| आज की तिथि | द्वितीय |
| नक्षत्र | रेवती तक 14:48 |
| ज्योतिष योग | ध्रुव |
| आज का करण | तैतिल |
| पक्ष | कृष्ण |
| वार | सोमवार |
| शक संवत | 1948 विश्वावसु |
| विक्रम संवत | 1948 विश्वावसु |
| तारा बल | कृतिका, मृगशीर्ष, पुनर्वसु, अश्लेषा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, उत्तरा अशधा, धनिष्ठा, पूर्व भद्रपद |
| चंद्र बल | कृतिका, मृगशीर्ष, पुनर्वसु, अश्लेषा, उत्तर फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, उत्तरा अशधा, धनिष्ठा, पूर्व भद्रपद |
| Planets | Rashi | Longitude | नक्षत्र | Pada |
|---|---|---|---|---|
| Ascendant | Virgo | 9°46′3″ | Uttara Phalguni | 4 |
| SUN | Virgo | 10°41′21″ | Hasta | 1 |
| MOON | Pisces | 27°38′5″ | Revati | 4 |
| MERCURY | Libra | 2°25′21″ | Chitra | 3 |
| VENUS | Libra | 13°44′9″ | Swati | 3 |
| MARS | Cancer | 5°42′54″ | Pushya | 1 |
| JUPITER | Cancer | 24°49′13″ | Ashlesha | 3 |
| SATURN | Pisces | 17°34′38″ | Revati | 1 |
| RAHU | Aquarius | 3°38′22″ | Dhanishta | 4 |
| KETU | Leo | 3°38′22″ | Magha | 2 |
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से पहले आज का पंचांग (aaj ka panchang) देखने की परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है। यही वजह है कि लोग रोज़ सुबह दैनिक पंचांग जैसी जानकारी ज़रूर देखना पसंद करते हैं।
हिन्दू पंचांग कैलेंडर केवल तारीख बताने वाला कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह दिन के शुभ-अशुभ समय, ग्रहों की स्थिति और ज्योतिषीय संकेतों की जानकारी देने वाला वैदिक माध्यम भी माना जाता है। दैनिक पंचांग की मदद से यह जाना जाता है कि आज कौन सी तिथि चल रही है, कौन सा वार है, कौन सा नक्षत्र प्रभाव में है और दिन का कौन सा समय शुभ माना जा रहा है।
आज के समय में भी कई लोग यात्रा, पूजा-पाठ, खरीदारी, नया बिज़नेस शुरू करने या किसी महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले आज का पंचांग तिथि वार नक्षत्र जरूर देखते हैं। मान्यता है कि सही समय पर शुरू किया गया काम सकारात्मक परिणाम देता है और रुकावटें कम आती हैं।
पंचांग ग्रहों, चंद्रमा और नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है। ज्योतिष के जानकार इसी की मदद से यह समझते हैं कि दिन का कौन सा समय शुभ रहेगा और किस समय सावधानी बरतनी चाहिए। यही वजह है कि पूजा-पाठ, विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीदारी, नई नौकरी, व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य से पहले आज का पंचांग (today panchang in hindi) जरूर देखा जाता है। दैनिक पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी जानकारियां दी जाती हैं, जिन्हें पंचांग के पांच मुख्य अंग माना गया है। इन पाँचों के आधार पर शुभ चौघड़िया (मुहूर्त) और दिन के प्रभाव का अनुमान लगाया जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर दिन ग्रहों की स्थिति बदलती रहती है, इसलिए हिन्दू पंचांग भी रोज अलग होता है। पुराने समय में लोग किसी भी शुभ कार्य से पहले पंचांग देखकर ही समय तय करते थे और आज भी यह परंपरा काफी हद तक जारी है। आसान भाषा में कहें तो आज का पंचांग तिथि, वार और नक्षत्र व्यक्ति को सही समय चुनने और दिन की बेहतर योजना बनाने में मदद करता है।
आज का पंचांग दिन की कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय जानकारियां देता है। इसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और पक्ष के साथ-साथ राहुकाल, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त जैसी बातें भी बताई जाती हैं।
इसके अलावा पंचांग ग्रहों की स्थिति, राशि परिवर्तन, गोचर और अन्य ज्योतिषीय प्रभावों की जानकारी भी देता है। यही कारण है कि ज्योतिषी किसी भी शुभ कार्य या पूजा का समय तय करने से पहले पंचांग जरूर देखते हैं।
A: आज का पंचांग दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय की जानकारी देने वाला वैदिक कैलेंडर माना जाता है।
A: पूजा-पाठ, यात्रा, खरीदारी, विवाह, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत से पहले शुभ समय जानने के लिए किया जाता है।
A: पंचांग के पांच मुख्य अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण माने जाते हैं।
A: हां, ग्रहों और चंद्रमा की स्थिति बदलने के कारण आज का पंचांग रोज़ बदलता रहता है।
A: पंचांग में ग्रहों और चंद्रमा की गणना के आधार पर तिथि, वार और नक्षत्र की जानकारी दी जाती है।
A: आज का चौघड़िया दिन और रात के समय को विभक्त करने वाला एक त्वरित समय-चक्र है। इसमें शुभ, लाभ, अमृत और चर को कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है, जबकि उद्वेग, रोग और काल नामक समय खंडों को अशुभ मानकर त्याग दिया जाता है।