November Vivah Muhurat 2026: ‘चातुर्मास’ यानी भगवान विष्णु की योगनिद्रा का समय, जिसमें पूरे चार महीने क्षीरसागर में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और विश्नाम करते हैं तब इस अवधि को चातुर्मास के नाम से जाना जाता है। चातुर्मास के दौरान हिंदू धर्म में शुभ-मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। नवंबर में देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जाएंगे, जिसके बाद चातुर्मास समाप्त हो जाएगा और फिर से शहनाइयों की गूंज और शादियों की रौनक चारों ओर दिखने लगेगी। आइए जानते हैं कब खत्म हो रहा है चातुर्मास और नवंबर-दिसंबर में कौन-कौन से दिन विवाह के लिए शुभ रहेंगे ।
पंचांग के अनुसार आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर 25 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी मनाई गई थी। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले गए थे और शुभ-मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई थी। अब पूरे चार महीने बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी पर 20 नवंबर 2026 को भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागेंगे और चातुर्मास भी समाप्त हो जाएगा। चातुर्मास खत्म होते ही विवाह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त निकाले जा सकते हैं। आइए जानते हैं चातुर्मास के बाद नवंबर और दिसंबर में हिंदू विवाह के लिए कौन-कौन सी तिथियां शुभ रहेंगी।
महत्वपूर्ण सुझाव- परंपरा के अनुसार हिंदू विवाह के लिए शुभ तिथि, मुहूर्त और नक्षत्रों का विशेष ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में यदि विवाह संपन्न हो तो इससे दांपत्य जीवन में प्रेम और खुशहाली बनी रहती है। उपर्युक्त बताई गई तिथियां नवंबर और दिसंबर में विवाह के लिए शुभ हैं। लेकिन विवाह के लिए अंतिम तिथि तय करने से पूर्व स्थानीय पंचांग और ज्योतिष से वर-वधू की जन्मकुंडली का मिलान कराएं। साथ ही विवाह की तिथि या कुंडली से जुड़ी जानकारी के लिए ज्योतिषी से फ्री चैट कर परामर्श भी ले सकते हैं।
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