Govardhan Puja 2026: गोवर्धन पूजा पांच दिवसीय दीपोत्सव में चौथा उत्सव होता है। हिंदू धर्म में इस पर्व को अहंकार पर विनम्रता की जीत के तौर पर मनाया जाता है और गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने का भी विधान है। गोवर्धन पूजा का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण, पशुओं और गोवर्धन पर्वत की स्मृति में मनाया जाने वाला त्योहार है। गोवर्धन पूजा के दिन कई लोग पूजा करते हैं, लेकिन राशि अनुसार पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं कि 2026 में गोवर्धन पूजा कब है और राशि के अनुसार पूजा कैसे करें।
पंचांग के अनुसार गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है, जो इस वर्ष मंगलवार, 10 नवंबर 2026 को पड़ रही है। आमतौर पर गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन होती है, लेकिन तिथि में फेर-बदल के कारण गोवधर्न पूजा इस वर्ष दिवाली के दो दिन बाद मनाई जाएगी।
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देवी-देवताओं की पूजा के लिए विशेष विधियां होती हैं, लेकिन जब आप राशि अनुसार पूजा करते हैं तो इससे विशेष कृपा और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सकता है। इसका कारण यह है कि ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, राशि चिन्ह की सभी राशियों का एक स्वामी ग्रह होता है। ऐसे में जब आप राशि अनुसार पूजा करते हैं या भोग अर्पित करते हैं तो कुंडली में संबंधित ग्रह दोष भी शांत होते हैं। यदि आपकी कुंडली में कोई दोष है और इसका व्यक्तिगत समाधान चाहते हैं या कुंडली का विश्लेषण कराना चाहते हैं तो ज्योतिषी से फ्री चैट कर सकते हैं। आइए जानते हैं राशि के अनुसार कैसे करें गोवर्धन पूजा और किन चीजों का भोग लगाएं।
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