जन्माष्टमी पर वृषभ राशि में उच्च रहेंगे चंद्रमा, इन राशियों पर भी बरसेगी कृष्ण की कृपा

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जन्माष्टमी हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे देशभर में उत्सव की तरह मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, सृष्टि पर जब-जब अधर्म बढ़ा या संकट आया तब-तब हर युग में भगवान विष्णु ने अवतार लिए। द्वापर युग में अधर्म का नाश करने और धर्म की स्थापना करने के लिए श्रीकृष्ण का जन्म भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में हुआ।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में आधी रात में हुआ था। इसलिए हर साल इसी तिथि व मुहूर्त में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। रात 12 बजते ही घर और मंदिरों में शंख और घंटियों की गूंज के साथ ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की!” के जयकारे लगने लगते हैं और कान्हा का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
जन्माष्टमी पर वृषभ राशि में उच्च रहेंगे चंद्रमा

पंचांग के मुताबिक जन्माष्टमी हर साल भाद्रपद (भादो) महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को होती है। लेकिन कैलेंडर (ग्रेगोरियन) के अनुसार हर साल तिथि बदल जाती है। इस वर्ष शुक्रवार 4 सितंबर 2026 को देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन शुभ योग और मुहूर्त में पूजा पाठ करने का विधान होता है। लेकिन सुख-समृद्धि के लिए ग्रह-नक्षत्रों की भी विशेष भूमिका होती है। इस साल जन्माष्टमी पर कई राशियों के भाग्योदय के योग बन रहे हैं। दरअसल जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च रहेंगे और अन्य दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिससे वृषभ समेत कई राशियों को लाभ हो सकता है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी किन राशियों का राशिफल रहेगा अच्छा।

जन्माष्टमी पर इन राशियों का होगा भाग्योदय

1. वृषभ राशि

जन्माष्टमी के दिन वृषभ राशि पर श्रीकृष्ण की खास कृपा बरसने वाली है। इस दिन चंद्रमा आपकी राशि में उच्च रहेंगे। श्रीकृष्ण की भक्ति प्रेम, सौंदर्य, आकर्षण और संगीत के प्रतीकों से जुड़ा है, जो शुक्र ग्रह से संबंधित है। जन्माष्टमी पर आपको विशेष लाभ मिल सकता है। शुक्र और चंद्रमा अटके हुए कार्यों को पूरा करने में सहायक साबित होंगे। करियर से जुड़ा लाभ हो सकता है और परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है।

उपाय- जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण को बांसुरी अर्पित करें और सिल्वर रंग का वस्त्र चढ़ाएं।

2. कर्क राशि

पौराणिक कथाओं में श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में बताया गया है। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, इसलिए जन्माष्टमी पर कर्क राशि वालों की मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन में वृद्धि होगी। कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ हो सकता है।

उपाय- जन्माष्टमी पर माखन-मिश्री का भोग लगाएं और कान्हा को सफेद वस्त्र अर्पित करें।

3. तुला राशि

जन्माष्टमी पर शुक्र अपनी स्वराशि तुला में रहेंगे और मंगल के साथ नवपंचम योग बनेगा। इन शुभ योग से तुला राशि वालों के भौतिक सुख-सुविधा में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति में पहले से सुधार होगा और बिजनेस में नई-नई डील्स मिल सकती हैं।

उपाय- जन्माष्टमी पर कच्चे दूध और गंगाजल से लड्डू गोपाल का अभिषेक करें।

4. धनु राशि

जन्माष्टमी पर ग्रह-नक्षत्रों से बनने वाले योग धनु राशि वालों के लिए भी लाभकारी साबित होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और व्यापार में लाभ होगा। वैवाहिक जीवन में प्यार बढ़ेगा और संतान सुख की प्राप्ति के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा वालों को कार्यक्षेत्र में पदोन्नति मिल सकती है।

उपाय- बाल गोपाल को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।

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Posted On - September 2, 2026 | Posted By - Admin | Read By -

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