बिजनेस में मिलेगा मुनाफा, यदि आपकी कुंडली में हैं यह योग

बिजनेस में मिलेगा मुनाफा, यदि आपकी कुंडली में हैं यह योग

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वर्तमान समय में कोरोना महामारी के चलते कई लोगों को अपने रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। लोग नौकरियां छोड़कर अपने ग्रह राज्यों की ओर जा रहे हैं। चूंकि लोगों के पास अब नौकरी नहीं है इसलिए हर कोई स्वरोजगार तलाशने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोग इंटरनेट के जरिये अपना व्यवसाय शुरु करने की सोच रहे हैं तो कुछ लोग उन जरुरी वस्तुओं का व्यापार करने की कोशिश में हैं जो इस कोरोना काल में जरुरी है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि कुंडली के वह कौन से योग हैं जो आपको एक सफल बिजनेस मैन/वुमैन बना सकते हैं। 

सफल बिजनेस बनने के योग

व्यवसाय शुरु करने से पहले कई लोग अपनी कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा आदि ज्योतिष से अवश्य दिखाते हैं और यह सही भी है। इससे आपको पता चल जाता है कि आपको व्यवसाय में मुनाफा होगा या नहीं। नीचे कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिये गए हैं जिनके कुंडली में होने से व्यक्ति को व्यवसाय में सफलता अवश्य मिलती है। 

कर्म भाव पर ग्रहों की दृष्टि

ज्योतिष में दशम भाव को कर्म भाव कहा जाता है, इस भाव पर यदि सूर्य, बुध की दृष्टि तो इसे व्यवसाय के लिए अच्छा माना जाता है। ऐसे लोगों को व्यवसाय में मुनाफा होता है। इसके साथ ही यदि दशम भाव में सू्र्य या बुध ग्रह में से कोई ग्रह विराजमान है तो यह भी कारोबार और अपना काम शुरु करने के लिए शुभ माना जाता है। 

दशम भाव में राहु

राहु को यूं तो ज्योतिष शास्त्र में क्रूर ग्रह के रूप में देखा जाता है लेकिन कुंडली के दशम भाव में यदि यह मजबूत अवस्था में हो या दशम भाव पर इसकी दृष्टि हो तो यह भी व्यवसाय के लिए शुभ माना जाता है। 

कुंडली में बृहस्पति 

बृहस्पति ग्रह को शुभ ग्रह माना जाता है और यह भाग्य का स्वामी भी कहा जाता है। कुंडली में यदि यह ग्रह दशम भाव में विराजमान है तो इस बहुत शुभ माना जाता है। ऐसे लोगों को व्यवसाय में मनचाही सफलता मिलने की संभावना होती है। 

मंगल की स्थिति

यदि कुंडली में मंगल दशम भाव में उच्च का हो तो व्यक्ति को व्यवसाय में सफलता मिलती है। ऐसे जातक विदेशी व्यापार में भी अच्छा धन कमा सकते हैं। 

बिजनेस में सफलता प्राप्त करने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

  • खुद का व्यापार या व्यवसाय शुरू करने के लिए दशम भाव का ही सबसे ज्यादा महत्व होता है। इसलिए कुंडली में दशम भाव का स्वामी जिन ग्रहों के साथ होता है उसके अनुसार ही व्यक्ति को व्यापार या अपना काम शुरु करना चाहिए।
  • दशम भाव के साथ ही लग्नेश का भी आपके कामका पर असर पड़ता है इसलिए उसकी स्थिति पर भी नजर डालना आवश्यक है।  
  • दशम भाव में यदि ज्यादा ग्रह हों तो जिस भी ग्रह की स्थिति सबसे ज्यादा मजबूत होती है उसके अनुसार व्यवसाय का चयन किया जाता है। 
  • कुंडली में लग्न पर या लग्नेश पर जिस ग्रह की दृष्टि पड़ती है उससे भी आपके व्यवसाय के बारे में विचार किया जा सकता है। 
  • एकादशेश जिस राशि में विराजमान होता है उस राशि की दिशा में व्यक्ति को लाभ होता है।
  • बुध जिस राशि में स्थित है उसका स्वामी यदि प्रबल अवस्था में है तो कारोबार में जातक को उन्नति मिलती है। 

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