फर्नीचर और वास्तु- घर का सामान कहीं आपकी असफलता की वजह तो नहीं

फर्नीचर और वास्तु- घर का सामान कहीं आपकी असफलता की वजह तो नहीं

फर्नीचर और वास्तु- घर में बढ़ रहीं हैं नकारात्मकता तो करिये यह बदलाव

घर की सुन्दरता बढ़ाने के लिए फर्नीचर को सही ढंग से रखना बहुत जरूरी होता है इसलिए हमें फर्नीचर को रखते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए । सबसे पहले तो फर्नीचर को वास्तु शास्त्र के अनुसार रखना चाहिए क्योंकि ऐसा नहीं करने पर आपको कई तरह से नुकसान होने की संभावना बन सकती है । इसलिए हमेशा चीज़े को रखते समय वास्तु शास्त्र के अनुसार ही इनकी सजावट करनी चाहिए ।

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से घर में वास्तु शास्त्र के अनुसार फर्नीचर की सजावट करने के उपायों के बारे में बताने जा रहे है । कई बार वास्तु शास्त्र के अनुसार काम नहीं करने से व्यक्ति को नुकसान होने लगते है इसलिए इनसे बचने के लिए वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखना चाहिए।

वास्तु शास्त के अनुसार फर्नीचर में करिये यह बदलाव

●कई पेड़ नकारात्मक उर्जा से भरपूर होते है जिनके फर्नीचर का प्रयोग करने से घर तथा परिवार के सदस्यों पर नकारात्मक उर्जा का प्रभाव रहता है। इसलिए हमेशा पॉजिटिव ट्री की लकड़ी से बने फर्नीचर जैसे शीशम, चन्दन, अशोका, सागवान, साल, अर्जुन या नीम आदि को ही खरीदना चाहिए। इनका प्रयोग करना व्यक्ति के शुभ और लाभदायक माना जाता है ।

●फर्नीचर या लकड़ी से बने सामान को मंगलवार, शनिवार या अमावस्या के दिन खरीदना शुभ नहीं माना जाता है इसलिए इस बात को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि फर्नीचर या लकड़ी का सामान किसी शुभ दिन ही खरीदना चाहिए।

दिशा का रखें ध्यान

●भारी फर्नीचर को हमेशा वेस्ट दिशा में रखना चाहिए तथा हल्के सामान को नार्थ या ईस्ट में रखा चाहिए । इस मामले में लापरवाही बरतने या इसे जान बूझकर अनदेखा करने से पैसों संबंधी नुकसान होने की संभावना बन सकती है ।

●घर में लकड़ी का फर्नीचर बनवाते समय काम को दक्षिण या पश्चिम दिशा से शुरू करके इसे नार्थ – ईस्ट में खत्म करवाना चाहिए । इस तरीके का इस्तेमाल करने से परिवार की तरक्की में कोई बाधा नहीं आती है ।

●लकड़ी का सामान बनवाने के लिए खरीदी हुई लकड़ी को नार्थ – ईस्ट या अलग अलग नार्थ और ईस्ट में रखने से बचना चाहिए । इससे आपके काम में देर होने लगेगी साथ ही आपको पैसे संबंधी नुकसान भी हो सकता है।

बनवाएं यह आकृतियां

●फर्नीचर बनवाते समय कुछ आकृति जैसे राधा-कृष्ण, फूल, सूरज, शेर, चीता, मोर, घोड़ा, बैल, गाय, हाथी और मछली की आकृति आपके लिए शुभ मानी जाती है । आप इन्हें अपने फर्नीचर में बनवा सकते है । इसके साथ साथ आपको फर्नीचर पर हल्की पॉलिश करवानी चाहिए और डार्क और डल कलर्स जो नकारात्मक उर्जा फैलाते है, इनके प्रयोग से बचना चाहिए ।

●किनारों से फर्नीचर गोल होना चाहिए या बनवाना चाहिए । नुकीले किनारे बच्चों या बड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकते है और इनसे घर में नकारात्मक उर्जा भी बढ़ने लगती है । फर्नीचर की ऊंचाई का भी हमेशा ध्यान रखना चाहिए ताकि ये कभी छत से ना टकराए।

बेड की दिशा

●बेड की हेडबोर्ड की दिशा साउथ या वेस्ट में करनी चाहिए तथा इसके सामने वाली दीवार पर अच्छी सजावट या कलर करना चाहिए । इससे रात को नींद अच्छी आने के साथ साथ सोने वाले की सेहत भी बढ़िया रहती है ।

●ऑफिस के लिए हमेशा स्टील से बने फर्नीचर का इस्तेमाल करना चाहिए । इससे आपको पॉजिटिव उर्जा मिलने के साथ साथ पैसों का भी फायदा होने लगता है।

●फर्नीचर में ज्यादा कॉर्नर्स नहीं होने चाहिए क्योंकि इस तरह का फर्नीचर व्यक्ति के लिए कभी भी शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए घर या ऑफिस दोनों जगह कम कॉर्नर्स वाले फर्नीचर का प्रयोग करके किसी भी संभावित नुकसान से बचना चाहिए।

ऊपर दिए गए उपायों को ध्यान में रखते हुए आपको घर या ऑफिस के लिये ऐसी चीज़ों की खरीददारी करनी चाहिए या फिर इस तरह से बनवाना चाहिए। इसके साथ साथ फर्नीचर को वास्तु शास्त्र के अनुसार उचित दिशा में रखना चाहिए ताकि आपको किसी प्रकार का नुकसान ना हो। इन उपायों को हमेशा ध्यान में रखने से आप फर्नीचर को सही तरीके से सजाने के साथ साथ जीवन में कई तरह के फायदे ले सकते है।

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