हिंदू कैलेंडर में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है। चंद्र मास की आठवीं तिथि अष्टमी कहलाती है। शास्त्रों में इसे कलावती तिथि भी कहा गया है। मान्यता है कि यह तिथि कला, ज्ञान, साहस और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है। यह तिथि हर महीने में दो बार आती है, एक बार शुक्ल पक्ष में और दूसरी बार कृष्ण पक्ष में।
इस दौरान कई बड़े व प्रमुख व्रत और त्योहार भी पड़ते हैं, जिससे इस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। अष्टमी तिथि शक्ति, साहस, विजय और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक मानी जाती है। यह तिथि विशेष रूप से भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना के लिए महत्वपूर्ण मानी गई है। अष्टमी तिथि को जया तिथियों की श्रेणी में रखा गया है यही वजह है कि इसे संघर्षों पर विजय और कठिन चुनौतियों से निकलने की ताकत देने वाली तिथि कहा जाता है।