को दूर करने और सफलता प्राप्त करने वाली तिथि कही जाती है। इस तिथि के स्वामी भी भगवान गणेश माने गए हैं।