गरुड़ घंटी पूजा में क्यों प्रयोग की जाती है

गरुड़ घंटी पूजा में क्यों प्रयोग की जाती है

गरुड़ घंटी पूजा में क्यों प्रयोग की जाती है

हर पूजा स्थान पर घंटी या घंटे लगे होते है चाहे वह मंदिर हो या घर। घंटी लगाने का प्रचलन काफ़ी पुराना है। यह एक विशेष प्रकार का नाद होता है जिसका प्रयोग आसपास के सारे वातावरण को शुद्ध करने के लिए किया जाता है। यदि आपने कभी ध्यान दिया हो तो आपने देखा होगा कि अधिकतर मंदिरों के बाहर द्वार पर भगवान गरूड़ की मूर्ति ‌लगी होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गरूड़ भगवान को विष्णु का द्वारपाल और वाहन माना जाता है। अब सवाल यह आता है कि आख़िर किस वजह से गरुड़ घंटी को पूजा के लिए प्रयोग किया जाता है। इस संबंध में पांच ऐसे तथ्य हैं जो आप आज जान जाएंगे।

वातावरण को शुद्ध करती है

प्रदूषण की समस्या आज हर इंसान जूझ रहा है। इसका कारण है लगातार शहरों का औद्योगिकरण, वाहनों का धुआं, फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ इत्यादि। यह प्रदूषण हर इंसान और हर जानवर के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। इसके कारण कई तरह की बीमारियां होने का ख़तरा बना रहता है। लेकिन जिन जगहों पर नियमित रूप से घंटी बजने की आवाज़ आती है वहां का वातावरण अत्यधिक पवित्र और शुद्ध बना रहता है। वातावरण में मौजूद जीवाणु और सूक्ष्म विषाणु घंटी की आवाज से मर जाते हैं। इसके अलावा वहां पर रहने वाली सभी नकारात्मकता हटने के कारण वहां पर खुशहाली और समृद्धि आती है। घंटी बजने का समय सुबह और शाम का होता है इसको हमेशा लयपूर्ण बजाना चाहिए।

कार्य में सफ़लता के लिए

अगर आपको हर काम में असफलता मिल रही है और लाख प्रयास करने के बाद भी आपका काम नहीं बन रहा है तो शनिवार या मंगलवार के दिन पीतल की घंटी किसी मंदिर में दान कर दीजिए। ऐसा करने से आपकी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी और आपके रूके काम भी बनने लगेंगे। इसके अलावा यदि आप अपने जीवन में तरक्की करना चाहते हैं तो भगवान की पूजा के बाद हर दिन आरती के समय पर घंटी बजाएं। इससे किस्मत के बंद दरवाज़े हमेशा के लिए खुल जाएंगे।

वैज्ञानिक रूप से फ़ायदे

घंटी बजाने के कई वैज्ञानिक लाभ भी हैं। ऐसा कहा जाता है कि इसको बजाने के कारण तीव्र कंपन होता है और जब यह इंसान के शरीर से टकराता है तो मनुष्य का शरीर बहुत रिलैक्स महसूस करता है। यदि किसी व्यक्ति को कानों से संबंधित कोई बीमारी है तो इसकी आवाज से कानों की बीमारियां दूर हो जाती हैं। इसकी आवाज़ मस्तिष्क को शांति पहुंचाती है। घंटी की आवाज़ बंद नसों को खोलने में मदद करती है।

माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है

गरुड़ घंटी को हिंदू धर्म में बहुत अधिक पवित्र माना गया है। इसलिए जो व्यक्ति प्रतिदिन नहाने के बाद सुबह के समय इसे बजाता है तो इसका बहुत शुभ प्रभाव पड़ता है। इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न रहती है और अपनी कृपा उस घर पर हमेशा बनाए रखती है। यदि लक्ष्मी देवी किसी पर अपनी कृपा कर दे तो उस व्यक्ति का जीवन समृद्ध और खुशहाल हो जाता है। उसके घर में कभी पैसों की किल्लत नहीं आती और उसकी आय के साधन निरंतर रूप से बढ़ने लगते हैं।

परिवार के सदस्यों में तालमेल

गरुड़ घंटी को शास्त्रों में बहुत अधिक शुभ माना है जिन घरों में हर दिन इसको बजाया जाता है वहां पर रहने वाले सभी सदस्यों के बीच आपस में तालमेल बना रहता है। आपके घर में हर दिन किसी ना किसी बात को लेकर लड़ाई झगड़े होते रहते हैं तो नियमित रूप से पूजा के समय गरुड़ घंटी को अपने घर में बजाएं। इससे सभी सदस्यों में आपस में प्यार बढ़ेगा। इसके अलावा बहुत से ज्योतिषियों के अनुसार घंटी सृष्टि के आरंभ का प्रतीक है। इसलिए जब इसको रोज़ बजाया जाता है तो इंसान सीधा ईश्वर से जुड़ जाता है। ऐसी मान्यता है कि गरूड़ घंटी बजाने से मनुष्य की पूजा बहुत अधिक फलदायी और सफल हो जाती है।

तनाव मिटाकर मानसिक शांति देती है

मानसिक रूप से बहुत परेशान रहते हैं या अकसर बहुत अधिक तनाव में रहते हैं उन लोगों के लिए गरुड़ घंटी की ध्वनि काफी सहायता करती है। इसके द्वारा उनके मन को शांति मिलती है और उनके मानसिक तनाव में भी काफी कमी आती है। इसकी आवाज में भगवान नारद के संगीत का आभास होता है जो व्यक्ति को काफ़ी प्रसन्नता तथा भगवान से जुड़े रहने का आभास कराता है।

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