ज्योतिष शास्त्र के अनुसार डिप्रेशन के उपाय

डिप्रेशन

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को तनाव होना आम बात – सी हो गई है। लेकिन बड़ी समस्या तो तब है, जब यह तनाव अवसाद का रूप ले लें। आज हर दूसरे व्यक्ति में यह समस्या पाई जाती है। यह समस्या छोटे-छोटे बच्चों में भी पाई जाती हैं। डिप्रेशन व्यक्ति को दिमागी तौर पर काफी कमजोर बना देता है साथ ही साथ व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता को भी खत्म करता है।

वो कहते हैं ना “मन के हारे हार है, मन के जीते जीत” व्यक्ति की हार जीत मन पर ही निर्भर करती है। अगर व्यक्ति ने अपने मन से यह ठान लिया है कि, वह यह चीज नहीं कर सकता, तो वह उस चीज में सफलता कभी प्राप्त नहीं कर पाएगा। लेकिन अगर व्यक्ति ने अपने मन से यह नहीं माना कि वह किसी भी चीज को प्राप्त करने में असमर्थ है, तो वह अपने जीवन में सब कुछ प्राप्त कर सकता है। हमारे जीवन में ऐसी बहुत सी परेशानियां आती है, जिनका सामना हमें करना पड़ता है। लेकिन कुछ परेशानी तनाव का कारण बन जाती है। इसीलिए उन से छुटकारा पाने के लिए सकारात्मक विचार को अपनाना चाहिए। 

हर व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख अवश्य आते हैं। लेकिन जब परिस्थितियां तनाव, चिंता, नकारात्मक सोच, घबराहट, बेचैनी आदि में बदल जाए, तो वह डिप्रेशन का कारण बन जाती हैं। अवसाद के कारण व्यक्ति खुद को काफी अकेला और असहाय महसूस करता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इस चीज का भी उपाय मौजूद है। जी हां, ज्योतिष शास्त्र की मदद से अवसाद जैसी समस्या को भी दूर किया जा सकता है।

डिप्रेशन क्या होता है?

सुख-दुख हमारे जीवन के दो पहलू होते हैं, जो हर व्यक्ति अपने जीवन में महसूस करता है। जब कभी जीवन में परिस्थितियां बेकार हो जाती हैं, तब व्यक्ति काफी निराश महसूस करने लगता है। लेकिन अगर यह निराशा, चिंता, बेचैनी, नकारात्मक विचार दिनों की जगह महीनों में बदल जाए, तो यह बड़ी चिंता का कारण होता है। 

जब व्यक्ति अपनी रोज की दिनचर्या के कार्यों को पूरा करने में भी और असमर्थ हो जाए और खुद को अकेला महसूस करने लगे, तो व्यक्ति डिप्रेशन की चपेट में आ जाता है। यह मानसिक रोग व्यक्ति को मानसिक रूप से काफी कमजोर बना देता हैं, जिसके कारण वह अपने जीवन में किसी भी तरह के फैसले लेने में असमर्थ होता है।

ज्योतिष शास्त्र में डिप्रेशन के कारण 

  • आपको बता दें कि डिप्रेशन में चंद्रमा और बुध बहुत महत्वपूर्ण  होते हैं।
  • ज्योतिष में व्यक्ति की हथेली या उसकी जन्म कुंडली देख कर डिप्रेशन का पता लगाया जा सकता है।
  • चंद्रमा ग्रह को मन का कारक माना जाता है। वही बुध ग्रह को बुद्धि का कारक कहा जाता है।
  • आपको बता दें कि व्यक्ति की हथेली पर मौजूद चंद्र पर्वत मन का प्रतीक होता है।
  • जब व्यक्ति की कुंडली में लग्नेश अशुभ भाव में हो या फिर यह नीच राशि में हो, तब व्यक्ति अवसाद का शिकार हो जाता है।
  • जब चंद्रमा सूर्य के करीबी भाव में हो, तो व्यक्ति अवसाद से पीड़ित हो सकता है।
  • यदि किसी व्यक्ति के मस्तिष्क पर द्वीप या क्रॉस जैसे निशान मौजूद होते हैं। तब व्यक्ति अवसाद से ग्रस्त होता है।
  • जातक की कुंडली में अगर लग्नेश या चन्द्र पर राहु या शनि ग्रह प्रभाव डालते हैं। तब व्यक्ति अवसाद की चपेट में आ सकता है।
  • व्यक्ति की कुंडली में शनि चंद्रमा की युति हो या फिर पाप ग्रहों के घर में विराजमान होता है। तब व्यक्ति को अवसाद जैसी गंभीर समस्या हो सकती हैं।
  • जब कुंडली में चंद्रमा कमजोर पड़ जाता है, तब व्यक्ति अवसाद जैसी गंभीर समस्या के चपेट में आ जाता है।

उपाय

  • अवसाद बहुत गंभीर समस्या है। इसे दूर करने के लिए व्यक्ति को व्यायाम करना चाहिए।
  • अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति को अपने परिजनों के साथ अपने दिल की सारी बातें साझा करने चाहिए।
  • जो भी व्यक्ति मानसिक रोग से पीड़ित होता है, उसे सकारात्मक चीजें करनी चाहिए।
  • साथ ही व्यक्ति को  सकारात्मक विचारों को  धारण करना चाहिए।
  • जो भी व्यक्ति मानसिक रोग से पीड़ित होता है, उस व्यक्ति का हौसला बढ़ाना चाहिए।
  • माना जाता है कि सोमवार के दिन चांदी के आभूषण पहनने से भी मानसिक रोग ठीक होता है।
  • लेकिन ध्यान रखिए कि उस आभूषण में किसी भी तरीके का जोड़ ना हो।
  • अवसाद से छुटकारा पाने के लिए आपको भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
  • भगवान शिव की पूजा करने से चंद्रमा की स्थिति आपकी कुंडली में ठीक हो जाती है और आप डिप्रेशन से छुटकारा पा सकते हैं।
  • इसी के साथ सोमवार या फिर पूर्णिमा के दिन चावल, दूध, मिश्री या चीनी, खीर किसी तरह की सफेद चीज को दान करना चाहिए। 
  • ऐसा करने से व्यक्ति मानसिक रोग से मुक्ति पा लेता है।
  • मानसिक रोग से मुक्ति पाने के लिए व्यक्ति सोमवार के दिन चांदी के लॉकेट में  द्विमुखी रूद्राक्ष डालकर उसे धारण कर ले। 
  • माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान शिव की कृपा आप पर बनी रहती है और आप अवसाद से छुटकारा पा लेते हैं।

(आपको अधिक जानकारी के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह जरूर लेनी चाहिए)

अधिक जानकारी के लिए आप AstroTalk के अनुभवी ज्योतिषियों से बात करें।

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Posted On - January 6, 2022 | Posted By - Jyoti | Read By -

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