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उत्पन्ना एकादशी 2026

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 · Krishna पक्ष, एकादशी तिथि — देवी एकादशी के प्रकट होने का दिन.

Krishna पक्षMargashirsha मासद्वादशी पर पारणअन्न-रहित व्रत
व्रत के बारे में पूछें
तिथि
4 दिसंबर 2026
दिन
शुक्रवार
पक्ष
Krishna
तिथि
एकादशी
चंद्र मास
Margashirsha
आज से
62 दिन बाद

व्रत एवं पारण का समय

एकादशी तिथि भर व्रत रखा जाता है और अगली सुबह द्वादशी पर पारण समय-सीमा में तोड़ा जाता है। नीचे दिए समय नई दिल्ली के लिए हैं और अनुमानित हैं — अपने शहर के लिए पंचांग से सटीक तिथि और पारण की पुष्टि करें।

उत्पन्ना एकादशी
विष्णु व्रत

उत्पन्ना एकादशी

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026

पारण · व्रत तोड़ना
07:02 AM – 09:08 AM
अवधि
2h 06m
उपवास समय-सीमा
Sunrise 4 Dec → 07:02 AM, 5 Dec
व्रत
अन्न-रहित
एकादशी तिथि आरंभ06:15 AM, Fri 4 Dec
एकादशी तिथि समाप्त08:38 AM, Sat 5 Dec

समय नई दिल्ली के लिए हैं और आपके स्थान के अनुसार बदलते हैं। आज का पंचांग देखें अपने शहर के लिए।

व्रत कैसे रखें

प्रातःकालीन संकल्प से लेकर द्वादशी पर पारण तक — चार सरल चरण।

संकल्प एवं स्नान

ब्रह्म मुहूर्त में उठें, स्नान करें और शुद्ध एवं स्थिर मन से व्रत का संकल्प लें।

विष्णु पूजा

तुलसी, पुष्प, धूप और घी के दीपक से भगवान विष्णु की पूजा करें; फल और पंचामृत अर्पित करें।

उपवास एवं जाप

अन्न और दालों का त्याग करें। दिन भर जप, कथा और दान में लगे रहें और रात्रि जागरण करें।

पारण

द्वादशी की प्रातःकाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर, दीन-दुखियों को भोजन कराने के बाद व्रत तोड़ें।

अगली सुबह — पारण

व्रत तभी पूर्ण होता है जब इसे सही ढंग से तोड़ा जाए: द्वादशी तिथि पर, पारण समय-सीमा में और एकादशी समाप्त होने के बाद। 2026 में उत्पन्ना एकादशी का पारण शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 की अगली सुबह, नई दिल्ली में पड़ता है।