Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि 11 या 12 अगस्त कब है? कंफ्यूजन करें दूर

Sawan Shivratri 2026 kab Hai

Sawan Shivratri 2026: सावन महीने में शिवभक्तों को सावन शिवरात्रि का भी बेसब्री से इंतजार रहता है। वैसे तो हर महीने की मासिक शिवरात्रि पड़ती है। लेकिन सावन शिवरात्रि को श्रावण मास का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस साल सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो चुकी है और 28 अगस्त 2026 को समाप्त हो जाएगी। इस दौरान भक्त चार सावन सोमवार का व्रत रखेंगे। सावन में सोमवार के साथ ही कुछ अन्य तिथियां भी अतिशुभ मानी जाती है, जिसमें सावन शिवरात्रि भी एक है। आइए जानते हैं इस वर्ष सावन शिवरात्रि कब है।

11 या 12 अगस्त सावन शिवरात्रि कब है

सावन शिवरात्रि का व्रत हर साल श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। लेकिन डेट को लेकर भक्तों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ लोग सावन शिवरात्रि की तिथि 11 अगस्त तो कुछ 12 अगस्त बता रहे हैं। एस्ट्रोटॉक के पंचांग (Panchang) के अनुसार, श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 अगस्त को सुबह 4 बजकर 54 मिनट से होगी और 12 अगस्त देर रात 1 बजकर 52 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। 11 अगस्त को पूरे दिन चतुर्दशी तिथि मिल रही है, जिस कारण इसी दिन सावन शिवरात्रि का व्रत, पूजन और जलाभिषेक किए जाएंगे।

सावन शिवरात्रि का महत्व

पूरे साल में वैसे तो कुल 12 शिवरात्रि पड़ती है। लेकिन फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि और श्रावण मास की सावन शिवरात्रि को महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय और हिंदू धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, जिस कारण आध्यात्मिक दृष्टिकोण से सावन शिवरात्रि का महत्व बढ़ जाता है। इस दिन शिवभक्त व्रत रखकर पूजा-पाठ करते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक और शिव मंत्रों (Shiv Mantra) का जाप करते हैं। सावन शिवरात्रि पर चार प्रहर पूजा का महत्व होता है। धार्मिक मान्यतानुसार, सच्चे मन और श्रद्धाभाव से सावन शिवरात्रि पर किए पूजा और व्रत का पूर्ण फल मिलता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

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सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक और पूजा का समय

सावन शिवरात्रि पर मंदिर और शिवालयों में शिवभक्तों की भारी भीड़ रहती है। चारों ओर हर-हर महादेव की गूंज के साथ लोग शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं। सावन शिवरात्रि के शुभ दिन पर कावड़िये भी कावड़ जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए सुबह 4 बजकर 54 मिनट से देर रात 1 बजकर 52 मिनट तक का समय बहुत शुभ है। भक्तों को सावन शिवरात्रि पर पूरे दिन जलाभिषेक का अवसर मिल रहा है।

सावन शिवरात्रि की पूजा के लिए निशिता काल को सबसे अच्छा माना जाता है। इस मुहूर्त की गई भगवान शिव की पूजा कभी निष्फल नहीं होती है। 11 अगस्त को निशिता काल रात 12 बजकर 5 मिनट से देर रात 12 बजकर 48 मिनट तक पूजा का सबसे अच्छा समय रहेगा। 

सावन शिवरात्रि चार प्रहर पूजा का समय

सावन शिवरात्रि पर चार प्रहर पूजा का महत्व होता है। चारों प्रहर में अलग-अलग सामग्री से भगवान का पूजन और अभिषेक किया जाता है। जानें 11 अगस्त 2026 को चार प्रहर पूजा का समय-

प्रहर (Prahar) तिथि (Date) समय (Time)
पहला प्रहर 11 अगस्त 2026 शाम 7:06- रात 9:45
दूसरा प्रहर 11 अगस्त 2026 रात 9:45- 12:45
तीसरा प्रहर 12 अगस्त 2026 रात 12:26- 3:07
चौथा प्रहर 12 अगस्त 2026 देर रात 3:04 – 5:49 

 

सावन शिवरात्रि के दिन क्या करें और क्या नहीं

  • सावन शिवरात्रि व्रत के दिन नमक, तामसिक भोजन या लहसुन-प्याज जैसी चीजें खाने से बचें।
  • व्रत के दौरान क्रोध-भावना मन में न लाएं और वाद-विवाद जैसे बचें।
  • शिवजी की पूजा करते समय उन्हें कुमकुम, सिंदूर, केतकी और चंपा के फूल, तुलसी और हल्दी आदि अर्पित न करें।
  • कुछ मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए।

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Posted On - August 3, 2026 | Posted By - Admin | Read By -

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