सनातन धर्म में एकादशी बहुत ही पवित्र और मोक्ष प्राप्त करने वाली तिथि मानी जाती है, जो हर माह पड़ती है। इस दिन व्रत रखते हैं और नियमानुसार पूजा पाठ करते हैं। यह वजह है कि लोग एकादशी कब की है ekadashi kab hai यह जानना चाहते हैं। एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने, मंत्रों का जाप करने और नाम स्मरण करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। कई हिंदू ग्रंथों में एकादशी व्रत को सभी व्रतों और धार्मिक अनुष्ठानों से भी अधिक महत्वपूर्ण बताया गया है इसलिए लाखों लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ हर माह एकादशी का व्रत विधि-विधान से करते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, चंद्र पखवाड़े का ग्यारहवां दिन एकादशी कहलाती है। एकादशी संस्कृत भाषा से लिया गया शब्द है जिसका अर्थ होता है ‘ग्यारह’। हर महीने दो एकादशी आती हैं, एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। जो एकादशी अमावस्या के बाद आती है उसे शुक्ल पक्ष की एकादशी कहते हैं और जो पूर्णिमा के बाद आती है उसके कृष्ण पक्ष की एकादशी कहते हैं। इस प्रकार पूरे साल में लगभग 24 एकादशी पड़ती है। अधिमास पड़ने पर 26 एकादशी की तिथि भी पड़ सकती है। एकादशी बहुत ही शुभ तिथि मानी जाती है।
धार्मिक ग्रंथों में एकादशी को 'हरि वासर' और 'हरि दिवस' भी कहा गया है। इस शब्द का अर्थ है भगवान विष्णु का प्रिय दिन। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा और व्रत रखने से व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है। पद्म पुराण, स्कंद पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में एकादशी व्रत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है। ऐसा कहा जाता है कि एकादशी का व्रत व्यक्ति को न केवल आध्यात्मिक लाभ देता है, बल्कि मन और शरीर को भी शुद्ध करता है। यह नहीं हिंदू मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से पितरों को भी शुभ फल प्राप्त होता है और परिवार पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
वर्ष भर आने वाली 24 नियमित और अधिमास में आने वाली 2 अतिरिक्त एकादशियों सहित कुल 26 एकादशियों के होती है। आइए जानते हैं 2026 में एकादशी कब है ekadashi kis din hai।
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तिथि |
वार |
एकादशी |
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14 जनवरी, 2026 |
बुधवार |
षटतिला एकादशी |
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29 जनवरी 2026 |
गुरुवार |
जया एकादशी |
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13 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
विजया एकादशी |
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27 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
आमलकी एकादशी |
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15 मार्च 2026 |
रविवार |
पापमोचिनी एकादशी |
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29 मार्च 2026 |
रविवार |
कामदा एकादशी |
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13 अप्रैल 2026 |
सोमवार |
वरुथिनी एकादशी |
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27 अप्रैल 2026 |
सोमवार |
मोहिनी एकादशी |
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13 मई 2026 |
बुधवार |
अपरा एकादशी |
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27 मई 2026 |
बुधवार |
पद्मिनी एकादशी |
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11 जून 2026 |
गुरुवार |
परम एकादशी |
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25 जून 2026 |
गुरुवार |
निर्जला एकादशी |
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10 जुलाई 2026 |
शुक्रवार |
योगिनी एकादशी |
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25 जुलाई 2026 |
शनिवार |
देवशयनी एकादशी |
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09 अगस्त 2026 |
रविवार |
कामिका एकादशी |
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23 अगस्त 2026 |
रविवार |
श्रावण एकादशी |
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07 सितंबर 2026 |
सोमवार |
अजा एकादशी |
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22 सितंबर 2026 |
मंगलवार |
परिवर्तिनी एकादशी |
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06 अक्टूबर 2026 |
मंगलवार |
इंदिरा एकादशी |
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22 अक्टूबर 2026 |
गुरुवार |
पापांकुशा एकादशी |
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05 नवंबर 2026 |
गुरुवार |
रमा एकादशी |
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20 नवंबर 2026 |
शुक्रवार |
देवुत्थान एकादशी |
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04 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
उत्पन्ना एकादशी |
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20 दिसंबर 2026 |
रविवार |
मोक्षदा एकादशी |
हर एकादशी का अपना अलग महत्व, नाम और कथा होती है। लेकिन कुछ एकादशी को बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। देवशयनी एकादशी, निर्जला एकादशी, देवउठनी एकादशी, मोक्षदा एकादशी और पुत्रदा एकादशी आदि।
देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है और मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है।
निर्जला एकादशी को सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक माना जाता है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है।
देवउठनी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।
मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष मास में आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता का उपदेश देने के कारण गीता जयंती भी मनाई जाती है।
पुत्रदा एकादशी संतान सुख और संतान की उन्नति के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ इस व्रत को करने से संतान प्राप्ति और संतान के सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
प्रश्न1. जून में एकादशी कब है?
जून 2026 में दो एकादशी पड़ रही हैं परमा एकादशी और निर्जला एकादशी।
प्रश्न2. अगस्त में एकादशी कब है?
पहली कामिका एकादशी 9 अगस्त को और दूसरी श्रावण पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त को मनाई जाएगी।
प्रश्न3. निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
प्रश्न4. एकादशी का दिन क्या है?
एकादशी वैष्णव परंपरा में महीने में दो बार मनाया जाने वाला एक पवित्र उपवास दिवस है, जो भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण को समर्पित है।
प्रश्न5. एकादशी को सिर धोना चाहिए?
एकादशी के दिन सिर (बाल) नहीं धोना चाहिए
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