षट्तिला एकादशी 2026
बुधवार, 14 जनवरी 2026 · Krishna पक्ष, एकादशी तिथि — तिल के छह उपयोगों का व्रत.
व्रत एवं पारण का समय
एकादशी तिथि भर व्रत रखा जाता है और अगली सुबह द्वादशी पर पारण समय-सीमा में तोड़ा जाता है। नीचे दिए समय नई दिल्ली के लिए हैं और अनुमानित हैं — अपने शहर के लिए पंचांग से सटीक तिथि और पारण की पुष्टि करें।

षट्तिला एकादशी
बुधवार, 14 जनवरी 2026
समय नई दिल्ली के लिए हैं और आपके स्थान के अनुसार बदलते हैं। आज का पंचांग देखें अपने शहर के लिए।
व्रत कैसे रखें
प्रातःकालीन संकल्प से लेकर द्वादशी पर पारण तक — चार सरल चरण।
ब्रह्म मुहूर्त में उठें, स्नान करें और शुद्ध एवं स्थिर मन से व्रत का संकल्प लें।
तुलसी, पुष्प, धूप और घी के दीपक से भगवान विष्णु की पूजा करें; फल और पंचामृत अर्पित करें।
अन्न और दालों का त्याग करें। दिन भर जप, कथा और दान में लगे रहें और रात्रि जागरण करें।
द्वादशी की प्रातःकाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर, दीन-दुखियों को भोजन कराने के बाद व्रत तोड़ें।
व्रत तभी पूर्ण होता है जब इसे सही ढंग से तोड़ा जाए: द्वादशी तिथि पर, पारण समय-सीमा में और एकादशी समाप्त होने के बाद। 2026 में षट्तिला एकादशी का पारण बुधवार, 14 जनवरी 2026 की अगली सुबह, नई दिल्ली में पड़ता है।
