हिंदू पंचांग में नवमी तिथि को सबसे शुभ और धार्मिक कार्यों के लिए सबसे श्रेष्ठ तिथि मानी जाती है। यह तिथि धर्म, शक्ति, विजय और दिव्य कृपा का प्रतीक मानी जाती है। नवमी चंद्र मास की नौवीं तिथि होती है और इसका संबंध मां दुर्गा, भगवान राम व अन्य देवी-देवताओं से होता है। नवमी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है नव और मी। नव संस्कृत का शब्द है जिसका नौ होता है, वहीं मी/अमी क्रम या अनुक्रम को दर्शाता है। यह तिथि महीने में दो बार आती है, एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में।
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तिथि |
वार |
चंद्र कला |
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11 जनवरी 2026 |
रविवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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26 जनवरी 2026 |
सोमवार |
शुक्ल पक्ष नवमी |
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10 फरवरी 2026 |
मंगलवार |
कृष्ण पक्ष नवमी (श्री राम दास नवमी) |
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25 फरवरी 2026 |
बुधवार |
शुक्ल पक्ष नवमी |
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12 मार्च 2026 |
गुरुवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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26 मार्च 2026 |
गुरुवार |
शुक्ल पक्ष नवमी (राम नवमी) |
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10 अप्रैल 2026 |
शुक्रवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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24 अप्रैल 2026 |
शुक्रवार |
शुक्ल पक्ष नवमी (सीता नवमी) |
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10 मई 2026 |
रविवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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24 मई 2026 |
रविवार |
शुक्ल पक्ष नवमी |
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09 जून 2026 |
मंगलवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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22 जून 2026 |
सोमवार |
शुक्ल पक्ष नवमी (महेश नवमी) |
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08 जुलाई 2026 |
बुधवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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22 जुलाई 2026 |
बुधवार |
शुक्ल पक्ष नवमी |
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06 अगस्त 2026 |
गुरुवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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20 अगस्त 2026 |
गुरुवार |
शुक्ल पक्ष नवमी |
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05 सितंबर 2026 |
शनिवार |
कृष्ण पक्ष नवमी (गोगा नवमी) |
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19 सितंबर 2026 |
शनिवार |
शुक्ल पक्ष नवमी |
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04 अक्टूबर 2026 |
रविवार |
कृष्ण पक्ष नवमी (अविधवा नवमी) |
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19 अक्टूबर 2026 |
सोमवार |
शुक्ल पक्ष नवमी (महा नवमी) |
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02 नवंबर 2026 |
सोमवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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18 नवंबर 2026 |
बुधवार |
शुक्ल पक्ष नवमी (अक्षय नवमी) |
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01 दिसंबर 2026 |
मंगलवार |
कृष्ण पक्ष नवमी |
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17 दिसंबर 2026 |
गुरुवार |
शुक्ल पक्ष नवमी |
हिंदू धर्म में नवमी तिथि में एक बेहद पवित्र और शक्तिशाली तिथि मानी जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस तिथि में भगवान राम और माता दुर्गा से जुड़े प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। नवमी के दिन शक्ति की उपासना, कन्या पूजन और हवन करके लोग अपने जीवन से नकारात्मकता को दूर करने और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। नवमी पर व्रत, पूजा और मंत्र जाप करने से मन की शुद्धि होती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसके अलावा, कई नवमी तिथियां परिवार की खुशहाली, वैवाहिक सुख, संतान और समृद्धि की कामना से भी जुड़ी हुई हैं।
राम नवमी: हिंदू पंचांग के अनुसार, रामनवमी का पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है जो अप्रैल-मई में आता है। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन मर्यादा-पुरूषोत्तम भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं व विधि-विधान से पूजा-पाठ व कन्या पूजन करते हैं। इसके अलावा, इस दिन भक्त रामायण का पाठ करते हैं। राम नवमी धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का संदेश देने वाला पर्व माना जाता है।
सीता नवमी: सीता नवमी, जिसे जानकी नवमी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार,यह दिन देवी सीता के प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। सनातन धर्म में इसे अत्यंत पावन और फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन माता सीता और भगवान राम की पूजा करते हैं तथा सुखी वैवाहिक जीवन और पारिवारिक खुशहाली की कामना करते हैं।
दुर्गा नवमी (महानवमी): दुर्गा नवमी (महानवमी) शारदीय और चैत्र नवरात्रि या दुर्गा पूजा का नौवां और अंतिम मुख्य दिन है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत और माँ दुर्गा की महिमा का प्रतीक है। इस दिन माता दुर्गा के नौवें स्वरूप यानी माँ सिद्धिदात्री की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इसी दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर नामक का वध कर विजय प्राप्त की थी। इसलिए महानवमी शक्ति, साहस और विजय का प्रतीक मानी जाती है।
अक्षय नवमी: हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी का पर्व मनाया जाता है। अक्षय नवमी को आंवला नवमी के नाम से भी जाना जाता है। सनातन धर्म में यह एक अत्यंत पवित्र त्योहार है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा, दान, और उपवास करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन किए गए शुभ कार्य और दान-पुण्य का फल अक्षय यानी कभी समाप्त नहीं होता।
प्रश्न1. दुर्गा नवमी तिथि कब है?
साल 2026 में दुर्गा नवमी (महानवमी) 19 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी
प्रश्न2. माँ दुर्गा को कौन सा फल नहीं चढ़ाना चाहिए?
माँ दुर्गा को कभी भी नींबू, इमली, नाशपाती और अंजीर जैसे फल नहीं चढ़ाने चाहिए।
प्रश्न3. कन्या पूजन अष्टमी या नवमी पर किया जाता है?
कन्या पूजा या कुमारी पूजा, नवरात्रि उत्सव के अष्टमी और नवमी को विशेष रूप से संपन्न होने वाला एक हिंदू पवित्र अनुष्ठान है।
प्रश्न4. अगर नौ कन्या ना मिले तो क्या करें?
आप 2, 5 या 7 कन्याओं के साथ भी पूजा संपन्न कर सकते हैं।
प्रश्न5. मां दुर्गा को कौन सा फूल प्रिय है?
मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए लाल गुड़हल का फूल सबसे प्रिय और उत्तम माना जाता है
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