नींद और ग्रहों में क्या है संबंध? नींद पर ग्रहों की भूमिका

नींद और ग्रहों में क्या है संबंध? नींद पर ग्रहों की भूमिका

नींद और ग्रहों में क्या है संबंध नींद पर ग्रहों की भूमिका

नींद, एक व्यक्ति को जीवन के संघर्षों से मुक्ति दिलाने का स्त्रोत होती है। जब व्यक्ति थक जाता है, तो नींद ही उसे अगले दिन कार्य करने के लिए दोबारा तैयार करती है। बिना इसके, कई दिक्कतों व बीमारियों को हम अपने जीवन में आमंत्रित करते हैं। नींद ही हमारी ऊर्जा को नियंत्रित करती है। पर उस निंद्रा को कौन सा ग्रह नियंत्रित करता है?

नींद पर ग्रहों की भूमिका

ज्योतिष विद्या की बात करें, तो पहला खाना लग्न, चतुर्थ भाव यहीं चौथा खाना, अष्टम भाव यानी आठवां खाना व द्वादश भाव यानी बारहवां खाना ही नींद और शय्या के सुख के बारे में बताते हैं। शनि ग्रह को नींद का मुख्य ग्रह माना गया है। इसके अतिरिक्त, चन्द्रमा, शुक्र और बुध ग्रह नींद से जुड़े हुए हैं। कर्क, वृश्चिक और मीन राशि जल की राशियां होती हैं। ये भी निंद्रा की राशियां हैं। इसके साथ ही, वायु की राशियां, अर्थात मिथुन, तुला, कुंभ भी निंद्रा की ही राशियां हैं।

कब आती है अच्छी नींद?

  • शनि को निंद्रा का प्रमुख ग्रह माना गया है, इसलिए इस ग्रह के प्रधान रहने से अच्छी नींद आती है।
  • चन्द्रमा, शुक्र या बुध ग्रह के अच्छे स्थान पर होने से पूरी नींद आती है।
  • अष्टम भाव यानी आठवें खाने या केंद्र में शुभ ग्रहों के विद्यमान होने से भी निंद्रा अच्छी ही होती है।
  • यदि आपके कुंडली में जल तत्व मज़बूत या ज़्यादा मात्रा में हो, तो बुरी निंद्रा कम ही आती है।
  • कर्क, वृश्चिक मीन, मिथुन, तुला और कुंभ राशि वाले लोगों को सामान्य तौर पर बढ़िया नींद ही आती है। ऐसा बहुत कम होता है, कि ऐसे लोग अच्छे से ना सो पाएं।
  • अगर आपके घर के पास कोई जल श्रोत है या किसी भी प्रकार का जल स्त्रोत है, तो आप कई दफा अच्छे से सोते हैं। वह जल स्त्रोत कुआं, तालाब, नदी या समुद्र या और कुछ भी हो सकता है।

आपके लिए सोना कब एक समस्या बन जाती है?

  • यदि आप शनि के बुरे प्रकोप के शिकार हैं या शनि ग्रह आपसे रुठा हुआ है, तो सोना एक समस्या बन जाती है।
  • यदि आपके कुंडली में चंद्रमा या शुक्र ग्रह पीड़ित हैं, तो आपकी नींद बेवजह उड़ जाती है।
  • बुध ग्रह यदि पीड़ित है, तो चिंता होने लगती है जिससे की नींद उड़ जाती है। यह चिंता प्रमुख तौर पर रोज़गार या पैसों को लेकर होती है।
  • कुंडली में यदि पृथ्वी के तत्व अथवा अग्नि के तत्व की प्रबलता बढ़ जाती है, तो भी व्यक्ति बिन कठिनाइयों के नहीं सो पाता है।
  • मंगल के भारी रूप से खराब होने के कारण, शारीरिक दिक्कतें होती हैं और परिणामस्वरूप व्यक्ति निंद्रा से विमुख हो जाता है।

किन ज्योतिषी उपायों से आ सकती है अच्छी नींद?

  • जिस कमरे में आप सो रहे हैं, यदि उसका रंग क्रीम, गुलाबी या हल्का हरा हो, तो सोने के लिए बेहतर रहता है।
  • अपने कमरे को थोड़ा सा सुगंधित रखें।
  • पलंग के नीचे कभी भी कोई सामान ना रखें। खास तौर पर, कोई भी लोहे के सामान को ना रखें।
  • अपने शयन कक्ष में गंदे वस्त्रों को भी रखने से बचें।
  • बढ़िया निंद्रा को प्राप्त करने के लिए, चन्द्रमा के चेन या चन्द्रमा को धारण करिए।
  • इसके साथ ही, लाल तिलक लगाना छोड़ दीजिए। यह टूटी हुई या कम नींद ला सकता है।
  • पलंग के पाए के पास, एक लोटे में जल रखकर रात को सोइए और प्रातः काल उस जल को पौधों में डाल दीजिए। इससे आपको सोने में कोई भी परेशानी नहीं आयेगी।
  • जिस कमरे में सूर्य की रोशनी या चांद की चांदनी आती हो, उसमें सोना लाभदायक होता है।
  • सलाह लें और फिर उस हिसाब से मोती या ओपल पहन लें। इससे भी नींद अच्छी हो जाएगी।

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