तीन मुखी रुद्राक्ष – लाभ, महत्व और धारण करने की विधि

तीन मुखी रुद्राक्ष – लाभ, महत्व और धारण करने की विधि

तीन मुखी रुद्राक्ष - लाभ, महत्व और धारण करने की विधि

तीन मुखी रुद्राक्ष पारंपरिक रूप से हिंदू धर्म में प्रार्थना के रूप में उपयोग किया जाने वाला एक बहुत ही शुभ मनका है। यह रुद्राक्ष तीनों देव अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक भी है।यदि कोई व्यक्ति सावन मास के किसी भी सोमवार में यह रुद्राक्ष धारण करता है तो उसके ऊपर इन त्रिदेवों की कृपा बरसने लगती है.।इसका नियंत्रण ग्रह मंगल है।

तीन मुखी रुद्राक्ष क्या है 

तीन मुखी रुद्राक्ष की तीन अलग-अलग रेखाएँ होती हैं। रुद्राक्ष में अग्नि की अधिकता होती है जो तीनों देव शक्तियों के आशीर्वाद से भरा है। यह जलती हुई आग की लपटें हैं जो एक व्यक्ति को ऊर्जावान रखती हैं। यह कहा जाता है कि इसे पहनने वाला पिछले जन्म के कर्मों की परेशानी से मुक्त होता है तथा अपने प्रयासों में सफलता प्राप्त करके अपने प्रभाव को महसूस करता है। यह रुद्राक्ष सभी रुद्राक्षों में सबसे शक्तिशाली मोती है। यह शांति का भी सबसे अच्छा साधन है और आत्मा को शुद्ध बनाता है। अग्नि देव पंच महाभूतों (पांच तत्वों) में से एक हैं जो बुराई को राख कर देते हैं। वास्तु को बढ़ाने के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष को रसोई में रखा जा सकता है।

तीन मुखी रुद्राक्ष से लाभ

– स्मरण शक्ति और बुद्धि को बढ़ाता है।

– यह पहनने वाले को निडर, साहसी, शक्तिशाली बनाता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

– इसको धारण करने से मंगल और सूर्य से सम्बंधित दोषों का नाश होता हैं ।

– यह उन बच्चों के लिए अच्छा माना जाता है जो दुर्घटनाओं और बीमारी से ग्रस्त हैं।

– व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ आशावादी जीवन जीता है 

तीन मुखी रुद्राक्ष से स्वास्थ्य लाभ

– यह मधुमेह और रक्तचाप को नियंत्रित करता है।

– यह विभिन्न रोगों जैसे पेट की बीमारियों, कैंसर, त्वचा रोग, हैजा, बुखार, नेत्र दोष, अल्सर, सर्दी, रक्त संक्रमण, सूजन आदि के खिलाफ भी बहुत प्रभावी है।

– यह आपकी ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने के लिए अच्छा है तथा आलस्य पर काबू पाता है।

कैसे धारण करे

तीन मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के लिए मंत्र – “ॐ क्लीम नमः” 

इसे भगवान शिव के पंचाक्षर बीज मन्त्र से भी धारण कर सकते है  – “ॐ नमः शिवाय”

तीन मुखी रुद्राक्ष खरीदने के बाद इसे साफ ताजे पानी से धोएं और पहनने से पहले एक दिन गाय के दूध में डुबोएं। सोमवार या रविवार के दिन सुबह जल्दी उठें, उस स्थान को साफ करें जहां आप बैठने जा रहे हैं और पूजा या जाप करेंंगे। स्नान करने के पश्चात् साफ कपड़े पहनें। अब पूर्व दिशा में पूजा घर या अपने घर की ओर मुख करके बैठें। एकाग्र मन से मंत्र “ॐ क्लीम नमः” का 108 बार जाप करें। अब चंदन का लेप कुमकुम लगाएं और तीन मुखी रुद्राक्ष पहनें।

किन राशियों को मिलता है लाभ

मेष, वृश्चिक और धनु राशि वालों के लिए भी यह रुद्राक्ष लाभदायक है।

तीन मुखी रुद्राक्ष का महत्व

– यह रुद्राक्ष मन और शरीर पर सुखदायक प्रभाव पड़ता है।

– यह पिछले पापों के कारण तनाव को भागने और सफलता पाने में मदद करता है।

– यह व्यक्ति को उन बाधाओं से मुक्त करता है, जो वह अपने पिछले कर्मों के कारण झेल रहा है।

– यह जीवन चक्र से मुक्ति देता है।

– इसे पहनने के बाद आध्यात्मिक लाभ मिलता है।

क्या करें और क्या न करें

– प्रतिदिन इसकी पूजा करें।

– इस पर हमेशा भरोसा बनाए रखें।

– किसी को भी इसकी जानकारी न दें।

– टूटी हुई माला मत ना पहने।

– अपना रुद्राक्ष किसी को न दें।

– इसे पहनने के बाद मांसाहार खाना न खाएं।

– इसे पहनने के बाद शराब न पिएं।

– अंतिम संस्कार सेवा में जाने से पहले इसे हटा दें।

– सोने से पहले इसे हटा दें और जहां आप भगवान की पूजा करते हैं, वहां रखें।

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