प्रतिपदा तिथि 2026 - Pratipada Kab Ki Hai

सनातन धर्म में किसा भी व्रत, त्योहार, पूजा-पाठ या शुभ कार्य का निर्धारण तिथि देखकर किया जाता है इसलिए हिंदू पंचांग में तिथि का बहुत अधिक महत्व है। तिथि हर माह दो बार पड़ती है एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। तिथि में शुक्ल पक्ष में तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा का अंतर 0 डिग्री से 12 डिग्री अंश तक होता है। वहीं कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा तिथि का निर्माण सूर्य और चंद्रमा का अंतर 181 से 192 डिग्री अंश तक होता है।

हिंदू पंचांग की पहली तिथि प्रतिपदा तिथि होती है है, जिसका अर्थ है मार्ग। प्रतिपदा तिथि को संस्कृत में प्रतिपदा तथा हिंदी में पड़वा, परेवा या पड़वा तिथि भी कहा जाता है। प्रतिपदा तिथि को नई शुरुआत, उत्साह, ऊर्जा और शुभ कार्यों का प्रतीक होता है। इसी तिथि से चंद्रमा अपनी नई यात्रा आरंभ करता है, इसलिए यह तिथि नए संकल्पों और नई योजनाओं की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

प्रतिपदा तिथि कब है- Pratipada Tithi 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. प्रतिपदा का मतलब क्या होता है?

प्रतिपदा का अर्थ है, किसी पक्ष या महीने का पहला दिन।

2. प्रतिपदा के स्वामी कौन हैं?

प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्निदेव माने गए हैं।

3. प्रतिपदा क्यों मनाई जाती है?

यह दिन केवल कैलेंडर परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और चेतना के नव जागरण का प्रतीक है।

4. तिथि क्या है?

तिथि भारतीय पंचांग की एक समय इकाई है, जो सूर्य और चंद्रमा की गति पर आधारित होती है।

5. प्रतिपदा तिथि में कौन से काम नहीं करने चाहिए? 

शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा में विवाह, गृह प्रवेश, वास्तु पूजन, उपनयन और यात्रा जैसे कार्य वर्जित माने गए हैं।