हल्दी का महत्व एवं ज्योतिषीय लाभ

Posted On - September 11, 2021 | Posted By - Shantanoo Mishra | Read By -

 294 

हल्दी के फायदे, haldi ke fayde

भारतीय व्यंजन अपने स्वाद के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। और, आप जानते हैं कि उन्हें क्या खास बनाता है? इन सभी के साथ इन व्यंजनों को जीवन देते हैं मसाले! अक्सर भारतीय व्यंजनों में मसालों के बीच इस्तेमाल होने वाली हल्दी के कई फायदे हैं। हल्दी के कई वैज्ञानिक फायदे ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक महत्व भी है। कई स्वास्थ्य लाभ होने के कारण, हल्दी का ज्योतिष और पौराणिक कथाओं उल्लेख मिलता है।

हल्दी का इतिहास और महत्व

इस पीली जड़ी बूटी का उपयोग भारत की वैदिक संस्कृति से लगभग चार हजार वर्ष पूर्व से किया जा रहा है। तब, इसे आध्यात्मिक मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता था और इसका धार्मिक महत्व भी उतना ही अधिक था और आज भी है। हल्दी शब्द संस्कृत के हरिद्र शब्द से निर्मित है।

हल्दी को देवी मां की ऊर्जा का आशीर्वाद और समृद्धि प्रदान करने के लिए भी माना जाता है। यह भगवान गणेश की प्रिय है और इसलिए इसे बाधाओं को दूर करने और सफलता एवं समृद्धि प्रदान करता है।

यह भी पढ़ें: कुछ भारतीय परंपराएं और उनके पीछे के वैज्ञानिक कारण

स्वास्थ्य सुविधा

हल्दी में शक्तिशाली औषधीय गुणों के साथ कुछ बायोएक्टिव यौगिक होते हैं। इसके अलावा, यह एक प्राकृतिक औषधि है। हल्दी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और इसलिए हृदय रोगों को रोकने और जड़ से फेंकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हल्दी के सिर्फ इतने ही फायदे नहीं फायदे हैं, बल्कि यह कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से कुछ हद तक रक्षा करती है। शोध से पता चला है कि हल्दी कैंसर के प्रसार को कम कर सकती है कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं का नाश कर सकती है। इतना ही नहीं इसका सौंदर्यकरण में भी किया जाता है। यह त्वचा के विभिन्न समस्याओं का इलाज करने में मदद करती है और चमकती त्वचा निखारने में सहायता करती है। यह जड़ी बूटी रक्त की बाधाओं से निपट सकती है और अल्जाइमर जैसे रोग से पीड़ित व्यक्ति की रक्षा कर सकती है।

यह भी पढ़ें: सूर्य को जल अर्पण करने के पीछे ज्योतिषीय महत्व एवं मूल्य

हल्दी समारोह

इसका का उपयोग केवल दैनिक उपयोग तक ही सीमित नहीं है बल्कि शादियों में भी इसका विशेष महत्व है। हल्दी समारोह भारत में एक विवाह से एक दिन पहले किया जाने समारोह है। शादी के दिन सुबह विवाहित महिलाओं द्वारा दूल्हा और दुल्हन दोनों को तेल और पानी के साथ हल्दी लगाई जाती है। यह मिश्रण युगल के लिए शुभ माना जाता है और इसमें ऐसे गुण होते हैं जो त्वचा को गोरा और चमकदार बनाते हैं। भारतीय समारोहों में, हल्दी को दम्पत्ति को आशीर्वाद देना और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इसका चमकीला पीला रंग नए युगल को अपना नया जीवन शुरू करने के लिए समृद्धि प्रदान करता है।

हालांकि, कुछ लोग इसे चंदन पाउडर और दूध के साथ मिलाते हैं जबकि कुछ लोग इसे गुलाब जल के साथ मिलाते हैं। यह समारोह पारंपरिक नृत्य, संगीत और ढेर सारी मस्ती साथ पूरा किया जाता है। भारतीय परंपरा में हल्दी का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि यह शरीर को शुद्ध और साफ करने में उपयोगी होता है। यह बेजान त्वचा साफ करता है और त्वचा को डिटॉक्सीफाई करता है। इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि हल्दी में बुरी आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने की शक्ति होती है। इसलिए, इस कारण से, दूल्हा और दुल्हन दोनों को शादी से पहले अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।

यह भी पढ़ें: सकारात्मक रहने और निराशाओं से बचने के कुछ खास तरीके

हल्दी और आयुर्वेद

सिर्फ वैज्ञानिक ही नहीं, आयुर्वेद में भी हल्दी के कई फायदे हैं। यह पाचन को बढ़ावा देता है और मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को तीव्र करता है। हल्दी, स्वस्थ रक्त शर्करा(Sugar Level) के स्तर को स्थिर रखती है। इसके अलावा, यह जड़ी बूटी हृदय और संचार प्रणाली को भी पोषण देती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है।

हल्दी का उपयोग कैसे करें?

हल्दी के हजारों फायदे जानने के बाद सवाल उठता है कि इसका सेवन कैसे करें?

आपका जवाब यहाँ है। हल्दी का उपयोग किसी भी भारतीय व्यंजन में किया जा सकता है और अधिकांश माताएँ इसका उपयोग सदियों से करती आ रही हैं। बिना अतिरिक्त मेहनत किए हल्दी के साथ खाना बनाना इसका सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका है। हालाँकि, आप हल्दी वाला दूध या हल्दी और शहद के पेस्ट का भी सेवन कर सकते हैं। हल्दी अदरक की चाय भी एक बेहतरीन विकल्प है।

अधिक के लिए, हमसे इंस्टाग्राम पर जुड़ें। अपना  साप्ताहिक राशिफल  पढ़ें।

 295 

Our Astrologers

1400+ Best Astrologers from India for Online Consultation

Copyright 2021 CodeYeti Software Solutions Pvt. Ltd. All Rights Reserved