सनातन धर्म में किसा भी व्रत, त्योहार, पूजा-पाठ या शुभ कार्य का निर्धारण तिथि देखकर किया जाता है इसलिए हिंदू पंचांग में तिथि का बहुत अधिक महत्व है। तिथि हर माह दो बार पड़ती है एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। तिथि में शुक्ल पक्ष में तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा का अंतर 0 डिग्री से 12 डिग्री अंश तक होता है। वहीं कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा तिथि का निर्माण सूर्य और चंद्रमा का अंतर 181 से 192 डिग्री अंश तक होता है।
हिंदू पंचांग की पहली तिथि प्रतिपदा तिथि होती है है, जिसका अर्थ है मार्ग। प्रतिपदा तिथि को संस्कृत में प्रतिपदा तथा हिंदी में पड़वा, परेवा या पड़वा तिथि भी कहा जाता है। प्रतिपदा तिथि को नई शुरुआत, उत्साह, ऊर्जा और शुभ कार्यों का प्रतीक होता है। इसी तिथि से चंद्रमा अपनी नई यात्रा आरंभ करता है, इसलिए यह तिथि नए संकल्पों और नई योजनाओं की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।