हिंदू पंचांग में पड़ने वाली हर एक तिथि का अपना एक विशेष स्थान है, लेकिन त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ और पवित्र मानी जाती है। यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। हिंदू पंचांग में चंद्र मास की तेरहवीं तिथि (13वें दिन) को त्रयोदशी कहा जाता है। इसी तिथि की संध्या समय में यानी सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल पड़ता है, इसलिए इसे प्रदोष व्रत के लिए विशेष माना गया है। त्रयोदशी आत्मशुद्धि, भक्ति और भगवान शिव के प्रति समर्पण की तिथि मानी जाती है।