Chandra Grahan 2026: 30 जुलाई से शुरू हुआ सावन (श्रावण) का पवित्र महीना अब समाप्ति की ओर है। शिव के प्रिय मास सावन में कई महत्वपूर्ण पर्व-त्योहार पड़ते हैं, जिसमें रक्षाबंधन भी एक है। सावन मास के अंतिम दिन सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है और इसके बाद भाद्रपद मास आरंभ हो जाता है। लेकिन इस वर्ष रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। जी हां, रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा, जो साल 2026 का आखिरी ग्रहण भी है। लेकिन क्या भारत में यह ग्रहण दिखाई देगा, क्या सूतक का प्रभाव रहेगा और कौन सी राशियां ग्रहण से प्रभावित होंगी? आइए जानते हैं इससे चंद्र ग्रहण से जुड़ी सारी जानकारी।
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को लग रहा है। यह इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण है। भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर लगेगा और दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर खत्म हो जाएगा। सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर चंद्र ग्रहण पीक पर रहेगा। इसी दिन भाई-बहन के अटूट प्रेम का पावन पर्व रक्षाबंधन भी मनाया जाएगा और सावन पूर्णिमा का व्रत भी इसी तिथि पर है।
रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। वहीं, सावन पूर्णिमा पर कई लोग व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं। ऐसे में चंद्र ग्रहण लगने की जानकारी के बीच लोगों के मन में कई तरह से सवाल आ रहे हैं, कि चंद्र ग्रहण के दौरान क्या रक्षाबंधन का त्योहार मना सकते हैं या पूजा-पाठ जैसे कार्य कर सकते हैं?
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण लगने की घटना को अशुभ माना जाता है। इसलिए इस समय पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य पूरी तरह से वर्जित होते हैं। रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण लगने से कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि, क्या ग्रहण का साया होने पर राखी बांधना शुभ रहेगा। बता दें कि, किसी भी ग्रहण का प्रभाव उसी स्थान पर होता है, जहां ग्रहण दृश्यमान होता है। 28 अगस्त को जब चंद्र ग्रहण लगेगा, उस समय भारत में सुबह रहेगी, जिस कारण यहां चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा। चंद्र ग्रहण दिखाई न देने के कारण भारत में चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी मान्य नहीं रहेगा।
ज्योतिषाचार्य और धार्मिक विद्वान यह सलाह देते हैं कि, सूतक मान्य न होने पर ग्रहणकाल में भी धार्मिक और मांगलिक कार्य पर कोई प्रतिबंध नहीं रहता है। इसलिए 28 अगस्त को लगने वाले चंद्र ग्रहण का असर भारत में नहीं पड़ेगा और लोग राखी बांधने के साथ ही अन्य सभी धार्मिक कार्य सामान्य तरीके से कर सकते हैं। हालांकि राखी बांधने से पहले पंचांग में अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और भद्राकाल जरूर देख लें, क्योंकि इन मुहूर्त में राखी नहीं बांधनी चाहिए।
28 अगस्त को चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लग रहा है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए चंद्र ग्रहण अनुकूल रहेगा और कौन सी राशियां ग्रहण से हो सकती हैं प्रभावित।
28 अगस्त को गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसमें चंद्रमा पृथ्वी की छाया में करीब 96 प्रतिशत आ जाएगा। खगोलीय गणना के मुताबिक, ग्रहण के प्रमुख चरणों के दौरान भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा, जिस कारण यहां चंद्र गहण दिखाई नहीं देगा। लेकिन अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका समेत दुनियाभर के अन्य हिस्सों में साल के अंतिम चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा।
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