त्रयोदशी तिथि 2026 - Trayodashi Kab Ki Hai

हिंदू पंचांग में पड़ने वाली हर एक तिथि का अपना एक विशेष स्थान है, लेकिन त्रयोदशी तिथि भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ और पवित्र मानी जाती है। यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। हिंदू पंचांग में चंद्र मास की तेरहवीं तिथि (13वें दिन) को त्रयोदशी कहा जाता है। इसी तिथि की संध्या समय में यानी सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल पड़ता है, इसलिए इसे प्रदोष व्रत के लिए विशेष माना गया है। त्रयोदशी आत्मशुद्धि, भक्ति और भगवान शिव के प्रति समर्पण की तिथि मानी जाती है।

 त्रयोदशी कब है- Trayodashi Tithi 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. त्रयोदशी तिथि का देवता कौन है?

यह तिथि चंद्रमा की तेरहवीं कला है, इस कला में अमृत का पान धन के देवता कुबेर करते हैं।

2. त्रयोदशी को क्या नहीं करना चाहिए?

इस दिन किसी को शाम के बाद नमक का दान न दें, न ही उधार करें।

3. त्रयोदशी का क्या अर्थ है?

हिंदू पंचांग की तेरहवीं तिथि को त्रयोदशी कहते हैं।

4. त्रयोदशी शुभ दिन है या नहीं?

यह सीखने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सबसे अच्छे चंद्र दिवसों में से एक है, क्योंकि यह हमारे मन को अधिक तीक्ष्ण और तेज बनाता है।

5. त्रयोदशी व्रत करने से क्या लाभ होता है?

त्रयोदशी करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं, दरिद्रता दूर होती है